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ई-टिकटिंग मशीनों की योजना ठंडे बस्ते में

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jul 2022 12:57 AM IST
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Scheme of e-ticketing machines on hold
कैथल। रोडवेज के लिए सरकार ने स्मार्ट ई-टिकटिंग मशीनों की योजना शुरू की है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कई जिलों में यह लागू हो गई लेकिन कैथल में अभी तक यह योजना ठंडे बस्ते में है। यहां रोडवेज डिपो में 40 से अधिक स्मार्ट ई-टिकटिंग मशीनें पहुंचनी थी परंतु ऐसा नहीं हो पाया। इस संबंध में महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि यह योजना मुख्यालय स्तर की है। स्मार्ट ई-टिकटिंग मशीनों के वितरण का निर्णय मुख्यालय करता है। फिलहाल उनके पास इस संबंध में कोई सूचना नहीं है।
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गौरतलब है कि सरकार की तरफ बसों में टिकट प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए यह निर्णय लिया है। इसके आने से बसों में जीपीएस व इंटरनेट की सुविधा भी मोबाइल सिम के माध्यम से प्रयोग की जाएगी। इसमें स्कैनर से लेकर जीपीएस तक की सुविधा दी जाएगी। इससे बस चालक और परिचालक की लोकेशन भी आसानी से ट्रेस हो पाएगी। ऐसे में दुर्घटना होने की स्थिति में भी यह काफी कारगर साबित होगी। हालांकि शुरुआती चरण में स्मार्ट ई-टिकटिंग मशीनों को केवल ट्रायल के तौर ही प्रयोग में लाया जाना है।
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यह व्यवस्था शुरू होने से रोडवेज बसों में फ्री पास और रियायती कोटे के तहत यात्रा करने वाली सवारियों को एक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) जारी किया जाएगा। इस कार्ड को जैसे ही परिचालक अपने ई-टिकटिंग कियोस्क पर स्कैन करेगा, यात्री की यात्रा से संबंधित डाटा कंट्रोल रूम में आ जाएगा। इससे विभाग को यह जानकारी रहेगी कि फ्री पास और रियायती कोटे के तहत कितने यात्रियों ने यात्रा की है। रूटीन में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी एनसीएमसी कार्ड जारी करेंगे। यात्री कार्ड को रिचार्ज करा सकते हैं। यात्रा के दौरान कार्ड स्कैन करने से किराया कट जाएगा। इससे वे कैशलेस सुविधा से ई-टिकटिंग का लाभ ले सकते हैं।
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ई-टिकटिंग की सुविधा से यात्रियों की संख्या का डाटा विभाग के पास रहेगा। इससे जिस रूट पर ज्यादा सवारियां यात्रा कर रही हैं, उस रूट पर ज्यादा बसों की शेड्यूलिंग की जा सकती है। ई-टिकटिंग मशीन से जारी टिकट को न तो रि-इश्यू किया जा सकता है और न ही उसका नकली टिकट काटा जा सकता है।

अभी तक यहां पहुंची सुविधा
सरकार ने अभी तक सिरसा, गुरुग्राम, सोनीपत, चंडीगढ़ और फरीदाबाद में ही स्मार्ट ई-टिकटिंग मशीन की सुविधा दी है परंतु दूसरे जिले में इसका वितरण नहीं किया गया है।
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