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Kaithal News: अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोपी को किया बरी
Sun, 01 Jun 2025 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 01 Jun 2025 12:56 AM IST
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कैथल। अतिरिक्त सेशन जज अनुपामिश मोदी ने अपहरण, रेप, धमकी और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में आरोपी को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया। इस बारे में लड़की ने महिला थाने में केस दर्ज करवाया था।
मामला अगस्त 2019 का है जब शक्ति नगर कैथल के आकाश की पीड़िता से सोशल मीडिया पर जान-पहचान हुई थी। दोनों आपस में मिलने लगे। आरोप है कि सितंबर 2019 में आकाश लड़की को बहला फुसला कर एक कैफे में ले गया। वहां उसने कोल्ड ड्रिंक में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर युवती को पिला दिया जिससे वह बेहोश हो गई। शिकायत के अनुसार उस समय लड़की की उम्र लगभग साढ़े 17 साल थी। आरोप लगाया था कि आकाश ने बेहोशी की हालत में शारीरिक संबंध बनाए। आकाश ने कहा कि मुझसे गलती हो गई है, मुझे माफ कर दो लेकिन बाद में उसने जान से मारने की धमकी दी।
यह था मामला
आकाश ने लड़की के अश्लील फोटो खींच लिए और ये फोटो इंटरनेट पर अपलोड करने की धमकी दी। इसके बाद आकाश लड़की को इमोशनल ब्लैकमेल करने लगा। आकाश लगातार दो साल तक लड़की का शोषण करता रहा। लड़की का आरोप है कि इस बीच वह गर्भवती भी हो गई थी लेकिन आकाश ने उसका गर्भपात करवा दिया। इस प्रकार आकाश लड़की के साथ दो साल तक गलत काम करता रहा और शादी का झांसा देकर ब्लैकमेल करता रहा।
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किए 16 गवाह पेश
महिला पुलिस ने केस दर्ज करके आकाश के गिरफ्तार कर लिया और चालान अदालत को सौंप दिया। मामले में 16 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की दलीलों से अदालत ने माना कि दो साल तक मर्जी से रिलेशन में रहना रेप नहीं कहा जा सकता। अनुपामिश मोदी ने दोनों पक्षों को सुना और गवाहों व सबूतों की रोशनी में आकाश को निर्दाेष पाया। अपने 39 पेज के फैसले में अदालत ने उसे बरी कर दिया। संवाद
मामला अगस्त 2019 का है जब शक्ति नगर कैथल के आकाश की पीड़िता से सोशल मीडिया पर जान-पहचान हुई थी। दोनों आपस में मिलने लगे। आरोप है कि सितंबर 2019 में आकाश लड़की को बहला फुसला कर एक कैफे में ले गया। वहां उसने कोल्ड ड्रिंक में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर युवती को पिला दिया जिससे वह बेहोश हो गई। शिकायत के अनुसार उस समय लड़की की उम्र लगभग साढ़े 17 साल थी। आरोप लगाया था कि आकाश ने बेहोशी की हालत में शारीरिक संबंध बनाए। आकाश ने कहा कि मुझसे गलती हो गई है, मुझे माफ कर दो लेकिन बाद में उसने जान से मारने की धमकी दी।
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यह था मामला
आकाश ने लड़की के अश्लील फोटो खींच लिए और ये फोटो इंटरनेट पर अपलोड करने की धमकी दी। इसके बाद आकाश लड़की को इमोशनल ब्लैकमेल करने लगा। आकाश लगातार दो साल तक लड़की का शोषण करता रहा। लड़की का आरोप है कि इस बीच वह गर्भवती भी हो गई थी लेकिन आकाश ने उसका गर्भपात करवा दिया। इस प्रकार आकाश लड़की के साथ दो साल तक गलत काम करता रहा और शादी का झांसा देकर ब्लैकमेल करता रहा।
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किए 16 गवाह पेश
महिला पुलिस ने केस दर्ज करके आकाश के गिरफ्तार कर लिया और चालान अदालत को सौंप दिया। मामले में 16 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की दलीलों से अदालत ने माना कि दो साल तक मर्जी से रिलेशन में रहना रेप नहीं कहा जा सकता। अनुपामिश मोदी ने दोनों पक्षों को सुना और गवाहों व सबूतों की रोशनी में आकाश को निर्दाेष पाया। अपने 39 पेज के फैसले में अदालत ने उसे बरी कर दिया। संवाद