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Kaithal News: तीन जिलों की टीम ने 11 मेडिकल स्टोर का स्टाॅक खंगाला, 5 कफ सिरप के भरे नमूने
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मेडिकल स्टोर पर रिकार्ड की जांच करते डीसीओ। विभाग
कैथल। जिले में शुक्रवार को तीन जिलों की संयुक्त ड्रग कंट्रोलर टीम ने कुल 11 मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा। इस दौरान टीम ने प्रतिबंधित कफ सिरप बेचने वाले संचालकों की दुकान का स्टाॅक खंगाला। कार्रवाई के तहत संदिग्ध दवाओं की जांच की गई और विभिन्न मेडिकल स्टोर से पांच कफ सिरप के नमूने लिए गए।
इसके साथ ही स्टोरों के बिल और रिकॉर्ड में अनियमितताएं भी पाई गईं। सिरप के लिए गए सैंपल को चंडीगढ़ लैब में भेजा जाएगा। वहीं रिकाॅर्ड आदि की पूरी रिपोर्ट सीनियर ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को भेज दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
अमर उजाला में 5 जून के अंक में मेडिकल स्टोर पर बिक रही प्रतिबंधित कफ सिरप का स्टिंग ऑपरेशन के तहत समाचार प्रकाशित किया गया था। इसके बाद विभाग हरकत में आया और सीनियर ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुनील दहिया ने करनाल के डीसीओ विकास राठी, यमुनानगर से बिंदू धीमान और कैथल से चेतन वर्मा की टीम गठित कर जांच कराई।
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रिकॉर्ड में मिलीं कमियां
संयुक्त टीम ने दिनभर चली इस कार्रवाई के दौरान कुल 11 मेडिकल स्टोरों के स्टॉक रजिस्टर, सेल-परचेज रिकॉर्ड और प्रतिबंधित दवाओं के नुस्खों की गहनता से जांच की। जांच के दौरान मेडिकल स्टोरों के रिकॉर्ड में अनियमितताएं और विसंगतियां पाई गईं। इन स्टोर संचालकों के पास कई दवाओं की खरीद और बिक्री का कोई वैध रिकॉर्ड या पक्का बिल मौजूद नहीं था। टीम ने मौके पर ही सभी कमियों को दर्ज कर लिया है और इन अनियमितताओं की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ ड्रग कंट्रोलर को आगामी प्रशासनिक कार्रवाई के लिए भेज दी है।
सैंपल फेल होने पर रद्द होगा लाइसेंस
कार्रवाई के दौरान संदिग्ध पाए गए 5 कफ सिरप के नमूनों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इन सभी नमूनों को चंडीगढ़ लैब में जांच के लिए भेजा जा रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि लैब की रिपोर्ट में ये नमूने फेल पाए जाते हैं या इनमें नशीले तत्वों की मात्रा तय मानकों से अधिक मिलती है, तो संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत उनका दवा बिक्री लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द किया जा सकता है और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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तीन जिलों की टीम ने 11 मेडिकल स्टोर की जांच की। इनमें से 5 सिरप के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - डाॅ. चेतन वर्मा, जिला ड्रग कंट्रोल अधिकारी
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इसके साथ ही स्टोरों के बिल और रिकॉर्ड में अनियमितताएं भी पाई गईं। सिरप के लिए गए सैंपल को चंडीगढ़ लैब में भेजा जाएगा। वहीं रिकाॅर्ड आदि की पूरी रिपोर्ट सीनियर ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को भेज दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
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अमर उजाला में 5 जून के अंक में मेडिकल स्टोर पर बिक रही प्रतिबंधित कफ सिरप का स्टिंग ऑपरेशन के तहत समाचार प्रकाशित किया गया था। इसके बाद विभाग हरकत में आया और सीनियर ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुनील दहिया ने करनाल के डीसीओ विकास राठी, यमुनानगर से बिंदू धीमान और कैथल से चेतन वर्मा की टीम गठित कर जांच कराई।
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रिकॉर्ड में मिलीं कमियां
संयुक्त टीम ने दिनभर चली इस कार्रवाई के दौरान कुल 11 मेडिकल स्टोरों के स्टॉक रजिस्टर, सेल-परचेज रिकॉर्ड और प्रतिबंधित दवाओं के नुस्खों की गहनता से जांच की। जांच के दौरान मेडिकल स्टोरों के रिकॉर्ड में अनियमितताएं और विसंगतियां पाई गईं। इन स्टोर संचालकों के पास कई दवाओं की खरीद और बिक्री का कोई वैध रिकॉर्ड या पक्का बिल मौजूद नहीं था। टीम ने मौके पर ही सभी कमियों को दर्ज कर लिया है और इन अनियमितताओं की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ ड्रग कंट्रोलर को आगामी प्रशासनिक कार्रवाई के लिए भेज दी है।
सैंपल फेल होने पर रद्द होगा लाइसेंस
कार्रवाई के दौरान संदिग्ध पाए गए 5 कफ सिरप के नमूनों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इन सभी नमूनों को चंडीगढ़ लैब में जांच के लिए भेजा जा रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि लैब की रिपोर्ट में ये नमूने फेल पाए जाते हैं या इनमें नशीले तत्वों की मात्रा तय मानकों से अधिक मिलती है, तो संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत उनका दवा बिक्री लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द किया जा सकता है और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
तीन जिलों की टीम ने 11 मेडिकल स्टोर की जांच की। इनमें से 5 सिरप के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - डाॅ. चेतन वर्मा, जिला ड्रग कंट्रोल अधिकारी

मेडिकल स्टोर पर रिकार्ड की जांच करते डीसीओ। विभाग