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Kaithal News: 22 दिन में दोगुना हुआ तापमान
Fri, 06 Mar 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 06 Mar 2026 01:29 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मौसम के मिजाज में बीते तीन सप्ताह के भीतर चौकाने वाला बदलाव देखने को मिला है। महज 22 दिन पहले जिस शहर में न्यूनतम तापमान करीब 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा था और लोग हल्की ठंड का आनंद ले रहे थे, वहीं अब तेज धूप लोगों को परेशान करने लगी है।
वीरवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे मार्च की शुरुआत में ही अप्रैल जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है। दिन के समय सूरज के तेवर इतने तेज हो गए हैं कि लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। सुबह करीब 10 बजे के बाद ही धूप इतनी तीखी हो जाती है कि सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों को पसीना आने लगता है। लोग सीधी धूप से बचने के लिए छाया तलाशते नजर आ रहे हैं।
हालात यह हैं कि जो पंखे कुछ दिन पहले तक बंद पड़े थे, अब वे पूरी रफ्तार से चलने लगे हैं। कई घरों में एयर कंडीशनर की सर्विसिंग भी शुरू हो गई है। मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह बदलाव तेज रहा है। करीब 22 दिन पहले तक तापमान 17 डिग्री के आसपास था, जिससे सुबह-शाम ठंडक बनी रहती थी, लेकिन देखते ही देखते तापमान में 17 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया है। यानी तापमान लगभग दोगुना हो चुका है।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और शुष्क हवाओं के चलने के कारण गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। इस प्रकार तापमान का बढ़ना किसानों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। इस समय गेहूं की फसल पकने की अवस्था में है और अचानक बढ़ी गर्मी से फसल को नुकसान होने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार समय से पहले गर्मी बढ़ने से गेहूं के दाने सिकुड़ सकते हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
पिछले साल होली
पर हुई थी बारिश
2025 में होली 14 मार्च को थी। अल सुबह हुई बारिश और तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल को बिछा दिया था। जिले में दो दिन में औसतन करीब सात एमएम बारिश हुई थी। सबसे अधिक बरिश पूंडरी क्षेत्र में 15 एमएम दर्ज हुई थी। उस दिन अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री दर्ज किया गया था।
सेहत पर खतरा
तापमान में आए इस अचानक बदलाव का असर आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम का यह संक्रमण काल कई बीमारियों को बढ़ावा देता है। धूप से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीना या सीधे एसी में बैठना वायरल बुखार, गले में संक्रमण और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है।
डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को इस बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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कैथल। मौसम के मिजाज में बीते तीन सप्ताह के भीतर चौकाने वाला बदलाव देखने को मिला है। महज 22 दिन पहले जिस शहर में न्यूनतम तापमान करीब 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा था और लोग हल्की ठंड का आनंद ले रहे थे, वहीं अब तेज धूप लोगों को परेशान करने लगी है।
वीरवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे मार्च की शुरुआत में ही अप्रैल जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है। दिन के समय सूरज के तेवर इतने तेज हो गए हैं कि लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। सुबह करीब 10 बजे के बाद ही धूप इतनी तीखी हो जाती है कि सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों को पसीना आने लगता है। लोग सीधी धूप से बचने के लिए छाया तलाशते नजर आ रहे हैं।
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हालात यह हैं कि जो पंखे कुछ दिन पहले तक बंद पड़े थे, अब वे पूरी रफ्तार से चलने लगे हैं। कई घरों में एयर कंडीशनर की सर्विसिंग भी शुरू हो गई है। मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह बदलाव तेज रहा है। करीब 22 दिन पहले तक तापमान 17 डिग्री के आसपास था, जिससे सुबह-शाम ठंडक बनी रहती थी, लेकिन देखते ही देखते तापमान में 17 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया है। यानी तापमान लगभग दोगुना हो चुका है।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और शुष्क हवाओं के चलने के कारण गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। इस प्रकार तापमान का बढ़ना किसानों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। इस समय गेहूं की फसल पकने की अवस्था में है और अचानक बढ़ी गर्मी से फसल को नुकसान होने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार समय से पहले गर्मी बढ़ने से गेहूं के दाने सिकुड़ सकते हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
पिछले साल होली
पर हुई थी बारिश
2025 में होली 14 मार्च को थी। अल सुबह हुई बारिश और तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल को बिछा दिया था। जिले में दो दिन में औसतन करीब सात एमएम बारिश हुई थी। सबसे अधिक बरिश पूंडरी क्षेत्र में 15 एमएम दर्ज हुई थी। उस दिन अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री दर्ज किया गया था।
सेहत पर खतरा
तापमान में आए इस अचानक बदलाव का असर आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम का यह संक्रमण काल कई बीमारियों को बढ़ावा देता है। धूप से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीना या सीधे एसी में बैठना वायरल बुखार, गले में संक्रमण और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है।
डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को इस बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है।