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Kaithal News: कंजकों के लिए खास खरीदारी, बर्तनों और स्टेशनरी की मांग
Thu, 26 Mar 2026 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चैत्र नवरात्र के अष्टमी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है और कंजक पूजन की तैयारियां जोरों पर हैं। एक ओर जहां बाजारों में रौनक बढ़ गई है और लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 10 रुपये के नोटों की कमी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
अष्टमी और नवमी पर छोटी कन्याओं को भोजन कराने और दक्षिणा देने की परंपरा है। आमतौर पर श्रद्धालु कंजकों को 10-10 रुपये के नोट देते हैं, लेकिन इस बार बाजार और बैंकों में छोटे नोट आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। लोग खुले पैसे के लिए बाजारों और बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। कई दुकानदार भी छोटे नोट देने में असमर्थता जता रहे हैं, जिसके चलते लोग मजबूरी में सिक्कों से काम चला रहे हैं।
दुकानदारों के अनुसार अष्टमी और नवमी के दौरान छोटे नोटों की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे उनकी कमी हो जाती है। कुछ लोग 10 रुपये के सिक्के लेने से भी कतराते हैं, जिससे समस्या और बढ़ रही है।वहीं, नवरात्र के चलते शहर के बाजारों और गलियों में दिनभर चहल-पहल बनी रही। कंजक पूजन को लेकर श्रद्धालु जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस बार खास बात यह है कि पारंपरिक उपहारों के साथ-साथ उपयोगी वस्तुओं की मांग अधिक देखी जा रही है।
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स्टील की थालियां, कटोरियां, गिलास और छोटे टिफिन बॉक्स की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। बाजार में स्टील की थाली करीब 40 रुपये और कटोरियां 15 से 20 रुपये में मिल रही हैं, जिससे आम लोगों के लिए खरीदारी आसान बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि लोग अब प्लास्टिक के बजाय टिकाऊ और सुरक्षित स्टील के बर्तन देना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
स्टेशनरी की दुकानों पर भी भीड़ देखी जा रही है। बच्चों के लिए पेंसिल बॉक्स, कॉपी और रंगों की मांग बढ़ी है। कई ग्राहक बर्तनों के साथ स्टेशनरी का कॉम्बो पैक तैयार करवा रहे हैं, ताकि उपहार उपयोगी और आकर्षक दोनों हों।
श्रद्धालु रीना देवी ने बताया कि इस बार 10 रुपये के नोट नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। वहीं सुरेश कुमार ने कहा कि बैंक में भी छोटे नोट नहीं मिले, जिससे उन्हें सिक्कों से काम चलाना पड़ रहा है।
खरीदारी करने आई सुनीता देवी ने बताया कि उन्होंने कंजकों के लिए स्टील की कटोरियां और टिफिन बॉक्स खरीदे हैं। वहीं राजेश कुमार ने बच्चों के लिए पेंसिल, कॉपी और रंग लिए हैं।श्रद्धालुओं का कहना है कि कंजक पूजन का विशेष धार्मिक महत्व है, इसलिए लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार उपयोगी और जरूरतमंद वस्तुएं देने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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कैथल। चैत्र नवरात्र के अष्टमी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है और कंजक पूजन की तैयारियां जोरों पर हैं। एक ओर जहां बाजारों में रौनक बढ़ गई है और लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 10 रुपये के नोटों की कमी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
अष्टमी और नवमी पर छोटी कन्याओं को भोजन कराने और दक्षिणा देने की परंपरा है। आमतौर पर श्रद्धालु कंजकों को 10-10 रुपये के नोट देते हैं, लेकिन इस बार बाजार और बैंकों में छोटे नोट आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। लोग खुले पैसे के लिए बाजारों और बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। कई दुकानदार भी छोटे नोट देने में असमर्थता जता रहे हैं, जिसके चलते लोग मजबूरी में सिक्कों से काम चला रहे हैं।
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दुकानदारों के अनुसार अष्टमी और नवमी के दौरान छोटे नोटों की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे उनकी कमी हो जाती है। कुछ लोग 10 रुपये के सिक्के लेने से भी कतराते हैं, जिससे समस्या और बढ़ रही है।वहीं, नवरात्र के चलते शहर के बाजारों और गलियों में दिनभर चहल-पहल बनी रही। कंजक पूजन को लेकर श्रद्धालु जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस बार खास बात यह है कि पारंपरिक उपहारों के साथ-साथ उपयोगी वस्तुओं की मांग अधिक देखी जा रही है।
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स्टील की थालियां, कटोरियां, गिलास और छोटे टिफिन बॉक्स की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। बाजार में स्टील की थाली करीब 40 रुपये और कटोरियां 15 से 20 रुपये में मिल रही हैं, जिससे आम लोगों के लिए खरीदारी आसान बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि लोग अब प्लास्टिक के बजाय टिकाऊ और सुरक्षित स्टील के बर्तन देना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
स्टेशनरी की दुकानों पर भी भीड़ देखी जा रही है। बच्चों के लिए पेंसिल बॉक्स, कॉपी और रंगों की मांग बढ़ी है। कई ग्राहक बर्तनों के साथ स्टेशनरी का कॉम्बो पैक तैयार करवा रहे हैं, ताकि उपहार उपयोगी और आकर्षक दोनों हों।
श्रद्धालु रीना देवी ने बताया कि इस बार 10 रुपये के नोट नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। वहीं सुरेश कुमार ने कहा कि बैंक में भी छोटे नोट नहीं मिले, जिससे उन्हें सिक्कों से काम चलाना पड़ रहा है।
खरीदारी करने आई सुनीता देवी ने बताया कि उन्होंने कंजकों के लिए स्टील की कटोरियां और टिफिन बॉक्स खरीदे हैं। वहीं राजेश कुमार ने बच्चों के लिए पेंसिल, कॉपी और रंग लिए हैं।श्रद्धालुओं का कहना है कि कंजक पूजन का विशेष धार्मिक महत्व है, इसलिए लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार उपयोगी और जरूरतमंद वस्तुएं देने को प्राथमिकता दे रहे हैं।