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हालात : बस एक विशेषज्ञ के सहारे बच्चों का इलाज
Wed, 08 Jan 2025 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 08 Jan 2025 01:14 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मुस्कान योजना के तहत करनाल कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से पहुंचे चिकित्सक डाॅ. सतविंद्र व डाॅ. रविंद्र ने मंगलवार को जिला नागरिक अस्पताल के एसएनसीयू यूनिट का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को जब जानकारी मिली कि महज एक बाल रोग विशेषज्ञ है तो उन्होंने संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
जांच के दौरान एसएनसीयू में दाखिल बच्चों की जांच व इलाज को लेकर जानकारी ली। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ व स्टाफ की संख्या पर भी रिपोर्ट ली। हाजिरी रजिस्टर की भी जांच की गई। जांच के दौरान जब टीम को जानकारी मिली कि अस्पताल में मात्र एक ही बाल रोग विशेषज्ञ कार्यरत है तो इस बारे में संख्या बढ़ाने बारे कहा गया।
गौरतलब है कि जिला नागरिक अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के पांच पद हैं, लेकिन एक चिकित्सक ही कार्यरत है। उधर, जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी कोई बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है जबकि इस बारे में विज्ञापन भी कई बार निकाला जा चुका है, इसके बावजूद रिक्त पदों को आज तक भी भरा नहीं गया है।
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उधर, इस संबंध में जिला नागरिक अस्पताल के पीएमओ डाॅ. सचिन मांडले ने बताया कि मुस्कान योजना के तहत करनाल से दो चिकित्सकों की टीम ने एसएनसीयू यूनिट का निरीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में किस तरह से बच्चों को इलाज की सुविधा मिल रही है, इस बारे में टीम के सदस्यों ने जानकारी ली है। टीम अब अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगी।
ठंड में बढ़ रही बच्चों की ओपीडी
ठंड के इस मौसम में बच्चों की ओपीडी बढ़ रही है। खांसी, जुकाम व बुखार से पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए स्वजन अस्पताल लेकर आ रहे हैं। टीम ने ओपीडी के बाहर मौजूद लोगों से भी मुलाकात की। लोगों ने बताया कि बच्चों को इलाज की सुविधा ठीक मिल रही है, लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण इंतजार ज्यादा करना पड़ता है। चिकित्सकों के रिक्त पदों को बढ़ाया जाना चाहिए।
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कैथल। मुस्कान योजना के तहत करनाल कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से पहुंचे चिकित्सक डाॅ. सतविंद्र व डाॅ. रविंद्र ने मंगलवार को जिला नागरिक अस्पताल के एसएनसीयू यूनिट का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को जब जानकारी मिली कि महज एक बाल रोग विशेषज्ञ है तो उन्होंने संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
जांच के दौरान एसएनसीयू में दाखिल बच्चों की जांच व इलाज को लेकर जानकारी ली। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ व स्टाफ की संख्या पर भी रिपोर्ट ली। हाजिरी रजिस्टर की भी जांच की गई। जांच के दौरान जब टीम को जानकारी मिली कि अस्पताल में मात्र एक ही बाल रोग विशेषज्ञ कार्यरत है तो इस बारे में संख्या बढ़ाने बारे कहा गया।
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गौरतलब है कि जिला नागरिक अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के पांच पद हैं, लेकिन एक चिकित्सक ही कार्यरत है। उधर, जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी कोई बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है जबकि इस बारे में विज्ञापन भी कई बार निकाला जा चुका है, इसके बावजूद रिक्त पदों को आज तक भी भरा नहीं गया है।
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उधर, इस संबंध में जिला नागरिक अस्पताल के पीएमओ डाॅ. सचिन मांडले ने बताया कि मुस्कान योजना के तहत करनाल से दो चिकित्सकों की टीम ने एसएनसीयू यूनिट का निरीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में किस तरह से बच्चों को इलाज की सुविधा मिल रही है, इस बारे में टीम के सदस्यों ने जानकारी ली है। टीम अब अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगी।
ठंड में बढ़ रही बच्चों की ओपीडी
ठंड के इस मौसम में बच्चों की ओपीडी बढ़ रही है। खांसी, जुकाम व बुखार से पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए स्वजन अस्पताल लेकर आ रहे हैं। टीम ने ओपीडी के बाहर मौजूद लोगों से भी मुलाकात की। लोगों ने बताया कि बच्चों को इलाज की सुविधा ठीक मिल रही है, लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण इंतजार ज्यादा करना पड़ता है। चिकित्सकों के रिक्त पदों को बढ़ाया जाना चाहिए।