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प्रजातंत्र में वोट ही हमारी सबसे बड़ी ताकत
कैथल
Updated Wed, 19 Mar 2014 12:02 AM IST
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कैथल। आरकेएसडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन में ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ द्वारा वोट जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार में वोट न देने से राष्ट्र निर्माण में होने वाली हानि व वोट के सही प्रयोग से राष्ट्र निर्माण होने वाले सहयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कॉलेज प्राचार्या डा. कमलेश संधु ने कहा कि प्रजातंत्र में वोट की ताकत, सबसे बड़ी ताकत है। जाति, धर्म, भाषा, नस्ल और लिंग यह सब एक दूसरे को आपस में बांटते हैं। हमारे देश की विभिन्नता हमारी ताकत बनाने के बजाय, हमारी कमजोरी बनती जा रही है। राजनेता हमारे बीच अलगाव बोने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। आपस में लगातार एक-दूसरे का दोषी बताते हैं।
प्रत्येक राजनीतिक दल का एक मात्र उद्देश्य अपना वोट बैंक बनाना और वोट बैंक बचाना है। आज देश में प्रत्येक राजनीति दल का वोट बैंक है। छोटे और क्षेत्रीय राजनीतिक दल भी किसी से कम नहीं है। धर्म, जाति, मजहब के नाम पर राजनीतिक दल अपना-अपना वोट बैंक बनाने में लगे हैं। इसका मुख्य कारण है कि देश की जनता ने रानीतिक दलों के झूठे वादों व कुछ निजी स्वार्थों को ध्यान में रखकर अयोग्य उम्मीदवार विजेता बनाकर सरकार में भेज देते हैं।
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कॉलेज प्राचार्या ने बताया कि 10 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनावों में जनता के पास अच्छा मौका है कि वह ऐसा प्रतिनिधि चुनें, जो सरकार में आपकी आवाज बनकर जाए। डा. राजेन्द्र ढुल ने बताया कि विश्व में सबसे अधिक युवा शक्ति भारत में है। करीब 65 प्रतिशत वोट ऐसी है जो 18 वर्ष से लेकर 35 वर्ष तक के युवाओं की है। देश का युवा ही राजनीति में परिवर्तन लाने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि युवाओं को निर्धारित करना है कि वे भारत का प्रतिनिधित्व कैसे व्यक्ति से चाहते हैं। प्राध्यापक राजकुमार ने बताया कि वोट का प्रयोग अधिक करने से देश के विकास में बढ़ावा मिलता है। इस सेमिनार को सफल बनाने में डा. राकेश ने विशेष सहयोग दिया।
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कॉलेज प्राचार्या डा. कमलेश संधु ने कहा कि प्रजातंत्र में वोट की ताकत, सबसे बड़ी ताकत है। जाति, धर्म, भाषा, नस्ल और लिंग यह सब एक दूसरे को आपस में बांटते हैं। हमारे देश की विभिन्नता हमारी ताकत बनाने के बजाय, हमारी कमजोरी बनती जा रही है। राजनेता हमारे बीच अलगाव बोने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। आपस में लगातार एक-दूसरे का दोषी बताते हैं।
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प्रत्येक राजनीतिक दल का एक मात्र उद्देश्य अपना वोट बैंक बनाना और वोट बैंक बचाना है। आज देश में प्रत्येक राजनीति दल का वोट बैंक है। छोटे और क्षेत्रीय राजनीतिक दल भी किसी से कम नहीं है। धर्म, जाति, मजहब के नाम पर राजनीतिक दल अपना-अपना वोट बैंक बनाने में लगे हैं। इसका मुख्य कारण है कि देश की जनता ने रानीतिक दलों के झूठे वादों व कुछ निजी स्वार्थों को ध्यान में रखकर अयोग्य उम्मीदवार विजेता बनाकर सरकार में भेज देते हैं।
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कॉलेज प्राचार्या ने बताया कि 10 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनावों में जनता के पास अच्छा मौका है कि वह ऐसा प्रतिनिधि चुनें, जो सरकार में आपकी आवाज बनकर जाए। डा. राजेन्द्र ढुल ने बताया कि विश्व में सबसे अधिक युवा शक्ति भारत में है। करीब 65 प्रतिशत वोट ऐसी है जो 18 वर्ष से लेकर 35 वर्ष तक के युवाओं की है। देश का युवा ही राजनीति में परिवर्तन लाने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि युवाओं को निर्धारित करना है कि वे भारत का प्रतिनिधित्व कैसे व्यक्ति से चाहते हैं। प्राध्यापक राजकुमार ने बताया कि वोट का प्रयोग अधिक करने से देश के विकास में बढ़ावा मिलता है। इस सेमिनार को सफल बनाने में डा. राकेश ने विशेष सहयोग दिया।