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Kaithal News: जिला परिषद की उपाध्यक्ष बनीं सोनिया
Fri, 03 Jan 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 03 Jan 2025 01:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दिवाली से पहले अध्यक्ष का चुनाव होने के करीब 35 दिन बाद जिला परिषद कैथल को वीरवार को नया उपाध्यक्ष मिल गया। इस दौरान पहले जजपा और अब भाजपा समर्थित पार्षद सोनिया बिना चुनाव हुए ही सर्वसम्मति से जिला परिषद की उपाध्यक्ष बन गईं। दरअसल, महज एकमात्र नामांकन आने के बाद सर्वसम्मति से सोनिया के नाम पर सहमति बनी।
गौरतलब है कि जिला परिषद कार्यालय में वीरवार दोपहर 12 बजे उपाध्यक्ष का चुनाव रखा गया था। पहले तो चुनाव प्रक्रिया में दो पार्षदों के नामांकन करने की सूचना था, लेकिन एन वक्त पर वार्ड नंबर-10 की पार्षद सोनिया को बैठक में शामिल हुए पार्षदों ने सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुन लिया। ऐसे में एकमात्र नामांकन आने पर मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। बैठक में 21 में से 19 पार्षदों ने हिस्सा लिया था।
गौरतलब है कि सोनिया प्रसिद्ध हरियाणवीं गायक कर्मबीर फौजी की धर्मपत्नी है। कर्मबीर फौजी पहले इनेलो और फिर जजपा और कांग्रेस में रहे, लेकिन जजपा से गठबंधन टूटने के बाद वे भाजपा के प्राथमिक सदस्य बन चुके हैं। जिस समय उनकी धर्मपत्नी सोनिया पार्षद बनीं। उस समय एक आजाद प्रत्याशी के तौर पर वार्ड नंबर-10 से पार्षद का चुनाव लड़ी थी। जबकि इससे पहले उनके पति कर्मबीर फौजी भी इनेलो को समर्थन करते हुए पार्षद का चुनाव लड़ चुके थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई थी।
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भाजपा समर्थित उम्मीदवार के रूप में उनकी यह जीत भाजपा के लिए एक बड़ी सफलता है। चुनाव के बाद सोनिया ने कहा कि वे क्षेत्र के विकास और जनता की भलाई के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगी। कहा कि यह जिम्मेदारी मेरे लिए एक बड़ा अवसर है। मैं पूरी निष्ठा से क्षेत्र के विकास और जनता की भलाई के लिए काम करूंगी। चुनाव के बाद जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने सोनिया रानी को बधाई देते हुए कहा कि हम सब मिलकर जिले के विकास के लिए काम करेंगे।
पति कर्मबीर बोले
पति कर्मबीर फौजी बोले, जजपा या कांग्रेस में नहीं हुए शामिल, केवल गाने गाए। पार्षद पत्नी सोनिया के सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद कर्मबीर फौजी ने कहा कि वे कभी भी जजपा या कांग्रेस में शामिल नहीं हुए। वह एक प्रसिद्ध गायक है। ऐसे में प्रसिद्ध गायक के तौर पर यदि कोई पार्टी उन्हें गाने के लिए बुलाती तो वे एक प्रोफेशन के तौर पर जलसे और रैलियों में गीत गाते थे। उन्होंने बताया कि परंतु वे इस बार हुए विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के प्राथमिक सदस्य बन चुके हैं। अध्यक्ष कर्मबीर कौल के सहयोग से उनकी पत्नी को सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष बनाया है। वे अध्यक्ष सहित सभी पार्षदों का सहयोक के लिए आभार व्यक्त करते हैं।
30 अक्तूबर को हुआ था अध्यक्ष पद का चुनाव
