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Kaithal News: भाजपा और कांग्रेस से शिरोमणि अकाली दल ने चुनी अलग राह
Mon, 08 Apr 2024 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 08 Apr 2024 02:12 AM IST
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कैथल। शहर के नीम साहिब गुरुद्वारा में रविवार को शिरोमणि अकाली दल पार्टी पदाधिकारियों ने चुनाव लड़ने के फैसले को लेकर बैठक की। इसमें कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल और यमुनानगर सहित अन्य जिलों से पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद बलविंद्र सिंह बूंद्र संयोजक के रूप में पहुंचे।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों से हरियाणा में पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर राय जानी। इसमें चुनाव लड़ने या पार्टी को समर्थन देने को लेकर कोई फैसला तो नहीं लिया गया, लेकिन हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस से अलग राह पर सहमति बनी। वहीं, चुनाव लड़ने या इन दो पार्टियों के अलावा अन्य किसी पार्टी को समर्थन देने का फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया गया। अब पार्टी का हाईकमान यानि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल इस पर अंतिम फैसला लेंगे।
संयोजक के रूप में पहुंचे शिरोमणि अकाली दल पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद बलविंद्र सिंह बूंद्र ने कहा कि पदाधिकारियों से लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर रायशुमारी की गई है। अब चंडीगढ़ स्थित पार्टी के मुख्यालय में पार्टी हाईकमान को रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर पार्टी हाईकमान की ओर से चुनाव लड़ने को लेकर कुछ फैसला लिया जाएगा। वहीं, पार्टी के हरियाणा इकाई के प्रधान महासचिव सुखबीर सिंह मांडी ने कहा कि सिखों की आबादी और वोट प्रतिशत की संख्या के अनुसार उन्हें किसी पार्टी ने प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। जबकि अकेले सिख 27 विधानसभा सीटें जितवा सकते हैं। जगदीश सिंह झींडा गुट की ओर से सिखों को एकजुट कर चुनाव में समर्थन करने के दावे पर मांडी ने कहा कि यदि सिख एकजुट हो तो उन्हें उनके साथ जाने में कोई दिक्कत नहीं हैं। इस मौके पर अकाली दल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष शरणजीत सिंह सौथा, पृथ्वी झब्बर, प्रीतम, अमरजीत सिंह चेयरमैन, हरभजन सिंह मसाना, बलदेव सिंह आदि पार्टी के पदाधिकारी मौजूद थे।
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उन्होंने सभी पदाधिकारियों से हरियाणा में पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर राय जानी। इसमें चुनाव लड़ने या पार्टी को समर्थन देने को लेकर कोई फैसला तो नहीं लिया गया, लेकिन हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस से अलग राह पर सहमति बनी। वहीं, चुनाव लड़ने या इन दो पार्टियों के अलावा अन्य किसी पार्टी को समर्थन देने का फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया गया। अब पार्टी का हाईकमान यानि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल इस पर अंतिम फैसला लेंगे।
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संयोजक के रूप में पहुंचे शिरोमणि अकाली दल पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद बलविंद्र सिंह बूंद्र ने कहा कि पदाधिकारियों से लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर रायशुमारी की गई है। अब चंडीगढ़ स्थित पार्टी के मुख्यालय में पार्टी हाईकमान को रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर पार्टी हाईकमान की ओर से चुनाव लड़ने को लेकर कुछ फैसला लिया जाएगा। वहीं, पार्टी के हरियाणा इकाई के प्रधान महासचिव सुखबीर सिंह मांडी ने कहा कि सिखों की आबादी और वोट प्रतिशत की संख्या के अनुसार उन्हें किसी पार्टी ने प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। जबकि अकेले सिख 27 विधानसभा सीटें जितवा सकते हैं। जगदीश सिंह झींडा गुट की ओर से सिखों को एकजुट कर चुनाव में समर्थन करने के दावे पर मांडी ने कहा कि यदि सिख एकजुट हो तो उन्हें उनके साथ जाने में कोई दिक्कत नहीं हैं। इस मौके पर अकाली दल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष शरणजीत सिंह सौथा, पृथ्वी झब्बर, प्रीतम, अमरजीत सिंह चेयरमैन, हरभजन सिंह मसाना, बलदेव सिंह आदि पार्टी के पदाधिकारी मौजूद थे।
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