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Kaithal News: सुबह सैंपल, दोपहर को रिपोर्ट, अगले दिन कराओ जांच
Fri, 31 Oct 2025 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 31 Oct 2025 12:56 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में जांच और इलाज के लिए आने वाले मरीजों को घंटों लाइन में खड़े रहकर परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में सुबह सैंपल देने के बाद रिपोर्ट दोपहर एक बजे के बाद मिलती है, जिससे मरीजों को डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाने के लिए अगले दिन दोबारा आना पड़ता है। इस कारण इलाज में दो दिन लग रहे हैं। वर्षों से यह व्यवस्था इसी तरह चल रही है, लेकिन इसमें अब तक सुधार नहीं हो सका है।
सैंपल जांच कक्ष छोटा पड़ जाने से मरीजों को धूप में कई-कई घंटे लाइन में खड़े रहना पड़ता है। रोजाना करीब दो हजार मरीज टेस्ट के लिए पहुंचते हैं। वहीं नागरिक अस्पताल में चल रहे मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्य ने भी स्थिति और कठिन बना दी है। अव्यवस्था के कारण ओपीडी में बैठने की जगह तक नहीं बची है।
विभागों की अस्थायी शिफ्टिंग से बढ़ी अफरा-तफरी ः मरम्मत कार्य के चलते कई विभागों को अस्थायी रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया है। दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओपीडी कई बार एक ही छोटे कमरे में चलानी पड़ती है, जिससे मरीजों को असुविधा और लंबी लाइनें झेलनी पड़ रही हैं। जगह की कमी के कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। बदलते मौसम के चलते खांसी, जुकाम, वायरल बुखार, बदन दर्द और आंखों के संक्रमण के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।
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इन दिनों ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। त्योहारों के दौरान अवकाश से भीड़ में इजाफा हुआ है। मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. रेनू चावला, सीएमओ
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में जांच और इलाज के लिए आने वाले मरीजों को घंटों लाइन में खड़े रहकर परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में सुबह सैंपल देने के बाद रिपोर्ट दोपहर एक बजे के बाद मिलती है, जिससे मरीजों को डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाने के लिए अगले दिन दोबारा आना पड़ता है। इस कारण इलाज में दो दिन लग रहे हैं। वर्षों से यह व्यवस्था इसी तरह चल रही है, लेकिन इसमें अब तक सुधार नहीं हो सका है।
सैंपल जांच कक्ष छोटा पड़ जाने से मरीजों को धूप में कई-कई घंटे लाइन में खड़े रहना पड़ता है। रोजाना करीब दो हजार मरीज टेस्ट के लिए पहुंचते हैं। वहीं नागरिक अस्पताल में चल रहे मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्य ने भी स्थिति और कठिन बना दी है। अव्यवस्था के कारण ओपीडी में बैठने की जगह तक नहीं बची है।
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विभागों की अस्थायी शिफ्टिंग से बढ़ी अफरा-तफरी ः मरम्मत कार्य के चलते कई विभागों को अस्थायी रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया है। दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओपीडी कई बार एक ही छोटे कमरे में चलानी पड़ती है, जिससे मरीजों को असुविधा और लंबी लाइनें झेलनी पड़ रही हैं। जगह की कमी के कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। बदलते मौसम के चलते खांसी, जुकाम, वायरल बुखार, बदन दर्द और आंखों के संक्रमण के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।
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इन दिनों ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। त्योहारों के दौरान अवकाश से भीड़ में इजाफा हुआ है। मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. रेनू चावला, सीएमओ