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Kaithal News: कैलरम से बात्ता, सफर नहीं आसान
Sat, 29 Mar 2025 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 29 Mar 2025 01:36 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कैलरम से बात्ता गांव को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क साल भर से खस्ताहाल है। राहगीरों का कहना है कि यहां से गुजरा बड़ा कठिन है। वाहन चालकों के साथ खेतों में बुग्गी से बैल को जोतकर जाने वाले लोग परेशान हो रहे हैं। टूटी सड़क पर चलने से बैलों के पैरों में बजरी फंस जाती है।
इस सड़क की लंबाई करीब दो किलोमीटर तक की है और पिछले छह माह से इस सड़क पर ऐसे ही बजरी-पत्थरों से लोग परेशान हो रहे हैं। गौरतलब है कि नेशनल हाईवे 152 हिसार-चंडीगढ़ को यह सड़क आपस में जोड़ती है। इसलिए गांव और आसपास के लोगों के लिए यही एकमात्र मुख्य सड़क है।
राहगीर व वाहन चालक रवि, रोशन, अभिषेक, सुरेश और अमित ने बताया कि इस सड़क के निर्माण न होने के कई बार वाहन चालक अन्य रास्तों से होकर गुजरते है जिससे अधिक समय लगता है। रात के समय कई बार वाहन चालक टूटी सड़क होने कारण चोटिल भी हो चुके है।
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मात्र दो किलोमीटर की दूरी होने के कारण विभाग की ओर इस सड़क पर निर्माण कार्य अमल में नहीं लाया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में इस सड़क को बनाने की मांग विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों की ओर से की गई थी मगर अब भी इसकी सुध विभाग नहीं ले रहा है।
हाल ही में कैलरम गांव में एक डेरे के महंतों की ओर से मेडिकल कॉलेज की नींव डेरे की ओर से जमीन दी गई थी। यह संस्थान भी इसी सड़क पर है। ग्राम पंचायत के लोग इस संबंध में संबंधी विभाग को ज्ञापन सौंप चुके हैं
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग डिविजन नंबर एक के एक्सईएन राजकुमार ने बताया कि यह समस्या अभी संज्ञान में आई है। संबंधित ग्रामीणों की शिकायत आने के बाद आगामी कार्यवाही शुरू की जाएगी।
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कैथल। कैलरम से बात्ता गांव को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क साल भर से खस्ताहाल है। राहगीरों का कहना है कि यहां से गुजरा बड़ा कठिन है। वाहन चालकों के साथ खेतों में बुग्गी से बैल को जोतकर जाने वाले लोग परेशान हो रहे हैं। टूटी सड़क पर चलने से बैलों के पैरों में बजरी फंस जाती है।
इस सड़क की लंबाई करीब दो किलोमीटर तक की है और पिछले छह माह से इस सड़क पर ऐसे ही बजरी-पत्थरों से लोग परेशान हो रहे हैं। गौरतलब है कि नेशनल हाईवे 152 हिसार-चंडीगढ़ को यह सड़क आपस में जोड़ती है। इसलिए गांव और आसपास के लोगों के लिए यही एकमात्र मुख्य सड़क है।
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राहगीर व वाहन चालक रवि, रोशन, अभिषेक, सुरेश और अमित ने बताया कि इस सड़क के निर्माण न होने के कई बार वाहन चालक अन्य रास्तों से होकर गुजरते है जिससे अधिक समय लगता है। रात के समय कई बार वाहन चालक टूटी सड़क होने कारण चोटिल भी हो चुके है।
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मात्र दो किलोमीटर की दूरी होने के कारण विभाग की ओर इस सड़क पर निर्माण कार्य अमल में नहीं लाया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में इस सड़क को बनाने की मांग विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों की ओर से की गई थी मगर अब भी इसकी सुध विभाग नहीं ले रहा है।
हाल ही में कैलरम गांव में एक डेरे के महंतों की ओर से मेडिकल कॉलेज की नींव डेरे की ओर से जमीन दी गई थी। यह संस्थान भी इसी सड़क पर है। ग्राम पंचायत के लोग इस संबंध में संबंधी विभाग को ज्ञापन सौंप चुके हैं
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग डिविजन नंबर एक के एक्सईएन राजकुमार ने बताया कि यह समस्या अभी संज्ञान में आई है। संबंधित ग्रामीणों की शिकायत आने के बाद आगामी कार्यवाही शुरू की जाएगी।