{"_id":"6164884b8ebc3e289d2ecc39","slug":"six-new-cases-of-dengue-were-reported-in-the-district-kaithal-news-knl86205552","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में डेंगू के छह नए मामले आए सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में डेंगू के छह नए मामले आए सामने
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सोमवार को भी छह नए मामले सामने आए हैं। लोग डेंगू बुखार फैलाने वाले मच्छर से सावधान रहें।
सोमवार को 6 नए केस मिले हैं और अब इनकी संख्या बढ़कर 82 हो गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के निजी अस्पतालों व लेब्स को निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर कोई भी अस्पताल किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतें। मरीज में डेंगू और चिकनगुनिया की पुष्टि अपने तौर पर न करें। डेंगू के मरीजों के बारे में तुरंत से विभाग को अवगत करवाया जाए। स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के मुताबिक कोविड मामलों के साथ-साथ डेंगू और चिकनगुनिया के केसों के बारे में अब निजी अस्पतालों को प्रशासन को जानकारी देनी होगी।
सीएमओ डॉ. जयंत आहुजा ने कहा कि कोविड के साथ डेंगू से लड़ाई में भी निजी अस्पताल सहयोग करें। जिस भी निजी लैब में डेंगू केस रिपोर्ट हो रहा है, फोरन इस की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। निजी अस्पताल व लैब कार्ड आधारित टेस्ट न करें, टेस्ट केवल अलीसा आधारित ही किए जाएं, जिससे डेंगू बुखार की सही पुष्टि हो सके। जो भी सैंपल संदिग्ध व पुष्ट हैं, वे स्वास्थ्य विभाग को भेजे जाएं। डेंगू के इलाज के लिए केंद्र सरकार की गाइड लाइन की पालना की जाए।
निजी अस्पताल व लैब तय रेट पर ही करें डेंगू और मलेरिया के टेस्ट
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया की जांच के लिए किए जाने वाले टेस्टों के रेट निर्धारित किए गए हैं। नियमानुसार डेंगू सेरोलॉजी आईजीएम अलीसा आधारित के लिए 600 रुपये, चिकनगुनिया सेरोलॉजी आईजीएम अलीसा आधारित के लिए भी 600 रुपये फीस निर्धारित है। यदि कोई इससे ज्यादा रेट वसूलता है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को 6 नए केस मिले हैं और अब इनकी संख्या बढ़कर 82 हो गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के निजी अस्पतालों व लेब्स को निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर कोई भी अस्पताल किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतें। मरीज में डेंगू और चिकनगुनिया की पुष्टि अपने तौर पर न करें। डेंगू के मरीजों के बारे में तुरंत से विभाग को अवगत करवाया जाए। स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के मुताबिक कोविड मामलों के साथ-साथ डेंगू और चिकनगुनिया के केसों के बारे में अब निजी अस्पतालों को प्रशासन को जानकारी देनी होगी।
सीएमओ डॉ. जयंत आहुजा ने कहा कि कोविड के साथ डेंगू से लड़ाई में भी निजी अस्पताल सहयोग करें। जिस भी निजी लैब में डेंगू केस रिपोर्ट हो रहा है, फोरन इस की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। निजी अस्पताल व लैब कार्ड आधारित टेस्ट न करें, टेस्ट केवल अलीसा आधारित ही किए जाएं, जिससे डेंगू बुखार की सही पुष्टि हो सके। जो भी सैंपल संदिग्ध व पुष्ट हैं, वे स्वास्थ्य विभाग को भेजे जाएं। डेंगू के इलाज के लिए केंद्र सरकार की गाइड लाइन की पालना की जाए।
विज्ञापन
निजी अस्पताल व लैब तय रेट पर ही करें डेंगू और मलेरिया के टेस्ट
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया की जांच के लिए किए जाने वाले टेस्टों के रेट निर्धारित किए गए हैं। नियमानुसार डेंगू सेरोलॉजी आईजीएम अलीसा आधारित के लिए 600 रुपये, चिकनगुनिया सेरोलॉजी आईजीएम अलीसा आधारित के लिए भी 600 रुपये फीस निर्धारित है। यदि कोई इससे ज्यादा रेट वसूलता है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन