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Kaithal News: सिरटा-शहर लिंक रोड वर्षों से अधूरा, बारिश में हाल बेहाल
Fri, 01 Aug 2025 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 01 Aug 2025 12:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सिरटा गांव से जिला मुख्यालय कैथल को जोड़ने वाला लिंक रोड कई वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। यह सड़क ग्रामीणों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है, लेकिन अधूरे निर्माण कार्य और जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं।
स्थानीय निवासी गुरविंदर सिंह ने बताया कि बारिश होते ही सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। वाहन चालक रवि ने कहा कि कीचड़ और गड्ढों की वजह से दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। स्कूल बस स्टॉप इसी सड़क के किनारे है, जिससे बच्चों को जलभराव और कीचड़ के बीच चलना पड़ता है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए यह रास्ता और भी कष्टदायक हो जाता है, क्योंकि कई बार एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती।
लोगों का कहना है कि इस अधूरी सड़क ने न केवल दैनिक आवागमन को प्रभावित किया है, बल्कि विकास कार्यों की रफ्तार भी थाम दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए।
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कैथल। सिरटा गांव से जिला मुख्यालय कैथल को जोड़ने वाला लिंक रोड कई वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। यह सड़क ग्रामीणों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है, लेकिन अधूरे निर्माण कार्य और जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं।
स्थानीय निवासी गुरविंदर सिंह ने बताया कि बारिश होते ही सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। वाहन चालक रवि ने कहा कि कीचड़ और गड्ढों की वजह से दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। स्कूल बस स्टॉप इसी सड़क के किनारे है, जिससे बच्चों को जलभराव और कीचड़ के बीच चलना पड़ता है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए यह रास्ता और भी कष्टदायक हो जाता है, क्योंकि कई बार एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती।
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लोगों का कहना है कि इस अधूरी सड़क ने न केवल दैनिक आवागमन को प्रभावित किया है, बल्कि विकास कार्यों की रफ्तार भी थाम दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए।
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