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काम नहीं होने पर आरटीए कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
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- फोटो : Kaithal
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करीब दो सप्ताह पहले आरटीए विभाग में अधिकारियों व कर्मचारियों के फेरबदल से विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं लोगों को भी कार्यालय के रोजाना चक्कर काटने पड़ रहे है। सोमवार को आरटीए कार्यालय में दर्जनभर लोग लर्निंग लाइसेंस व वाहन रजिस्ट्रेशन व परमिट संबंधित काम के लिए पहुंचे तो उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बता दें कि सरकार की ओर से प्रदेशभर में करीब पंद्रह दिन पहले आरटीए की जगह डीटीओ यानी जिला ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी लगाए गए हैं। इसके बाद आरटीए कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यशैली से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं नवनियुक्त कर्मचारियों को कामकाज का अभाव बताया जा रहा है।
एक-एक महीने से काट रहे चक्कर
आरटीए कार्यालय पहुंचे लोगों जसबीर, दर्शन चीका, प्रदीप सिरसवाला, कुलदीप, सुनिल, सुरेंद्र, संदीप, अमनदीप सिंह, सोहन लाल, मुकेश व अमित ने बताया कि वे परमिट रिन्यू, लर्निंग लाइसेंस व आरसी की फाइल कम्पलीट कराने के लिए एक-एक महीने से यहां चक्कर लगा रहे है। लेकिन यहां कभी अधिकारी तो कभी कर्मचारी न होने का हवाला दिया जाता है। लोगों का आरोप है कि अपने चेहतों के ही काम किए जा रहे है। यहां पेयजल की भी सुविधा नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि काम-धंधा छोड़कर आना पड़ रहा है। लेकिन यहां पर काम न होने पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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पहले भी लोगों द्वारा किया गया हंगामा
पिछले सप्ताह भी काम न होने पर आहत लोगों ने विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ नारे बाजी की थी। उस दौरान भी लोगों को जैसे-तैसे शांत किया गया था। इसके बाद सोमवार को भी दर्जनों व्यक्ति कार्यालय पहुंचे इन्हें भी संबंधित कर्मचारी नहीं मिले।
नवनियुक्त कर्मचारियों को भेजा वापस
प्राप्त जानकारी के अनुसार रोडवेज से तीन कर्मचारियों को आरटीए कार्यालय में नियुक्त किया गया था। लेकिन आदेशों के बाद दोबारा रोडवेज विभाग में ही भेजा गया है। वहीं इस दौरान जिम्मेवार अधिकारी मौके पर नहीं मिला। इसके बाद फोन से संपर्क साधने की कोशिश की तो फोन भी कट किया।
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बता दें कि सरकार की ओर से प्रदेशभर में करीब पंद्रह दिन पहले आरटीए की जगह डीटीओ यानी जिला ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी लगाए गए हैं। इसके बाद आरटीए कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यशैली से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं नवनियुक्त कर्मचारियों को कामकाज का अभाव बताया जा रहा है।
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एक-एक महीने से काट रहे चक्कर
आरटीए कार्यालय पहुंचे लोगों जसबीर, दर्शन चीका, प्रदीप सिरसवाला, कुलदीप, सुनिल, सुरेंद्र, संदीप, अमनदीप सिंह, सोहन लाल, मुकेश व अमित ने बताया कि वे परमिट रिन्यू, लर्निंग लाइसेंस व आरसी की फाइल कम्पलीट कराने के लिए एक-एक महीने से यहां चक्कर लगा रहे है। लेकिन यहां कभी अधिकारी तो कभी कर्मचारी न होने का हवाला दिया जाता है। लोगों का आरोप है कि अपने चेहतों के ही काम किए जा रहे है। यहां पेयजल की भी सुविधा नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि काम-धंधा छोड़कर आना पड़ रहा है। लेकिन यहां पर काम न होने पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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पहले भी लोगों द्वारा किया गया हंगामा
पिछले सप्ताह भी काम न होने पर आहत लोगों ने विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ नारे बाजी की थी। उस दौरान भी लोगों को जैसे-तैसे शांत किया गया था। इसके बाद सोमवार को भी दर्जनों व्यक्ति कार्यालय पहुंचे इन्हें भी संबंधित कर्मचारी नहीं मिले।
नवनियुक्त कर्मचारियों को भेजा वापस
प्राप्त जानकारी के अनुसार रोडवेज से तीन कर्मचारियों को आरटीए कार्यालय में नियुक्त किया गया था। लेकिन आदेशों के बाद दोबारा रोडवेज विभाग में ही भेजा गया है। वहीं इस दौरान जिम्मेवार अधिकारी मौके पर नहीं मिला। इसके बाद फोन से संपर्क साधने की कोशिश की तो फोन भी कट किया।