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Kaithal News: अबकी 24 साल बाद अक्षय तृतीया पर नहीं बजेंगी शहनाइयां
Fri, 10 May 2024 03:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 10 May 2024 03:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आखा तीज के रूप में मनाया जाता है। सूर्योदय के हिसाब से इस बार अक्षय तृतीया 10 मई को ही मनाई जाएगी। इस बार अक्षय तृतीया पर बनने वाले विशेष संयोग और अबूझ मुहूर्त के बावजूद विवाह जैसा मंगल कार्य न होने को लेकर पंडित विशाल शांडिल्य से बात की गई।
उन्होंने बताया कि ग्रंथों के मुताबिक इसी दिन सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने नर और नारायण व भगवान परशुराम के रूप में अवतार लिया था। इस दिन किया गया जप, तप, ज्ञान, स्नान, दान अक्षय रहते हैं। इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। अक्षय तृतीया विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त माना गया है। अक्षय पुण्य यानी ऐसा पुण्य जिसका कभी क्षय नहीं होता है।
शांडिल्य ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन 100 साल के बाद गजकेसरी योग और धन योग बन रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इस दिन सूर्य और शुक्र की मेष राशि में युति हो रही है जिससे शुक्रादित्य योग बन रहा है। इसके साथ ही मीन राशि में मंगल और बुध की युति से धन योग, शनि के मूल त्रिकोण राशि कुंभ में होने से शश योग और मंगल के अपनी उच्च राशि मीन में रहकर मालव्य राजयोग और वृषभ राशि में चंद्रमा और गुरु की युति से गजकेसरी योग बन रहा है। इस अवसर पर बननेे वाले इतने सुखद योग अक्षय तृतीय की महत्ता को और बढ़ा रहे हैं। इन योगों के चलते इस दिन किया जाने वाला दान पुण्य का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
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शांडिल्य ने बताया कि लगभग 24 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब अक्षय तृतीया के दिन विवाह का मुहूर्त नहीं है। हालांकि अक्षय तृतीया
को महामुहूर्त माने जाने से शुभ संस्कार
संपन्न होंगे। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया पर गुरु और शुक्र दोनों ही ग्रह अस्त हैं। विवाह मुहूर्त में गुरु और शुक्र अस्त का भी विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों का शुभ विवाह हेतु उदय होना शास्त्र सम्मत है। विवाह के लिए शुक्र व गुरु ग्रह का उदित रहना जरूरी है। इनके अस्त रहने पर विवाह नहीं होते हैं।
उन्होंने बताया कि 24 वर्ष बाद मई और जून में एक भी दिन विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा। ऐसी स्थिति वर्ष 2000 में भी बनी थी तब भी मई और जून में कोई विवाह मुहूर्त नहीं था।
अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त
n
सुबह 05: 45 बजे से
n
दोपहर 12: 05 बजे तक
n
अवधि - 06 घंटे 21 मिनट
n
तृतीया तिथि प्रारंभ
10 मई 2024 को प्रात: 04:17 बजे से
n
तृतीया तिथि समाप्त
11 मई 2024 को प्रात: 02: 50 बजे
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कलायत। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आखा तीज के रूप में मनाया जाता है। सूर्योदय के हिसाब से इस बार अक्षय तृतीया 10 मई को ही मनाई जाएगी। इस बार अक्षय तृतीया पर बनने वाले विशेष संयोग और अबूझ मुहूर्त के बावजूद विवाह जैसा मंगल कार्य न होने को लेकर पंडित विशाल शांडिल्य से बात की गई।
उन्होंने बताया कि ग्रंथों के मुताबिक इसी दिन सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने नर और नारायण व भगवान परशुराम के रूप में अवतार लिया था। इस दिन किया गया जप, तप, ज्ञान, स्नान, दान अक्षय रहते हैं। इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। अक्षय तृतीया विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त माना गया है। अक्षय पुण्य यानी ऐसा पुण्य जिसका कभी क्षय नहीं होता है।
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शांडिल्य ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन 100 साल के बाद गजकेसरी योग और धन योग बन रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इस दिन सूर्य और शुक्र की मेष राशि में युति हो रही है जिससे शुक्रादित्य योग बन रहा है। इसके साथ ही मीन राशि में मंगल और बुध की युति से धन योग, शनि के मूल त्रिकोण राशि कुंभ में होने से शश योग और मंगल के अपनी उच्च राशि मीन में रहकर मालव्य राजयोग और वृषभ राशि में चंद्रमा और गुरु की युति से गजकेसरी योग बन रहा है। इस अवसर पर बननेे वाले इतने सुखद योग अक्षय तृतीय की महत्ता को और बढ़ा रहे हैं। इन योगों के चलते इस दिन किया जाने वाला दान पुण्य का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
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शांडिल्य ने बताया कि लगभग 24 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब अक्षय तृतीया के दिन विवाह का मुहूर्त नहीं है। हालांकि अक्षय तृतीया
को महामुहूर्त माने जाने से शुभ संस्कार
संपन्न होंगे। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया पर गुरु और शुक्र दोनों ही ग्रह अस्त हैं। विवाह मुहूर्त में गुरु और शुक्र अस्त का भी विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों का शुभ विवाह हेतु उदय होना शास्त्र सम्मत है। विवाह के लिए शुक्र व गुरु ग्रह का उदित रहना जरूरी है। इनके अस्त रहने पर विवाह नहीं होते हैं।
उन्होंने बताया कि 24 वर्ष बाद मई और जून में एक भी दिन विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा। ऐसी स्थिति वर्ष 2000 में भी बनी थी तब भी मई और जून में कोई विवाह मुहूर्त नहीं था।
अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त
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सुबह 05: 45 बजे से
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दोपहर 12: 05 बजे तक
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अवधि - 06 घंटे 21 मिनट
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तृतीया तिथि प्रारंभ
10 मई 2024 को प्रात: 04:17 बजे से
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तृतीया तिथि समाप्त
11 मई 2024 को प्रात: 02: 50 बजे