फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   strike in mandi

धान खरीद नहीं होने पर मंडी का गेट बंद कर किसानों ने की हड़ताल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2019 01:18 AM IST
विज्ञापन
strike in mandi
strike in mandi - फोटो : Kaithal
पिछले दो दिनों से मंडी में फसल की खरीद का इंतजार कर रहे किसान वीरवार को भड़क गए । जब तीसरे दिन भी बिक्री शुरू नहीं हुई तो किसानों ने मंडी के दोनों गेट बंद कर मंडी में हड़ताल शुरू कर दी। किसानों ने मंडी के दोनों गेटों पर ट्रैक्टर खड़े कर दिए। न तो वाहनों को मंडी में घुसने दिया और न ही जाने दिया। हड़ताल की सूचना पाकर जिला प्रशासन के अधिकारी, मार्केट कमेटी के अधिकारी व पुलिस बल व खरीद एजेंसियों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शैलरों को मंडी में बुलाकर खरीद शुरू करवाई तब जाकर किसान शांत हुए और हड़ताल वापस ली।
विज्ञापन

सुबह छह बजे से लेकर 11 बजे तक चली हड़ताल के दौरान किसानों ने प्रदेश सरकार, खरीद एजेंसियों के अधिकारियों और डीएफएससी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों के मांगों को देखते हुए व फसल की बिक्री शुरू करवाने की मांग को लेकर मंडी की आढ़ती एसोसिएशन ने भी किसानों की हड़ताल को जायज बताया। आढ़तियों ने कहा कि किसान तीन-तीन दिन से मंडी में बैठे हैं, लेकिन खरीद के लिए कोई शैलर मंडी में नहीं आ रहा। खरीद एजेंसियों को चाहिए कि वे मंडियों में शैलरों को भेजकर जल्द से जल्द फसल की खरीद शुरू करवाए।
विज्ञापन

किसान संदीप कुमार, पुरुषोतम, काला, सोनू, राजपाल, रमेश व रघुवीर सिंह ने बताया कि वे दो-तीन दिन से मंडी में फसल लिए बैठे हैं, लेकिन अभी तक कोई खरीददार नहीं आया। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी मंडी के किसानों ने इस संबंध में अधिकारियों को शिकायत की थी और वीरवार को भी मार्केट कमेटी में व अन्य जगहों पर शिकायत केे लिए गए, लेकिन जब वहां कोई अधिकारी नहीं मिला तो उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक तो एजेंसियां खरीद के लिए नहीं आ रही और अगर कोई आती है तो वह नमी ज्यादा होने का बहाना बनाकर ढेरियों को नहीं खरीद रही। नमी तो पहले बिकी फसल में भी थी, लेकिन अब जान बूझकर किसानों को मंडी में बैठाया जा रहा है ताकि वे तंग आकर 1835 की बजाय 1500-1500 रुपये में फसल बेचने के लिए मजबूर हो जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जो फसल एजेंसियों ने दो दिन पहले तक खरीदी है, उसमें इससे भी ज्यादा नमी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन श्याम बहादुर खुरानिया, प्रधान तरसेम गर्ग, उपप्रधान श्रवण कुमार, देवेंद्र सिंह, गुलाब सिंह, संजीव कुमार, अशोक व रमेश ने कहा कि किसानों को तंग आकर मंडी में हड़ताल करनी पड़ी। इस संबंध में उन्होंने मंडी के आढ़तियों से भी बातचीत की थी, जिस पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उन्हें कहा कि वे किसानों से अलग नहीं चलेंगे। किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए एसोसिएशन उनके साथ रहेगी। कल भी वे इस संबंध में जिला प्रशासन से मिले थे।
मंडी बंद की सूचना पर कैथल तहसीलदार नरेंद्र कुमार, मार्केट कमेटी के सहायक सचिव चंद्र सिंह राठी, सिटी थाना एसएचओ प्रदीप कुमार व पुलिस के दर्जनों कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हड़ताल कर रहे किसानों से बातचीत कर हड़ताल खुलवाई। करीब दो घंटे तक किसानों, आढ़तियों और अधिकारियों के बीच खरीद को लेकर बातचीत हुई। अधिकारियों ने मौके पर खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधियों को बुलाया व धान की ढेरियों की नमी जांच कर खरीद शुरू करवाई। मार्केट कमेटी के सहायक सचिव चंद्र सिंह ने कहा कि किसान और आढ़ती मंडी में व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग दें।

हैफेड खरीद एजेंसी की ओर से पहुंचे मैनेजर संजीव कुमार व डीएफएससी से इंस्पेक्टर सोमनाथ ने कहा कि एजेंसियों की ओर से मंडी में फसल की खरीद लगातार की जा रही है। सरकार की ओर से 17 प्रतिशत नमी तक की फसल को पूरे 1835 रुपये प्रति क्विंटल रेट में खरीदा जा रहा है, लेकिन इस समय नमी ज्यादा आ रही है। जांच करने पर 22 से 28 प्रतिशत के बीच नमी फसल में आ रही है, जिस कारण खरीद में देरी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से मंडियों को अलॉट किए गए मिलों की खरीद क्षमता पूरी हो चुकी है, जिस कारण मिल मालिक खरीद के लिए नहीं आ रहे। क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार को पत्र लिखकर अवगत करवाया गया है।

strike in mandi

strike in mandi- फोटो : Kaithal

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed