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जिले को मिला सरकार में हिस्सा, मंत्री बनकर कैथल पहुंचीं तो हुआ स्वागत
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state minister
- फोटो : Kaithal
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कलायत हल्के से राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनीं कमेलश ढांडा ने कहा कि हमारा क्षेत्र से नशा समाप्ति पर फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री ने भी नशे के खिलाफ विशेष मुहिम का ऐलान किया है। जब क्षेत्र का युवा नशा मुक्त होगा तो हरियाणा में सभी का तेजी से विकास होगा। प्रदेश भर में महिला, युवाओं का मान - सम्मान रखते हुए उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा। जो भी समस्याएं हैं, उन्हेें दूर करने का काम करेंगे। इसी के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सहित रोजगार पर जोर रहेगा। मंत्री बनने के बाद पहली बार कमलेश कैथल पहुंचीं तो लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में उनका जोरदार स्वागत किया गया।
मंत्री ने कहा कि गली मोहल्लों व चौक - चौराहों पर अवैध खुर्दों में शराब नहीं बिकने दी जाएगी। यहां डीसी और एसपी भी मौजूद हैं, मेरा उनसे आग्रह है कि वे इस तरह से बिक रही शराब पर अंकुश लगाएं। रोजगार के क्षेत्र में पिछड़ेपन के सवाल पर उन्होंने कहा कि यहां से पहले विपक्ष के विधायक थे। लेकिन अब विधायक भी भाजपा के हैं और मंत्री भी बनाया गया है। इसीलिए पूरा प्रयास रहेगा कि रोजगार व अन्य क्षेत्रों में जिले का विकास हो। उन्होंने कहा कि कैथल से विधायक लीला राम, पूंडरी से निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन व गुहला से भी विधायक ईश्वर सिंह भी सरकार के साथ हैं। इसीलिए सभी के साथ मिलकर नशा के खिलाफ और क्षेत्र के विकास के लिए काम किया जाएगा।
जोरदार हुआ स्वागत, मंत्री से मिलने को हुई धक्का-मुक्की
मंत्री कमेलश ढांडा के कैथल पहुंचने की सूचना से पहले ही भारी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता पीडब्ल्यूडी विश्रामगृह में पहुंच गए थे। उनके पहुंचने से कुछ ही क्षण पहले ही डीसी डा. प्रियंका सोनी, एसपी विरेंद्र विज भी पहुंचे । जैसे ही मंत्री पहुंची तो कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से उनका अभिनंदन किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की। वहीं बाहर कार्यकर्ताओं में मंत्री से मिलने के लिए खूब धक्का-मुक्की हुई। पुलिस को भीड़ संभालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। इससे पूर्व गांव क्योडक़ में भी मंत्री का जोरदार स्वागत हुआ।
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कलायत। कलायत विधानसभा से विधायक बनीं महिला को एक बार फिर से मंत्रिमंडल में जगह मिलने के साथ ही इतिहास ने अपने आप को फिर दोहराया है। कलायत विधानसभा का इतिहास रहा है कि जब भी किसी राजनीतिक दल ने महिला प्रत्याशी पर भरोसा करके चुनाव में उतारा, उसने डंके की चोट पर जीत दर्ज की। केवल जीत ही नहीं विजयी रहने वाली महिला प्रत्याशी विधानसभा में मंत्री भी बनीं। देश के आजाद होने के बाद पैप्सू का हिस्सा बने कलायत हलका को बाद में पंजाब बनने के बाद कैथल में मिला दिया गया। आजाद होने के बाद 1952 से लेकर 2019 तक विभिन्न राजनीतिक दलों ने केवल चार बार महिला प्रत्याशी को मैदान में उतारा। वर्ष 1957 व 1962 में कांग्रेस पार्टी ने ओमप्रभा जैन को टिकट देकर चुनावी समर में उतारा था। दोनों ही बार उन्होंने जनसंघ के प्रत्याशी हरेंद्र चौधरी व बारू राम को हराया। न केवल हराया बल्कि विधानसभा में मंत्री भी रहीं। हरियाणा बनने के बाद 39 वर्षों तक किसी भी राजनीतिक दल ने किसी भी महिला प्रत्याशी को चुनावी दंगल में नहीं उतारा। वर्ष 2005 में कांग्रेस पार्टी ने गीता भुक्कल पर दाव खेलते हुए उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया तथा उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1412 मतों से हराया। 2005 के बाद भाजपा ने पहली बार किसी महिला पर भरोसा करते हुए कमलेश ढांडा पर विश्वास करते हुए उन्हें चुनावी समर में उतारा। भाजपा की आशाओं को पूरा करते हुए कमलेश ढांडा ने भी कलायत हलका की परंपरा को कायम रखते हुए कांग्रेस के दिग्गज नेता जयप्रकाश को हरा कलायत हलका में भाजपा की जीत की नींव रखते हुए पहली बार कमल का फूल खिलाया।
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मंत्री ने कहा कि गली मोहल्लों व चौक - चौराहों पर अवैध खुर्दों में शराब नहीं बिकने दी जाएगी। यहां डीसी और एसपी भी मौजूद हैं, मेरा उनसे आग्रह है कि वे इस तरह से बिक रही शराब पर अंकुश लगाएं। रोजगार के क्षेत्र में पिछड़ेपन के सवाल पर उन्होंने कहा कि यहां से पहले विपक्ष के विधायक थे। लेकिन अब विधायक भी भाजपा के हैं और मंत्री भी बनाया गया है। इसीलिए पूरा प्रयास रहेगा कि रोजगार व अन्य क्षेत्रों में जिले का विकास हो। उन्होंने कहा कि कैथल से विधायक लीला राम, पूंडरी से निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन व गुहला से भी विधायक ईश्वर सिंह भी सरकार के साथ हैं। इसीलिए सभी के साथ मिलकर नशा के खिलाफ और क्षेत्र के विकास के लिए काम किया जाएगा।
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जोरदार हुआ स्वागत, मंत्री से मिलने को हुई धक्का-मुक्की
मंत्री कमेलश ढांडा के कैथल पहुंचने की सूचना से पहले ही भारी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता पीडब्ल्यूडी विश्रामगृह में पहुंच गए थे। उनके पहुंचने से कुछ ही क्षण पहले ही डीसी डा. प्रियंका सोनी, एसपी विरेंद्र विज भी पहुंचे । जैसे ही मंत्री पहुंची तो कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से उनका अभिनंदन किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की। वहीं बाहर कार्यकर्ताओं में मंत्री से मिलने के लिए खूब धक्का-मुक्की हुई। पुलिस को भीड़ संभालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। इससे पूर्व गांव क्योडक़ में भी मंत्री का जोरदार स्वागत हुआ।
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कलायत। कलायत विधानसभा से विधायक बनीं महिला को एक बार फिर से मंत्रिमंडल में जगह मिलने के साथ ही इतिहास ने अपने आप को फिर दोहराया है। कलायत विधानसभा का इतिहास रहा है कि जब भी किसी राजनीतिक दल ने महिला प्रत्याशी पर भरोसा करके चुनाव में उतारा, उसने डंके की चोट पर जीत दर्ज की। केवल जीत ही नहीं विजयी रहने वाली महिला प्रत्याशी विधानसभा में मंत्री भी बनीं। देश के आजाद होने के बाद पैप्सू का हिस्सा बने कलायत हलका को बाद में पंजाब बनने के बाद कैथल में मिला दिया गया। आजाद होने के बाद 1952 से लेकर 2019 तक विभिन्न राजनीतिक दलों ने केवल चार बार महिला प्रत्याशी को मैदान में उतारा। वर्ष 1957 व 1962 में कांग्रेस पार्टी ने ओमप्रभा जैन को टिकट देकर चुनावी समर में उतारा था। दोनों ही बार उन्होंने जनसंघ के प्रत्याशी हरेंद्र चौधरी व बारू राम को हराया। न केवल हराया बल्कि विधानसभा में मंत्री भी रहीं। हरियाणा बनने के बाद 39 वर्षों तक किसी भी राजनीतिक दल ने किसी भी महिला प्रत्याशी को चुनावी दंगल में नहीं उतारा। वर्ष 2005 में कांग्रेस पार्टी ने गीता भुक्कल पर दाव खेलते हुए उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया तथा उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1412 मतों से हराया। 2005 के बाद भाजपा ने पहली बार किसी महिला पर भरोसा करते हुए कमलेश ढांडा पर विश्वास करते हुए उन्हें चुनावी समर में उतारा। भाजपा की आशाओं को पूरा करते हुए कमलेश ढांडा ने भी कलायत हलका की परंपरा को कायम रखते हुए कांग्रेस के दिग्गज नेता जयप्रकाश को हरा कलायत हलका में भाजपा की जीत की नींव रखते हुए पहली बार कमल का फूल खिलाया।