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लघु सचिवालय में डीआरडीओ व एसपी कार्यालय के बीच जगह को लेकर तनातनी
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कैथल। लघु सचिवालय में विभिन्न विभागों की जरूरत अनुसार तोड़फोड़ का काम जारी है। अब एसपी कार्यालय द्वारा एडीसी एवं डीआरडीए कार्यालय की जगह पर नया निर्माण करवाया जा रहा है। डीसी की ओर से डीआरडीए के कार्यालय में जहां कर्मचारियों के बैठने के लिए केबिन बने हुए थे। वहां आधे कार्यालय में पुलिस विभाग को देने के निर्देश जारी हुए। जिसके बाद डीआरडीए के कर्मचारियों के केबिन लघु सचिवालय की गैलरी में शिफ्ट कर दिए गए। निर्माण के दौरान डीआरडीए का रिकॉर्ड इधर-उधर बिखरा पड़ा है। साथ ही कर्मचारियों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था तक नहीं हो पाई है।
बुधवार को डीआरडीए के सभी कर्मचारी एकत्रित होकर डीसी सुजान सिंह से मिले और उनसे रिकॉर्ड रखने के लिए स्टोर सहित उनके केबिन के निर्माण कार्य को पूरा करने की बात रखी। जिस पर डीसी ने सीटीएम को मामले में उचित कार्रवाई का निर्देश जारी किए। सीटीएम सुरेश राविश ने दो बार निर्माण स्थल का दौरा किया। जहां कर्मचारियों ने उन्हें स्थिति से अवगत करवाया। विदित रहे कि पिछले दो माह से कैथल में एडीसी का पद करीब-करीब खाली है। साथ ही डीआरडीए में सीईओ भी नहीं है।
एसपी ने दिया जगह उपलब्ध कराने का आश्वासन
दोपहर बाद एसपी शशांक सावन ने भी संबंधित जगह का दौरा किया और डीआरडीए कर्मचारियों से बात की। इस दौरान डीआरडीए के कर्मचारियों को स्टोर के लिए जगह उपलब्ध करवाए जाने व उनके केबिन निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया गया।
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स्टोर में बंद रिकॉर्ड से जुड़े हैं चार आईएएस और संपूर्ण स्वच्छता घोटाले के तार
डीआरडीए के जिस स्टोर रूम को लेकर विवाद सामने आया है। उसमें संपूर्ण स्वच्छता अभियान में करीब दस साल पहले सामने आए घोटाले के तार जुड़े हुए हैं। इस मामले से जड़े करीब चार आईएएस आज भी कोर्ट में चल रहे मामले में कई बार कैथल आते हैं। डीआरडीए के कर्मचारी बार-बार इसी कारण इस स्टोर रूम से छेड़छाड़ ना किए जाने की बात करते नजर आए।
लघु सचिवालय बदल चुका है स्वरूप
तीन मंजिला लघु सचिवालय भवन अब पूरी तरह से बदल चुका है। जिस वातस्तविक स्वरूप में यह भवन बना था, आज उसमें हर मंजिल के स्तर पर बदलाव आ चुके हैं। गैलरी चारों ओर से करीब-करीब कवर कर ली गई हैं। अधिकतर कार्यालयों में काम अधिक होने के कारण व रिकॉर्ड रखने के लिए जगह की जरूरत बढ़ती जा रही है। सचिवालय की ड्राईंग में शौचालय बनाए गए थे, उनमें भी कइयों में तोड़फोड़ हो चुक है। ताजे मामले में पुलिस विभाग द्वारा तोडफ़ोड़ कर अपनी शाखाओं के लिए कार्यालय तैयार करवाया जा रहा है। जबकि पुलिस विभाग के पास पुलिस लाइन में भव्य भवन बना हुआ है।
विवाद जैसी कोई बात नहीं है। पुलिस विभाग द्वारा कुछ निर्माण कार्य किया जा रहा है। एसपी महोदय ने दौरा करके कर्मचारियों से बात की है। दोनों विभागों की सुविधा अनुसार ही काम किया जा रहा है।
सुरेश राविश, सीटीएम
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बुधवार को डीआरडीए के सभी कर्मचारी एकत्रित होकर डीसी सुजान सिंह से मिले और उनसे रिकॉर्ड रखने के लिए स्टोर सहित उनके केबिन के निर्माण कार्य को पूरा करने की बात रखी। जिस पर डीसी ने सीटीएम को मामले में उचित कार्रवाई का निर्देश जारी किए। सीटीएम सुरेश राविश ने दो बार निर्माण स्थल का दौरा किया। जहां कर्मचारियों ने उन्हें स्थिति से अवगत करवाया। विदित रहे कि पिछले दो माह से कैथल में एडीसी का पद करीब-करीब खाली है। साथ ही डीआरडीए में सीईओ भी नहीं है।
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एसपी ने दिया जगह उपलब्ध कराने का आश्वासन
दोपहर बाद एसपी शशांक सावन ने भी संबंधित जगह का दौरा किया और डीआरडीए कर्मचारियों से बात की। इस दौरान डीआरडीए के कर्मचारियों को स्टोर के लिए जगह उपलब्ध करवाए जाने व उनके केबिन निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया गया।
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स्टोर में बंद रिकॉर्ड से जुड़े हैं चार आईएएस और संपूर्ण स्वच्छता घोटाले के तार
डीआरडीए के जिस स्टोर रूम को लेकर विवाद सामने आया है। उसमें संपूर्ण स्वच्छता अभियान में करीब दस साल पहले सामने आए घोटाले के तार जुड़े हुए हैं। इस मामले से जड़े करीब चार आईएएस आज भी कोर्ट में चल रहे मामले में कई बार कैथल आते हैं। डीआरडीए के कर्मचारी बार-बार इसी कारण इस स्टोर रूम से छेड़छाड़ ना किए जाने की बात करते नजर आए।
लघु सचिवालय बदल चुका है स्वरूप
तीन मंजिला लघु सचिवालय भवन अब पूरी तरह से बदल चुका है। जिस वातस्तविक स्वरूप में यह भवन बना था, आज उसमें हर मंजिल के स्तर पर बदलाव आ चुके हैं। गैलरी चारों ओर से करीब-करीब कवर कर ली गई हैं। अधिकतर कार्यालयों में काम अधिक होने के कारण व रिकॉर्ड रखने के लिए जगह की जरूरत बढ़ती जा रही है। सचिवालय की ड्राईंग में शौचालय बनाए गए थे, उनमें भी कइयों में तोड़फोड़ हो चुक है। ताजे मामले में पुलिस विभाग द्वारा तोडफ़ोड़ कर अपनी शाखाओं के लिए कार्यालय तैयार करवाया जा रहा है। जबकि पुलिस विभाग के पास पुलिस लाइन में भव्य भवन बना हुआ है।
विवाद जैसी कोई बात नहीं है। पुलिस विभाग द्वारा कुछ निर्माण कार्य किया जा रहा है। एसपी महोदय ने दौरा करके कर्मचारियों से बात की है। दोनों विभागों की सुविधा अनुसार ही काम किया जा रहा है।
सुरेश राविश, सीटीएम