फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   tea, rupees,not, sahab

चाय तक पीने के पैसे नहीं रहे साहब................

Fri, 18 Nov 2016 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल Updated Fri, 18 Nov 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
साहब चाय तक पीने के पैसे नहीं रहे है। पिछले एक सप्ताह से मजदूर चौक पर खाली बैठकर चले जाते हैं। नोटबंदी का ऐसा असर हुआ कि लोगों ने निर्माण का काम जैसे बंद ही कर दिया हो।
विज्ञापन

जीं हां.. जब सरकार ने 500 और 1000 के नोट बंद करने के फैसला आया है तभी से मजदूरों को एक दिन भी काम नहीं मिला है। मजदूर चौक पर प्रतिदिन करीब 300 मजदूर काम के लिए आते है। लेकिन अब केवल पांच से सात मजदूरों को ही काम मिल रहा है। चौक पर बैठे मजदूरों ने बताया कि वह अधिकतर मजदूर भवन निर्माण में कार्य करते है। पैसों के कमी के कारण पूरे शहर में भवन निर्माण के कार्य बंद हो चुके है। जिसके कारण उनको काम नहीं मिल रहा है। मजदूरों ने बताया कि जहां शहर में काम चल रहे थे काम बंद हो चुके है। लोगों के पास सामान खरीदने के पैसे नहीं है। 500 ओर 1000 का नोट नहीं आगे सामान देने वाले दुकानदार नहीं ले रहे है।
विज्ञापन

चाय तक पीने के पैसे नहीं रहे साहब-भवन निर्माण का काम करने वाले मिस्त्री प्रेम ने बताया कि प्रतिदिन मिस्त्रियों को काम मिल जाता था। लेकिन शहर में काम बंद हो चुका है। जिसके कारण वह मजदूर चौक पर बैठकर खाली समय बिता रहे है। उन्होंने बताया कि ऐसा हाल हो चुका है कि एक चाय तक पीने के पैसे जेब में नहीं रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रत्येक स्थिति में देश के साथ खड़ा रहूंगा-
मजदूर चौक के बाहर चाय का खोखा लगाने वाले राजू ने बताया कि वह सरकार के फैसले से पूरी तरह से खुश है। कुछ दिनों से काम में कमी है। लेकिन वह देश हित के लिए यह नुकसान उठाने में सक्षम है। उसने बताया कि देश के प्रधानमंत्री ने गरीब व अमीर के फासले का कम करने के लिए ऐसा फैसला लिया है। चाय चाहे एक भी ना बिके वह देश हित में रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed