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Kaithal News: सत्यापन प्रक्रिया को बताया ढोंग
Thu, 20 Nov 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 20 Nov 2025 01:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। क्षेत्र की राइस मिलों में धान स्टॉक की फिजिकल वेरिफिकेशन प्रक्रिया दूसरे दिन भी जारी रही। अधिकारियों ने मिलों में पहुंचकर स्टॉक की गिनती और रजिस्टरों का मिलान किया। उधर, भाकियू चढूनी के प्रदेश युवा अध्यक्ष विक्रम कसाना, प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा, जिला उपाध्यक्ष केवल सदरहेड़ी और जिला आईटी सेल के जनरल सिंह उर्फ जैली ने कहा कि धान खरीद और आवंटन में बड़े स्तर पर धांधली हुई है।
आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी और बिहार से सस्ता धान व चावल मंगवाकर सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीका, करनाल सहित प्रदेश की कई राइस मिलों में चल रही भौतिक सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। रिकॉर्ड में हेराफेरी, फर्जी गेट पास जारी करना, तथा मिल मालिकों, खरीद एजेंसियों और बिचौलियों की मिलीभगत से सरकारी धान की बड़े पैमाने पर हेराफेरी होती है। नेताओं ने कहा कि इतने बड़े घोटाले उजागर होने के बाद भी दोषियों को सज़ा नहीं मिलती, जिससे किसानों का सिस्टम पर भरोसा घट रहा है। उधर, किसानों के आरोपों के मद्देनजर पूरे प्रदेश में राइस मिलों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। चीका क्षेत्र में नियुक्त फिजिकल वेरिफिकेशन टीम ने दो दिन में दो दर्जन से अधिक राइस मिलों की जांच पूरी की है। कैथल जिले में भी स्टॉक वेरिफिकेशन जारी है, लेकिन अधिकारी आधिकारिक जानकारी साझा करने को तैयार नहीं हैं।
जिला उपायुक्त ने एक विशेष वेरिफिकेशन टीम का गठन किया है। टीम सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार अलॉट धान की मात्रा का मिलान मिल परिसर में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक से कर रही है। मिलों के स्टॉक रजिस्टर, गेट पास, स्टॉक एंट्री और अन्य दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की जा रही है। गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया भी वेरिफिकेशन का हिस्सा है। -अजय हुड्डा, एसडीएम
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गुहला चीका। क्षेत्र की राइस मिलों में धान स्टॉक की फिजिकल वेरिफिकेशन प्रक्रिया दूसरे दिन भी जारी रही। अधिकारियों ने मिलों में पहुंचकर स्टॉक की गिनती और रजिस्टरों का मिलान किया। उधर, भाकियू चढूनी के प्रदेश युवा अध्यक्ष विक्रम कसाना, प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा, जिला उपाध्यक्ष केवल सदरहेड़ी और जिला आईटी सेल के जनरल सिंह उर्फ जैली ने कहा कि धान खरीद और आवंटन में बड़े स्तर पर धांधली हुई है।
आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी और बिहार से सस्ता धान व चावल मंगवाकर सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीका, करनाल सहित प्रदेश की कई राइस मिलों में चल रही भौतिक सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। रिकॉर्ड में हेराफेरी, फर्जी गेट पास जारी करना, तथा मिल मालिकों, खरीद एजेंसियों और बिचौलियों की मिलीभगत से सरकारी धान की बड़े पैमाने पर हेराफेरी होती है। नेताओं ने कहा कि इतने बड़े घोटाले उजागर होने के बाद भी दोषियों को सज़ा नहीं मिलती, जिससे किसानों का सिस्टम पर भरोसा घट रहा है। उधर, किसानों के आरोपों के मद्देनजर पूरे प्रदेश में राइस मिलों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। चीका क्षेत्र में नियुक्त फिजिकल वेरिफिकेशन टीम ने दो दिन में दो दर्जन से अधिक राइस मिलों की जांच पूरी की है। कैथल जिले में भी स्टॉक वेरिफिकेशन जारी है, लेकिन अधिकारी आधिकारिक जानकारी साझा करने को तैयार नहीं हैं।
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जिला उपायुक्त ने एक विशेष वेरिफिकेशन टीम का गठन किया है। टीम सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार अलॉट धान की मात्रा का मिलान मिल परिसर में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक से कर रही है। मिलों के स्टॉक रजिस्टर, गेट पास, स्टॉक एंट्री और अन्य दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की जा रही है। गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया भी वेरिफिकेशन का हिस्सा है। -अजय हुड्डा, एसडीएम
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