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Kaithal News: संस्कृत विवि में 26 तक लें बिना विलंब शुल्क के प्रवेश
Fri, 18 Jul 2025 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 18 Jul 2025 12:33 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बिना किसी विलंब शुल्क के प्रवेश की अंतिम तिथि 26 जुलाई तक बढ़ा दी है। पहले यह तिथि 16 जुलाई थी और उसके बाद विलंब शुल्क देय था, लेकिन अब 26 जुलाई तक विलंब शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया गया है। इसके बाद प्रवेश लेने ले विद्यार्थियों को 500 रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
योग डिप्लोमा की सीटें 60 से बढ़ाकर 100 कर दी गई हैं, जिससे अधिक विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। योग शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने और स्वरोजगार के बढ़ते अवसरों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
अब एमए योग और डिप्लोमा योग कार्यक्रमों को छोड़कर सभी पाठ्यक्रमों में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दाखिले की अनुमति दी गई है। इससे चयन प्रक्रिया में लगने वाला समय बचेगा और विद्यार्थी आसानी से प्रवेश ले सकेंगे।
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आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को राहत देते हुए विश्वविद्यालय ने शुल्क भुगतान की प्रक्रिया भी लचीली बनाई है। अब ऐसे छात्र कुल शुल्क का केवल 50% राशि जमा कर तुरंत प्रवेश ले सकते हैं। शेष राशि 30 नवंबर 2025 तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के जमा की जा सकेगी। शैक्षणिक अधिष्ठाता एवं कुलसचिव प्रो. संजय गोयल ने बताया कि कुलपति प्रो. राजबीर सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी विद्यार्थी आर्थिक या अन्य कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।
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कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बिना किसी विलंब शुल्क के प्रवेश की अंतिम तिथि 26 जुलाई तक बढ़ा दी है। पहले यह तिथि 16 जुलाई थी और उसके बाद विलंब शुल्क देय था, लेकिन अब 26 जुलाई तक विलंब शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया गया है। इसके बाद प्रवेश लेने ले विद्यार्थियों को 500 रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
योग डिप्लोमा की सीटें 60 से बढ़ाकर 100 कर दी गई हैं, जिससे अधिक विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। योग शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने और स्वरोजगार के बढ़ते अवसरों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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अब एमए योग और डिप्लोमा योग कार्यक्रमों को छोड़कर सभी पाठ्यक्रमों में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दाखिले की अनुमति दी गई है। इससे चयन प्रक्रिया में लगने वाला समय बचेगा और विद्यार्थी आसानी से प्रवेश ले सकेंगे।
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आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को राहत देते हुए विश्वविद्यालय ने शुल्क भुगतान की प्रक्रिया भी लचीली बनाई है। अब ऐसे छात्र कुल शुल्क का केवल 50% राशि जमा कर तुरंत प्रवेश ले सकते हैं। शेष राशि 30 नवंबर 2025 तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के जमा की जा सकेगी। शैक्षणिक अधिष्ठाता एवं कुलसचिव प्रो. संजय गोयल ने बताया कि कुलपति प्रो. राजबीर सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी विद्यार्थी आर्थिक या अन्य कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।