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Kaithal News: लावारिस पशु बने मुसीबत सड़कों पर बढ़ रहा खतरा
Wed, 17 Dec 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 17 Dec 2025 01:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे गेट, डोगरा गेट, चंदाना गेट, माता गेट और सीवन गेट जैसी प्रमुख सड़कों पर आवारा पशु बैठे रहते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए आवाजाही मुश्किल हो गई है। दिन के साथ-साथ रात के समय भी यह स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इन प्रमुख मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़कों पर आवारा पशुओं के बैठे रहने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है और यातायात प्रभावित होता है। कई बार अचानक पशु सामने आ जाने से कारों और दोपहिया वाहनों को नुकसान भी पहुंच रहा है। रात के समय रोशनी कम होने के कारण हादसों की आशंका और बढ़ जाती है।
दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि आवारा पशु सड़कों के किनारे लगे कूड़े के ढेरों में मुंह मारते रहते हैं, जिससे गंदगी फैल रही है और शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। लोगों ने मांग की है कि नगर परिषद इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में भिजवाने की ठोस व्यवस्था करे, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके और लोगों को राहत मिल सके।
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पशु पकड़ने का अभियान पड़ा सुस्त
सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए एजेंसी हायर की जाती है, जिस पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। बावजूद इसके, लंबे समय से पशु पकड़ने का अभियान सुस्त पड़ा हुआ है। यही कारण है कि शहर की लगभग हर गली, सड़क, वार्ड और कॉलोनी में आवारा पशु आसानी से देखे जा सकते हैं। आवारा पशुओं को पकड़ने में संबंधित एजेंसी की लापरवाही अब लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है। शहरवासियों महेश शर्मा, दीपक भारद्वाज और मोहन ने प्रशासन से मांग की है कि पशुओं को शीघ्र सड़कों से हटाया जाए, ताकि लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों से निजात मिल सके और सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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कैथल। शहर में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे गेट, डोगरा गेट, चंदाना गेट, माता गेट और सीवन गेट जैसी प्रमुख सड़कों पर आवारा पशु बैठे रहते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए आवाजाही मुश्किल हो गई है। दिन के साथ-साथ रात के समय भी यह स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इन प्रमुख मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़कों पर आवारा पशुओं के बैठे रहने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है और यातायात प्रभावित होता है। कई बार अचानक पशु सामने आ जाने से कारों और दोपहिया वाहनों को नुकसान भी पहुंच रहा है। रात के समय रोशनी कम होने के कारण हादसों की आशंका और बढ़ जाती है।
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दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि आवारा पशु सड़कों के किनारे लगे कूड़े के ढेरों में मुंह मारते रहते हैं, जिससे गंदगी फैल रही है और शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। लोगों ने मांग की है कि नगर परिषद इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में भिजवाने की ठोस व्यवस्था करे, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके और लोगों को राहत मिल सके।
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पशु पकड़ने का अभियान पड़ा सुस्त
सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए एजेंसी हायर की जाती है, जिस पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। बावजूद इसके, लंबे समय से पशु पकड़ने का अभियान सुस्त पड़ा हुआ है। यही कारण है कि शहर की लगभग हर गली, सड़क, वार्ड और कॉलोनी में आवारा पशु आसानी से देखे जा सकते हैं। आवारा पशुओं को पकड़ने में संबंधित एजेंसी की लापरवाही अब लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है। शहरवासियों महेश शर्मा, दीपक भारद्वाज और मोहन ने प्रशासन से मांग की है कि पशुओं को शीघ्र सड़कों से हटाया जाए, ताकि लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों से निजात मिल सके और सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।