जनवरी 2023 में जिला परिषद के प्रधान पद पर दीपक मलिक जाखौली को नियुक्त किया गया था। वे उस समय वे जजपा समर्थित पार्षद थे और प्रदेश में सरकार भी जजपा और भाजपा के गठबंधन की थी। उनका कार्यकाल नवंबर 2023 तक रहा। उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद 30 अक्तूबर 2024 को उपाध्यक्ष कर्मवीर कौल को अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इनके अध्यक्ष बनने के बाद उपाध्यक्ष का पद रिक्त हो गया।
गठबंधन सरकार में पार्षद सोनिया थी जजपा समर्थित
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश में पिछले साल भाजपा-जजपा का गठबंधन टूटने के बाद से जिला परिषद में भी खींचतान शुरू हुई थी। इस खींचतान के बीच विधान सभा चुनाव खत्म होने के बाद पहले भाजपा ने अध्यक्ष पद पर अपना कब्जा जमाया और अब अध्यक्ष बनाने के महज 35 दिन बाद ही भाजपा ने उपाध्यक्ष की कुर्सी भी हासिल कर ली। वार्ड नंबर 10 से पार्षद बनने के बाद सोनिया ने शुरुआत में जजपा-भाजपा गठबंधन सरकार के समय जजपा को अपना समर्थन दिया था परंतु गठबंधन टूटने के बाद वे फिर से एक आजाद प्रत्याशी के तौर पर रहीं। अब विधानसभा चुनाव के बाद जिला परिषद को नया अध्यक्ष भाजपा समर्थित मिलने के बाद वह और उनके पति कर्मबीर फौजी भाजपा के प्राथमिक सदस्य बनें। इसके बाद अब वीरवार को हुए उपाध्यक्ष के चुनाव में वे सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुनी गई।
उपाध्यक्ष बनने पर स्वागत
जिला परिषद कैथल से सोनिया देवी को उपाध्यक्ष बनने पर पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन ने खुशी जताई। एसोसिएशन प्रधान जगजीत फौजी ने कहा कि सोनिया वार्ड-10 से जिला पार्षद हैं। पूर्व सैनिकों का प्रतिनिधि मंडल जिला परिषद के भवन में पहुंचा व फूल मालाओं से उपाध्यक्ष का स्वागत किया। इस मौके पर कैप्टन मुख्तार सिंह जांगड़ा, भीम सिंह गिल, लाज पत राय, सूबेदार राम सिंह चहल, राजबीर व अमित कुमार मौजूद रहे। संवाद
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कैथल। दिवाली से पहले अध्यक्ष का चुनाव होने के करीब 35 दिन बाद जिला परिषद कैथल को वीरवार को नया उपाध्यक्ष मिल गया। इस दौरान पहले जजपा और अब भाजपा समर्थित पार्षद सोनिया बिना चुनाव हुए ही सर्वसम्मति से जिला परिषद की उपाध्यक्ष बन गईं। दरअसल, महज एकमात्र नामांकन आने के बाद सर्वसम्मति से सोनिया के नाम पर सहमति बनी।
गौरतलब है कि जिला परिषद कार्यालय में वीरवार दोपहर 12 बजे उपाध्यक्ष का चुनाव रखा गया था। पहले तो चुनाव प्रक्रिया में दो पार्षदों के नामांकन करने की सूचना था, लेकिन एन वक्त पर वार्ड नंबर-10 की पार्षद सोनिया को बैठक में शामिल हुए पार्षदों ने सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुन लिया। ऐसे में एकमात्र नामांकन आने पर मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। बैठक में 21 में से 19 पार्षदों ने हिस्सा लिया था।
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गौरतलब है कि सोनिया प्रसिद्ध हरियाणवीं गायक कर्मबीर फौजी की धर्मपत्नी है। कर्मबीर फौजी पहले इनेलो और फिर जजपा और कांग्रेस में रहे, लेकिन जजपा से गठबंधन टूटने के बाद वे भाजपा के प्राथमिक सदस्य बन चुके हैं। जिस समय उनकी धर्मपत्नी सोनिया पार्षद बनीं। उस समय एक आजाद प्रत्याशी के तौर पर वार्ड नंबर-10 से पार्षद का चुनाव लड़ी थी। जबकि इससे पहले उनके पति कर्मबीर फौजी भी इनेलो को समर्थन करते हुए पार्षद का चुनाव लड़ चुके थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई थी।
