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Kaithal News: संतान की दीर्घायु के लिए सकट चौथ व्रत कल, बन रहा शुभ योग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jan 2024 04:10 AM IST
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Sakat Chauth fast tomorrow for the longevity of children, auspicious time is being formed
कलायत। माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संतान की दीर्घायु के लिए माताओं द्वारा मनाया जाने वाला सकट चौथ का व्रत 29 जनवरी को है। इस खास अवसर पर महिलाएं संतान की दीर्घ आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं। 29 जनवरी 2024 को सकट चौथ व्रत के दिन शोभन योग, त्रिग्रही योग का शुभ संयोग बन रहा है।
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पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि भारत वर्ष में सकट चौथ को तिलकुट, संकष्टी चतुर्थी और माघ चतुर्थी आदि नामों से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गणपति जी की विधिपूर्वक पूजा-व्रत करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। शांडिल्य ने बताया की सकट चौथ के दिन भगवान गणेश जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना करना अधिक फलदायी माना जाता है। इस व्रत को करने से भगवान गणेश जी प्रसन्न होते हैं। इस व्रत को महिलाएं संतान की दीर्घ आयु के लिए करतीं हैं। पूजा के दौरान व्रत कथा पढ़ने व सुनने का अधिक महत्व है। कथा सुनने या पढ़ने के साथ ही व्रत पूर्ण माना जाता है। इसके अलावा इस दिन चंद्र देव को जल देने से संतान को रोग नहीं होता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
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संकट चौथ व्रत का शुभ मुहूर्त-
शांडिल्य न बताया की दैनिक पंचांग के अनुसार, माघ माह की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 29 जनवरी सुबह छह बजकर 10 मिनट से होगी और अगले दिन यानी 30 जनवरी को सुबह आठ बजकर 54 मिनट पर तिथि का समापन होगा। इस बार सकट चौथ का व्रत 29 जनवरी को है। सकट चौथ के दिन चंद्रोदय रात नौ बजकर 10 मिनट पर होगा। इस दिन चंद्र देव को अघ्र्य देने के बाद सकट चौथ व्रत का पारण किया जाता है। मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और संतान को लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शोभन योग में गणपति पूजा करने से सुख, सौभाग्य, आय में वृद्धि होती है। इस दिन धनु राशि में मंगल, शुक्र और बुध विराजमान होंगे, जिससे त्रिग्रही योग बनेगा। ऐसे में इस दिन गणपति की सिंदूर और दूर्वा से पूजा करने पर तीन ग्रहों की कृपा प्राप्त होगी।
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