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Kaithal News: बढ़ी मार्केट फीस वापस न ली तो 10 को हड़ताल
Tue, 06 Feb 2024 04:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 06 Feb 2024 04:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से सब्जी व फल व्यापारियों पर थोपी गई मार्केट फीस के विरोध में आढ़तियों का विरोध लगातार जारी है। चीका सब्जी आढ़ती एसोसिएशन ने सोमवार को बैठक कर चेतावनी दी कि बढ़ी फीस वापस न ली तो 10 फरवरी को हड़ताल की जाएगी।
मंडी प्रधान हरेंद्र कालड़ा ने कहा कि सरकार ने कोरोना काल में फल व सब्जी व्यापारियों पर दो प्रतिशत ड्यूटी लगाई थी। अब एक मुश्त प्लस एक प्रतिशत फीस व्यापारियों से मांगी जा रही है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है। इस फीस को एडवांस में मांगा जा रहा।
कालड़ा ने कहा कि सरकार की नीति के अनुसार हर एक आढ़ती को पांच से सात लाख रुपये सालाना सरकार को देने ही पड़ेंगे। इतनी बड़ी रकम मार्केट फीस के रूप में देना आढ़तियों के लिए आसान नहीं है। कहा कि बढ़ाई गई मार्केट फीस के विरोध में सब्जी व्यापारियों ने 20 दिसंबर को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की थी, इसके बाद प्रदेश के कृषि मंत्री ने इस फीस को वापस लेने का वायदा किया था। सरकार ने इसे फीस को वापस नहीं लिया है। इसमें चलते सब्जी व फल व्यापारियों में रोष है।
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कालड़ा ने कहा कि गत एक फरवरी को रोहतक में बुलाई गई प्रदेश स्तरीय बैठक में आढ़तियों ने निर्णय लिया कि यदि बढ़ी फीस को आठ तक वापस नहीं लेती तो 10 फरवरी से प्रदेश भर की सब्जी मंडियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इस अवसर पर शेखर खट्टर, प्रदीप प्रजापति, विजय खुराना, ज्ञान चंद, महेंद्र सिंह, केवल खुराना व पुनीत छाबड़ा आदि मौजूद रहे।
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गुहला-चीका। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से सब्जी व फल व्यापारियों पर थोपी गई मार्केट फीस के विरोध में आढ़तियों का विरोध लगातार जारी है। चीका सब्जी आढ़ती एसोसिएशन ने सोमवार को बैठक कर चेतावनी दी कि बढ़ी फीस वापस न ली तो 10 फरवरी को हड़ताल की जाएगी।
मंडी प्रधान हरेंद्र कालड़ा ने कहा कि सरकार ने कोरोना काल में फल व सब्जी व्यापारियों पर दो प्रतिशत ड्यूटी लगाई थी। अब एक मुश्त प्लस एक प्रतिशत फीस व्यापारियों से मांगी जा रही है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है। इस फीस को एडवांस में मांगा जा रहा।
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कालड़ा ने कहा कि सरकार की नीति के अनुसार हर एक आढ़ती को पांच से सात लाख रुपये सालाना सरकार को देने ही पड़ेंगे। इतनी बड़ी रकम मार्केट फीस के रूप में देना आढ़तियों के लिए आसान नहीं है। कहा कि बढ़ाई गई मार्केट फीस के विरोध में सब्जी व्यापारियों ने 20 दिसंबर को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की थी, इसके बाद प्रदेश के कृषि मंत्री ने इस फीस को वापस लेने का वायदा किया था। सरकार ने इसे फीस को वापस नहीं लिया है। इसमें चलते सब्जी व फल व्यापारियों में रोष है।
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कालड़ा ने कहा कि गत एक फरवरी को रोहतक में बुलाई गई प्रदेश स्तरीय बैठक में आढ़तियों ने निर्णय लिया कि यदि बढ़ी फीस को आठ तक वापस नहीं लेती तो 10 फरवरी से प्रदेश भर की सब्जी मंडियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इस अवसर पर शेखर खट्टर, प्रदीप प्रजापति, विजय खुराना, ज्ञान चंद, महेंद्र सिंह, केवल खुराना व पुनीत छाबड़ा आदि मौजूद रहे।