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Kaithal News: मशरूम की ट्रेनिंग लेकर करें स्वरोजगार ः टाया
Sun, 02 Nov 2025 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 02 Nov 2025 11:50 PM IST
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02 ढांड 01 प्रशिक्षण शिविर में भाग लेते हुए युवा एवं महिलाएं।
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। युवा विकास केंद्र, चंदलाना में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हॉर्टिकल्चर स्किल्स इन इंडिया द्वारा तीन दिवसीय मशरूम प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक आरएन टाया ने कहा कि मशरूम ट्रेनिंग लेकर हम कम लागत में स्वरोजगार को कर सकते हैं।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कम लागत का स्वरोजगार है। इससे न केवल हमारी आय बढ़ती है, बल्कि हम आत्मनिर्भर भी बनते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागी मशरूम की किस्मों, उत्पादन तकनीक, खाद निर्माण, विपणन (मार्केटिंग) और प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त कर अपने स्तर पर कारोबार स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की प्रचुरता होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा विकास केंद्र चंदलाना के संयोजक राजकुमार गौड़ ने की। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में युवाओं के साथ महिलाएं भी बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
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ढांड। युवा विकास केंद्र, चंदलाना में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हॉर्टिकल्चर स्किल्स इन इंडिया द्वारा तीन दिवसीय मशरूम प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक आरएन टाया ने कहा कि मशरूम ट्रेनिंग लेकर हम कम लागत में स्वरोजगार को कर सकते हैं।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कम लागत का स्वरोजगार है। इससे न केवल हमारी आय बढ़ती है, बल्कि हम आत्मनिर्भर भी बनते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागी मशरूम की किस्मों, उत्पादन तकनीक, खाद निर्माण, विपणन (मार्केटिंग) और प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त कर अपने स्तर पर कारोबार स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की प्रचुरता होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा विकास केंद्र चंदलाना के संयोजक राजकुमार गौड़ ने की। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में युवाओं के साथ महिलाएं भी बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
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