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Kaithal News: किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के तरीके बताए
Mon, 29 Sep 2025 02:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 29 Sep 2025 02:54 AM IST
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सीवन। खंड सीवन के पिसोल, मांझला और लैंडर कीमा गांव में रविवार को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर खंड कृषि अधिकारी डॉ. जगबीर सिंह ने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों जैसे बेलर मशीन, सुपर सीटर, मल्चर मशीन और कॉपर का उपयोग करके फसल अवशेषों का सही प्रबंधन करने के तरीके बताए।
डॉ. लांबा ने बताया कि इन यंत्रों का प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण की गुणवत्ता बनी रहती है। साथ ही, योजना के तहत ऐसे किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी, जो आधुनिक यंत्रों से फसल अवशेष प्रबंधन करेंगे। किसान अवशेष जलाते पाए गए, उन पर 5000 से 30 हजार रुपये तक का जुर्माना और एफआई आर दर्ज होगी। ऐसे किसानों के खेत की पहचान कर आगामी दो सीजन तक फसल का पंजीकरण और एमएसपी पर बिक्री रोकी जाएगी।
एटीएम अनूप माथुर ने भी फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, पोषक तत्वों का भंडार मजबूत होता है, जल धारण क्षमता बेहतर होती है, जैव विविधता बढ़ती है और पर्यावरण संतुलित रहता है। अभियान में कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे और किसानों को प्रेरित किया कि वे पर्यावरण की सुरक्षा और खेतों की उर्वरता के लिए फसल अवशेष प्रबंधन को अपनाएं। संवाद
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डॉ. लांबा ने बताया कि इन यंत्रों का प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण की गुणवत्ता बनी रहती है। साथ ही, योजना के तहत ऐसे किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी, जो आधुनिक यंत्रों से फसल अवशेष प्रबंधन करेंगे। किसान अवशेष जलाते पाए गए, उन पर 5000 से 30 हजार रुपये तक का जुर्माना और एफआई आर दर्ज होगी। ऐसे किसानों के खेत की पहचान कर आगामी दो सीजन तक फसल का पंजीकरण और एमएसपी पर बिक्री रोकी जाएगी।
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एटीएम अनूप माथुर ने भी फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, पोषक तत्वों का भंडार मजबूत होता है, जल धारण क्षमता बेहतर होती है, जैव विविधता बढ़ती है और पर्यावरण संतुलित रहता है। अभियान में कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे और किसानों को प्रेरित किया कि वे पर्यावरण की सुरक्षा और खेतों की उर्वरता के लिए फसल अवशेष प्रबंधन को अपनाएं। संवाद
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