{"_id":"67410daff3810275a00bf1b4","slug":"the-bus-stand-is-yearning-for-its-identity-kaithal-news-c-245-1-kht1001-124256-2024-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: अपनी पहचान को तरस रहा बस स्टैंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: अपनी पहचान को तरस रहा बस स्टैंड
विज्ञापन
कलायत। प्रतिदिन सैंकड़ों यात्रियों को अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचाने वाला कलायत बस स्टैंड लंबे समय से खुद अपनी पहचान को तरस रहा है। सर्दी के साथ साथ कोहरे का मौसम चल रहा है। हरियाणा रोडवेज की बसों में हजारों यात्री सफर करते हैं लेकिन कलायत बस स्टैंड पर दोनों मुख्य गेटों पर सांकेतिक बोर्ड न होने के कारण खास कर दूर दराज के यात्रियों को समस्या का सामना कर पड़ रहा है।
यात्रियों का कहना है कि सुबह व रात के समय जब कोहरा होता है तो बस में सवार होकर कलायत के बस स्टैंड का कई बार तो पता ही नहीं चल पाता की हम कहां पर पहुंच चुके हैं। मुख्य दोनों गेटों के साइन बोर्ड लंबे समय से फटे हुए हैं, लेकिन परिवहन विभाग इस और कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है। वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद क्षेत्र के लोगों को चंडीगढ़-हिसार राष्ट्रीय मार्ग पर बस स्टैंड की सौगात मिली थी।
काफी समय से दोनों मुख्य गेटों पर कोई साइन बोर्ड नहीं है। यात्रियों का कहना है कि यातायात सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही है। जमीनी स्तर पर सब कुछ होच-पोच है। सरकार ने जन सुविधा के मद्देनजर सभी विभागों को कार्यालय की पहचान सुनिश्चित करने के लिए साइन बोर्ड सहित महत्वपूर्ण प्रोटोकाल को पूरा करने के निर्देश दे रखे हैं।
विज्ञापन
इसके पीछे लक्ष्य व्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। ताकि लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हुए किसी विभाग या संस्थान की पहचान करने में कोई दिक्कत आड़े न आए। कलायत बस स्टैंड पर सुविधाएं जुटाने में न जाने क्यों रोडवेज विभाग पीछे है? बावजूद इसके कलायत के महत्व को विभाग की ओर से संजीदगी से न लेना हर किसी को हैरत में डाल रहा है। कलायत बस स्टैंड प्रभारी ने बताया कि साइन बोर्ड और अन्य सुविधाओं को लेकर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत करवाया है। उम्मीद है कि अधिकारी जल्द समस्या का हल करेंगे।
विज्ञापन
यात्रियों का कहना है कि सुबह व रात के समय जब कोहरा होता है तो बस में सवार होकर कलायत के बस स्टैंड का कई बार तो पता ही नहीं चल पाता की हम कहां पर पहुंच चुके हैं। मुख्य दोनों गेटों के साइन बोर्ड लंबे समय से फटे हुए हैं, लेकिन परिवहन विभाग इस और कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है। वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद क्षेत्र के लोगों को चंडीगढ़-हिसार राष्ट्रीय मार्ग पर बस स्टैंड की सौगात मिली थी।
विज्ञापन
काफी समय से दोनों मुख्य गेटों पर कोई साइन बोर्ड नहीं है। यात्रियों का कहना है कि यातायात सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही है। जमीनी स्तर पर सब कुछ होच-पोच है। सरकार ने जन सुविधा के मद्देनजर सभी विभागों को कार्यालय की पहचान सुनिश्चित करने के लिए साइन बोर्ड सहित महत्वपूर्ण प्रोटोकाल को पूरा करने के निर्देश दे रखे हैं।
विज्ञापन
इसके पीछे लक्ष्य व्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। ताकि लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हुए किसी विभाग या संस्थान की पहचान करने में कोई दिक्कत आड़े न आए। कलायत बस स्टैंड पर सुविधाएं जुटाने में न जाने क्यों रोडवेज विभाग पीछे है? बावजूद इसके कलायत के महत्व को विभाग की ओर से संजीदगी से न लेना हर किसी को हैरत में डाल रहा है। कलायत बस स्टैंड प्रभारी ने बताया कि साइन बोर्ड और अन्य सुविधाओं को लेकर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत करवाया है। उम्मीद है कि अधिकारी जल्द समस्या का हल करेंगे।