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Kaithal News: स्कूलों में देखी डिजिटल संसाधनों की स्थिति
Thu, 10 Jul 2025 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 10 Jul 2025 12:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त निदेशक कमलप्रीत कौर ने बुधवार को जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में डिजिटल संसाधनों—जैसे आईसीटी लैब, लैंग्वेज लैब, डिजिटल बोर्ड और टैबलेट की स्थिति व उपयोगिता की समीक्षा की। इस निरीक्षण का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
इससे पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कैथल में आयोजित बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी रोहतास, जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल तथा सभी खंड शिक्षा अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक के बाद कमलप्रीत कौर ने जाखौली अड्डा, कैलरम, बात्ता और कैथल स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्कूलों में डिजिटल संसाधनों की स्थिति संतोषजनक पाई गई।
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स्कूलों को निर्देशित किया गया कि आईसीटी से संबंधित कोई उपकरण खराब हो तो तत्काल उसकी मरम्मत के लिए सूचना दें। उन्होंने लैब्स में इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति पर भी विचार किया गया और आवश्यक सुधार के भी कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों में दिखाया जाने वाला डिजिटल कंटेंट अधिकृत एजेंसी से प्रमाणित हो। इस बाबत जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी करने को कहा गया।
जिला शिक्षा अधिकारी रोहतास ने बताया कि जिले को विद्यार्थियों के लिए 27,672 और शिक्षकों के लिए 1,870 टैबलेट प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अब तक क्रमशः 27,532 और 1,750 टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं। शेष टैबलेट शीघ्र वितरित किए जाएंगे।
विद्यार्थियों की भाषाई दक्षता बढ़ाने पर बल दिया
अतिरिक्त निदेशक कमलप्रीत कौर ने निर्देश दिए कि डिजिटल बोर्ड का उपयोग केवल व्हाइटबोर्ड के रूप में नहीं, बल्कि ऑडियो-विजुअल शिक्षण माध्यम के रूप में किया जाए। आईसीटी लैब के सभी कंपोनेंट्स अपडेट किए जाएं और छात्रों को नियमित कंप्यूटर शिक्षा दी जाए। लैंग्वेज लैब का नियमित संचालन कर विद्यार्थियों की भाषाई दक्षता बढ़ाने पर बल दिया गया।
उन्होंने कहा कि टैबलेट का रिकॉर्ड पारदर्शिता से रखा जाए और उपकरणों की मरम्मत में कोई देरी न हो। स्कूलों में डिजिटल उपकरणों के आस-पास साफ-सफाई विशेष रूप से सुनिश्चित की जाए। शिक्षकों को डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे छात्रों को रोचक व तकनीकी रूप से समृद्ध शिक्षा दे सकें।
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कैथल। अतिरिक्त निदेशक कमलप्रीत कौर ने बुधवार को जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में डिजिटल संसाधनों—जैसे आईसीटी लैब, लैंग्वेज लैब, डिजिटल बोर्ड और टैबलेट की स्थिति व उपयोगिता की समीक्षा की। इस निरीक्षण का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
इससे पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कैथल में आयोजित बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी रोहतास, जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल तथा सभी खंड शिक्षा अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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बैठक के बाद कमलप्रीत कौर ने जाखौली अड्डा, कैलरम, बात्ता और कैथल स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्कूलों में डिजिटल संसाधनों की स्थिति संतोषजनक पाई गई।
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स्कूलों को निर्देशित किया गया कि आईसीटी से संबंधित कोई उपकरण खराब हो तो तत्काल उसकी मरम्मत के लिए सूचना दें। उन्होंने लैब्स में इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति पर भी विचार किया गया और आवश्यक सुधार के भी कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों में दिखाया जाने वाला डिजिटल कंटेंट अधिकृत एजेंसी से प्रमाणित हो। इस बाबत जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी करने को कहा गया।
जिला शिक्षा अधिकारी रोहतास ने बताया कि जिले को विद्यार्थियों के लिए 27,672 और शिक्षकों के लिए 1,870 टैबलेट प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अब तक क्रमशः 27,532 और 1,750 टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं। शेष टैबलेट शीघ्र वितरित किए जाएंगे।
विद्यार्थियों की भाषाई दक्षता बढ़ाने पर बल दिया
अतिरिक्त निदेशक कमलप्रीत कौर ने निर्देश दिए कि डिजिटल बोर्ड का उपयोग केवल व्हाइटबोर्ड के रूप में नहीं, बल्कि ऑडियो-विजुअल शिक्षण माध्यम के रूप में किया जाए। आईसीटी लैब के सभी कंपोनेंट्स अपडेट किए जाएं और छात्रों को नियमित कंप्यूटर शिक्षा दी जाए। लैंग्वेज लैब का नियमित संचालन कर विद्यार्थियों की भाषाई दक्षता बढ़ाने पर बल दिया गया।
उन्होंने कहा कि टैबलेट का रिकॉर्ड पारदर्शिता से रखा जाए और उपकरणों की मरम्मत में कोई देरी न हो। स्कूलों में डिजिटल उपकरणों के आस-पास साफ-सफाई विशेष रूप से सुनिश्चित की जाए। शिक्षकों को डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे छात्रों को रोचक व तकनीकी रूप से समृद्ध शिक्षा दे सकें।