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पशु शेड योजना में गड़बड़झाला, बिना निर्माण 2.71 लाख रुपये का भुगतान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 12:30 AM IST
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Scam in cattle shed scheme, payment of 2.71 lakh without construction
मनरेगा मजदूरों के लिए पशु शेड योजना में भारी गोलमाल का मामला उजागर हुआ है। गांव बालू की बिढाण पट्टी में आठ कैटल शेड धरातल पर हैं ही नहीं पर 13 जुलाई को सरकारी खाते से उसके लिए दो लाख 71 हजार की पेमेंट हो चुकी है। यही नहीं इन कैटल शेड के लिए जिसके नाम पर आवेदन किये गये, उसे इसकी जानकारी भी नहीं। ऐसे में सोमवार को जब ईंटों से भरे ट्रैक्टर उनके पास पहुंचे तो वे हैरान रह गये। उन्होंने ईंटें उतरवाने से भी इंकार कर दिया। बताया जा रहा है कि यदि पूरे उपमंडल में जांच की जाए तो बड़ा फर्जीवाड़ा मिल सकता है।
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गांव बालू बिढाण पट्टी के आरटीआई एक्टिविस्ट गुरुदेव सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की स्कीम के तहत मनरेगा मजदूरों को उनके पशुओं के लिए कैटल शेड बनाने के लिए 60 हजार रुपये का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उनकी पट्टी के दस मनरेगा मजदूरों ने शेड के लिए आवेदन किया था। नियमानुसार प्रार्थी को पहले अपने खर्च पर शेड बनवाना पड़ता है, उसके बाद विभाग से उसकी पेमेंट की जाती है। गुरुदेव ने बताया कि आवेदकों में से तीन लोगों ने शेड का निर्माण अपने स्तर पर करवा लिया। उन तीन में से केवल जगबीर पुत्र ओमप्रकाश की पार्ट पेमेंट हुई है। बाकी दो प्रार्थी अपने बिलों को पास करवाने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिना धरातल पर कोई निर्माण हुए दो लाख 71 हजार की पेमेंट आखिर किसे कर दी गई, इसका विभाग के पास जवाब नहीं है। उन्होंने बताया कि जो निर्माण कार्य में सामग्री के बिल लगाए गए हैं, उनमें से अधिकांश नरवाना की एक फर्म के ही हैं। एक लाभार्थी जिसको 13 जुलाई को 38805 रुपये की राशि जारी दर्शाई गई है, उसका देहांत कुछ माह पूर्व हो चुका है।
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दूसरी ओर कैटल शेड के आवेदक सोमवार सुबह उस समय हैरान रह गए जब ईंटों से भरे ट्रैक्टर उनके पास पहुंचे। आवेदकों ने निर्माण सामग्री को उतरवाने से मना कर दिया। इस संबंध में एसडीएम वीरेंद्र ढुल ने कहा कि अभी तक उनके पास इस संदर्भ में कोई शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत आती है तो वे विस्तृत जांच करवाएंगे। जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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