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भाजपा समर्थित उम्मीदवार के रूप में उनकी यह जीत भाजपा के लिए एक बड़ी सफलता है। चुनाव के बाद सोनिया ने कहा कि वे क्षेत्र के विकास और जनता की भलाई के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगी। कहा कि यह जिम्मेदारी मेरे लिए एक बड़ा अवसर है। मैं पूरी निष्ठा से क्षेत्र के विकास और जनता की भलाई के लिए काम करूंगी। चुनाव के बाद जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने सोनिया रानी को बधाई देते हुए कहा कि हम सब मिलकर जिले के विकास के लिए काम करेंगे।
पति कर्मबीर बोले
पति कर्मबीर फौजी बोले, जजपा या कांग्रेस में नहीं हुए शामिल, केवल गाने गाए। पार्षद पत्नी सोनिया के सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद कर्मबीर फौजी ने कहा कि वे कभी भी जजपा या कांग्रेस में शामिल नहीं हुए। वह एक प्रसिद्ध गायक है। ऐसे में प्रसिद्ध गायक के तौर पर यदि कोई पार्टी उन्हें गाने के लिए बुलाती तो वे एक प्रोफेशन के तौर पर जलसे और रैलियों में गीत गाते थे। उन्होंने बताया कि परंतु वे इस बार हुए विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के प्राथमिक सदस्य बन चुके हैं। अध्यक्ष कर्मबीर कौल के सहयोग से उनकी पत्नी को सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष बनाया है। वे अध्यक्ष सहित सभी पार्षदों का सहयोक के लिए आभार व्यक्त करते हैं।
30 अक्तूबर को हुआ था अध्यक्ष पद का चुनाव
जनवरी 2023 में जिला परिषद के प्रधान पद पर दीपक मलिक जाखौली को नियुक्त किया गया था। वे उस समय वे जजपा समर्थित पार्षद थे और प्रदेश में सरकार भी जजपा और भाजपा के गठबंधन की थी। उनका कार्यकाल नवंबर 2023 तक रहा। उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद 30 अक्तूबर 2024 को उपाध्यक्ष कर्मवीर कौल को अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इनके अध्यक्ष बनने के बाद उपाध्यक्ष का पद रिक्त हो गया।
गठबंधन सरकार में पार्षद सोनिया थी जजपा समर्थित
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश में पिछले साल भाजपा-जजपा का गठबंधन टूटने के बाद से जिला परिषद में भी खींचतान शुरू हुई थी। इस खींचतान के बीच विधान सभा चुनाव खत्म होने के बाद पहले भाजपा ने अध्यक्ष पद पर अपना कब्जा जमाया और अब अध्यक्ष बनाने के महज 35 दिन बाद ही भाजपा ने उपाध्यक्ष की कुर्सी भी हासिल कर ली। वार्ड नंबर 10 से पार्षद बनने के बाद सोनिया ने शुरुआत में जजपा-भाजपा गठबंधन सरकार के समय जजपा को अपना समर्थन दिया था परंतु गठबंधन टूटने के बाद वे फिर से एक आजाद प्रत्याशी के तौर पर रहीं। अब विधानसभा चुनाव के बाद जिला परिषद को नया अध्यक्ष भाजपा समर्थित मिलने के बाद वह और उनके पति कर्मबीर फौजी भाजपा के प्राथमिक सदस्य बनें। इसके बाद अब वीरवार को हुए उपाध्यक्ष के चुनाव में वे सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुनी गई।
उपाध्यक्ष बनने पर स्वागत
जिला परिषद कैथल से सोनिया देवी को उपाध्यक्ष बनने पर पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन ने खुशी जताई। एसोसिएशन प्रधान जगजीत फौजी ने कहा कि सोनिया वार्ड-10 से जिला पार्षद हैं। पूर्व सैनिकों का प्रतिनिधि मंडल जिला परिषद के भवन में पहुंचा व फूल मालाओं से उपाध्यक्ष का स्वागत किया। इस मौके पर कैप्टन मुख्तार सिंह जांगड़ा, भीम सिंह गिल, लाज पत राय, सूबेदार राम सिंह चहल, राजबीर व अमित कुमार मौजूद रहे। संवाद