{"_id":"57c723be4f1c1b386e2cb4d3","slug":"survey-report-students-wash-stenless-kaithal","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में बच्चे धो रहे बर्तन, स्वास्थ्य केंद्रों की टपक रही छत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में बच्चे धो रहे बर्तन, स्वास्थ्य केंद्रों की टपक रही छत
ब्यूरो कैथल
Updated Thu, 01 Sep 2016 12:07 AM IST
विज्ञापन
स्कूलों में बच्चे धो रहे बर्तन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूलों में बच्चे धो रहे बर्तन, स्वास्थ्य केंद्रों में छत टपक रही हैं और आंगनबाड़ी केंद्रों में गैस सिलेंडरों के पास बैठकर बच्चे पढ़ाए जा रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे यह बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की सर्वे टीम की रिपोर्ट कह रही है। बुधवार को लघु सचिवालय में आयोजित बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बैठक में विभाग की सर्वे टीम ने ग्राउंड रिपोर्ट अधिकारियों के सामने रखी। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिले में तमाम प्रयासों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा व आंगनबाड़ी में कई जगह हालात बदतर बने हुए हैं। वहीं अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर इन योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार पर जोर दिया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का हाल
अभियान से जुड़े अधिकारियों ने प्रशासन के सामने पीएचसी कांगथली की रिपोर्ट रखी। जहां इमरजेंसी दवाइयां नहीं मिलीं। कर्मचारियों की बायोमैट्रिक मशीन खराब पड़ी है। सीएचसी कलायत में एक मेडिकल ऑफिसर है। सीएचसी का भवन लीक है। बरसात में इसमें पानी रिसता है। वहां पर कोई स्वीपर नहीं है। पीएचसी देबन में कोई चौकीदार नहीं है। ट्रेनर फार्मासिस्ट दवाईयां दे रहे हैं। कोई डॉक्टर नहीं है। पीएचसी पूंडरी में भी कोई डॉक्टर नहीं है। ट्रेनी फार्मासिस्ट दवाएं दे रहे हैं।
एक कमरे में दो आंगनबाड़ी
कलायात की आंगनबाड़ी में एक कमरे में दो आंगनबाड़ी चल रही है। कोई टॉयलेट नहीं है। गैस सिलेंडर व खाना वहीं एक ही कमरे में बन रहा है जो खतरनाक स्थिति है। वहीं गांव बात्ता की आंगनबाड़ी में ग्रोथ चार्ट व रजिस्टर का डाटा आपस में मेल नहीं खा रहा। चावल में कीड़े चलते मिले। सीवन में पीने का पानी नहीं था।
विज्ञापन
नीचे नकल करते हैं इसलिए छत पर बैठाया
जमीनी स्तर पर शिक्षा भी बदहाल है। राजौंद के मिडिल स्कूल में छत पर कक्षाएं लगा रहे थे। विद्यार्थियों की लिखित परीक्षा ली जा रही थी। छत पर कोई दीवार व ग्रील नहीं थी। जब प्रिंसिपल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विद्यार्थी नीचे नकल करते हैं, इसलिए छत पर बैठाया गया है। गुहला एरिया के एक स्कूल में विद्यार्थी खाना खाने के बाद खुद बर्तन साफ करते हुए पाए गए।
खामियों को गंभीरता से लें अधिकारी : डीसी
डीसी रवि प्रकाश गुप्ता ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़े अधिकारियों को आदेश दिए कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्यों को गंभीरता से लें तथा इस अभियान को सफल बनाने के लिए कार्य प्रणाली में सुधार लाएं। उन्होंने कहा कि महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग अपने-अपने कार्य क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करने में सुधार करके लोगों का विश्वास हासिल करें। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं प्रदान करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
बैठक में एसडीएम कमलप्रीत कौर, ओमप्रकाश, नगराधीश वीरेंद्र सांगवान, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा, सिविल सर्जन मुनीष बंसल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र अहलावत, उप जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही व प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
स्वास्थ्य सेवाओं का हाल
अभियान से जुड़े अधिकारियों ने प्रशासन के सामने पीएचसी कांगथली की रिपोर्ट रखी। जहां इमरजेंसी दवाइयां नहीं मिलीं। कर्मचारियों की बायोमैट्रिक मशीन खराब पड़ी है। सीएचसी कलायत में एक मेडिकल ऑफिसर है। सीएचसी का भवन लीक है। बरसात में इसमें पानी रिसता है। वहां पर कोई स्वीपर नहीं है। पीएचसी देबन में कोई चौकीदार नहीं है। ट्रेनर फार्मासिस्ट दवाईयां दे रहे हैं। कोई डॉक्टर नहीं है। पीएचसी पूंडरी में भी कोई डॉक्टर नहीं है। ट्रेनी फार्मासिस्ट दवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
एक कमरे में दो आंगनबाड़ी
कलायात की आंगनबाड़ी में एक कमरे में दो आंगनबाड़ी चल रही है। कोई टॉयलेट नहीं है। गैस सिलेंडर व खाना वहीं एक ही कमरे में बन रहा है जो खतरनाक स्थिति है। वहीं गांव बात्ता की आंगनबाड़ी में ग्रोथ चार्ट व रजिस्टर का डाटा आपस में मेल नहीं खा रहा। चावल में कीड़े चलते मिले। सीवन में पीने का पानी नहीं था।
विज्ञापन
नीचे नकल करते हैं इसलिए छत पर बैठाया
जमीनी स्तर पर शिक्षा भी बदहाल है। राजौंद के मिडिल स्कूल में छत पर कक्षाएं लगा रहे थे। विद्यार्थियों की लिखित परीक्षा ली जा रही थी। छत पर कोई दीवार व ग्रील नहीं थी। जब प्रिंसिपल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विद्यार्थी नीचे नकल करते हैं, इसलिए छत पर बैठाया गया है। गुहला एरिया के एक स्कूल में विद्यार्थी खाना खाने के बाद खुद बर्तन साफ करते हुए पाए गए।
खामियों को गंभीरता से लें अधिकारी : डीसी
डीसी रवि प्रकाश गुप्ता ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़े अधिकारियों को आदेश दिए कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्यों को गंभीरता से लें तथा इस अभियान को सफल बनाने के लिए कार्य प्रणाली में सुधार लाएं। उन्होंने कहा कि महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग अपने-अपने कार्य क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करने में सुधार करके लोगों का विश्वास हासिल करें। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं प्रदान करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
बैठक में एसडीएम कमलप्रीत कौर, ओमप्रकाश, नगराधीश वीरेंद्र सांगवान, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा, सिविल सर्जन मुनीष बंसल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र अहलावत, उप जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही व प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।