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Kaithal News: विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा जल संरक्षण का पाठ

Fri, 04 Jul 2025 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 04 Jul 2025 12:56 AM IST
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Students will be taught lessons on water conservation
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (वासो) की ओर से जिला सलाहकार दीपक कुमार की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें उन्होंने बताया कि जुलाई माह में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई है। इसके तहत स्कूलों में विद्यार्थियों को जल संरक्षण और डायरिया से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बच्चों को जल संरक्षण के पांच प्रमुख सिद्धांत—रिड्यूस, रीयूज, रिचार्ज, रीसाइकिल और रिस्पेक्ट—की जानकारी दी जाएगी। साथ ही ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की संरचना और पानी की गुणवत्ता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर अपने क्षेत्र में हर महीने 16 स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसके अलावा आठ ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की बैठकें, 12 जल चौपाल, 10 आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम और प्रत्येक ग्राम जल एवं सीवरेज समिति में एक स्वयं सहायता समूह की सदस्य को जोड़ा जाएगा।
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सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को पेयजल की गुणवत्ता और संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। यह अभियान जिले के लगभग 350 विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से संचालित होगा। विभाग की टीमें स्कूलों में प्रधानाध्यापक की सहमति से कार्यक्रम आयोजित करेंगी, ताकि स्वच्छ पेयजल और जल संरक्षण का संदेश प्रभावी रूप से बच्चों तक पहुंच सके।

दीपक कुमार ने कहा कि हर घर तक शुद्ध जल पहुंचाना और हर नल पर टोंटी लगवाना सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि समाज और बच्चों की भी जिम्मेदारी है। यदि बच्चे जल का महत्व समझेंगे, तो समाज में सकारात्मक बदलाव अवश्य आएगा।


उन्होंने बताया कि ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर्स ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, डायरिया से बचाव और वर्षा जल संचयन के लिए जागरूकता फैलाएंगे। विशेष रूप से खंड कलायत और राजौंद जैसे जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में ग्रामीणों को जल संरक्षण के उपायों से जोड़ा जाएगा। दीपक कुमार ने यह भी बताया कि ग्रामीणों को एक पेड़ मां के नाम अभियान से जोड़कर पर्यावरण संतुलन और पारिवारिक भावना को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 की जानकारी दी जाएगी, ताकि किसी भी जल समस्या की स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके। इस अवसर पर रघबीर सिंह, विष्णु शर्मा, चंद्रशेखर, संदीप कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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