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आरटीपीसीआर लैब तैयार, अनुमति मिलते ही शुरू हो जाएंगी कोरोना सैंपलों की जांच
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RTPCR lab ready, testing of corona samples will start as soon as permission is given
- फोटो : Kaithal
कैथल। कलायत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आरटीपीसीआर लैब बनकर तैयार हो चुकी है। इसमें अब पीजीआई चंडीगढ़ व केंद्र सरकार से कोरोना टेस्टिंग के लिए अनुमति मिलना शेष है। अगले दो-तीन दिन में यह मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद कैथल में ही कोरोना के टेस्ट हो सकेंगे।
विदित रहे कि कोरोना के दूसरी लहर में कलायत में आरटीपीसीआर लैब की मंजूरी मिली थी। कोरोना का प्रकोप शुरू होने से लेकर अब तक कोरोना टेस्टिंग के लिए लोगों के सैंपल लेकर करनाल, अंबाला तो कभी हिसार भेजे गए। इस समय हर रोज दो कर्मचारी पंचकूला सैंपल लेकर जाते हैं और कोरोना का टेस्ट करवाते हैं। कलायत में बनने वाली लैब को लेकर लगातार हो रही देरी के कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे थे। जिस कारण इसका काम तेज किया गया। अब लैब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गई है। लेकिन टेस्ट रिपोर्ट के लिए केंद्र सरकार व पीजीआई चंडीगढ़ से मंजूरी मिलना शेष रह गया है।
दूसरा इस लैब में कोरोना के समय में ठेकेदार के माध्यम से भर्ती किए गए स्टाफ सदस्यों का दो माह का मानदेय भी लटका हुआ है। कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी के सैंपल की टेस्ट करना भी अपने आप में एक जोखिम भरा कार्य है। जिस कारण बिना मानदेय के काम शुरू करने को लेकर इन कर्मचारियों में भी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों का कहना है कि अब येे कर्मचारी मानदेय मिलने पर ही काम शुरू कर करेंगे।
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इस संबंध में सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि लैब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गई है। इसके सैंपल की रिपोर्ट को पीजीआई चंडीगढ़ द्वारा मंजूरी दी जानी है। साथ ही केंद्र सरकार से भी इसकी मंजूरी आनी है। अगले दो-तीन दिनों में यह लैब शुरू हो जाएगी। कर्मचारियों का मानदेय विभाग द्वारा एजेंसी को दे दिया गया है। इस मानदेय का भुगतान अब एजेंसी द्वारा ही किया जाना है।
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विदित रहे कि कोरोना के दूसरी लहर में कलायत में आरटीपीसीआर लैब की मंजूरी मिली थी। कोरोना का प्रकोप शुरू होने से लेकर अब तक कोरोना टेस्टिंग के लिए लोगों के सैंपल लेकर करनाल, अंबाला तो कभी हिसार भेजे गए। इस समय हर रोज दो कर्मचारी पंचकूला सैंपल लेकर जाते हैं और कोरोना का टेस्ट करवाते हैं। कलायत में बनने वाली लैब को लेकर लगातार हो रही देरी के कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे थे। जिस कारण इसका काम तेज किया गया। अब लैब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गई है। लेकिन टेस्ट रिपोर्ट के लिए केंद्र सरकार व पीजीआई चंडीगढ़ से मंजूरी मिलना शेष रह गया है।
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दूसरा इस लैब में कोरोना के समय में ठेकेदार के माध्यम से भर्ती किए गए स्टाफ सदस्यों का दो माह का मानदेय भी लटका हुआ है। कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी के सैंपल की टेस्ट करना भी अपने आप में एक जोखिम भरा कार्य है। जिस कारण बिना मानदेय के काम शुरू करने को लेकर इन कर्मचारियों में भी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों का कहना है कि अब येे कर्मचारी मानदेय मिलने पर ही काम शुरू कर करेंगे।
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इस संबंध में सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि लैब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गई है। इसके सैंपल की रिपोर्ट को पीजीआई चंडीगढ़ द्वारा मंजूरी दी जानी है। साथ ही केंद्र सरकार से भी इसकी मंजूरी आनी है। अगले दो-तीन दिनों में यह लैब शुरू हो जाएगी। कर्मचारियों का मानदेय विभाग द्वारा एजेंसी को दे दिया गया है। इस मानदेय का भुगतान अब एजेंसी द्वारा ही किया जाना है।