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Kaithal News: रोडवेज कर्मचारी 5-6 सितंबर को करेंगे दो दिवसीय चक्का जाम
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नारेबाजी करते हुए कर्मचारी। विज्ञप्ति
कैथल। रोडवेज विभाग में चालक, परिचालक, हेल्पर और मेकेनिकों के हजारों रिक्त पदों पर भर्ती करवाने समेत विभिन्न मांगोंकके लिए हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने परिवहन मंत्री पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए 5 और 6 सितंबर को राज्यव्यापी दो दिवसीय चक्का जाम करने का एलान किया है।
बुधवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कैथल डिपो में कर्मचारियों ने दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद महाप्रबंधक को परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता डिपो प्रधान प्रवीण कुमार, संदीप कुमार और अनिल कुमार ने की, जबकि संचालन सचिव बलवान कुंडू, पवन कुमार और सुनील कुमार ने किया।
15 दिन में बैठक का दिया था आश्वासन
मोर्चे के वरिष्ठ नेताओं करिसन किछाना, महावीर संधु, अभिषेक शर्मा, जसवीर सिंह और सुशील कुमार ने कहा कि 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास के घेराव के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया था। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों पर 15 दिन के भीतर बैठक बुलाने का आश्वासन दिया था लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद बैठक बुलाने संबंधी कोई पत्र जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में रोष है।
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ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाने और लिपिकों की तर्ज पर तीन वेतन वृद्धि देने, जोखिम वाली ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने और चालकों का पे-ग्रेड बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा स्टैंड इंचार्ज का पद सृजित कर पदोन्नति देने, 2016 में भर्ती चालकों को पक्का करने और 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने की मांग भी उठाई।
मोर्चे ने एचकेआरएन के माध्यम से लगे परिचालकों सहित सभी कर्मचारियों को पक्का करने, घाटे का सौदा साबित हो रही इलेक्ट्रिक बसों की ठेका व्यवस्था समाप्त करने, कर्मचारियों को पहले की तरह अर्जित अवकाश का लाभ देने, कार्यालय सहायकों के पद बढ़ाने और लिपिकों की पदोन्नति करने की मांग भी रखी।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी हड़ताल जैसे बड़े आंदोलन के जरिये आम जनता को परेशानी नहीं देना चाहते लेकिन सरकार उनकी मांगों पर वार्ता के लिए कदम नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों का समाधान नहीं किया तो 5 और 6 सितंबर को प्रदेशभर के सभी डिपो में मजबूरी में राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी।
प्रदर्शन में अमित शर्मा, जय भगवान, रामनिवास किठाना, मनोज कुमार, वीरेंद्र, विनोद कुमार, कपिल शर्मा, कमल, मनोज मटोर, राजेंद्र, सतीश कुमार, सुरेश कुमार, संदीप कुमार, अरुण कुमार और अमरेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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बुधवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कैथल डिपो में कर्मचारियों ने दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद महाप्रबंधक को परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता डिपो प्रधान प्रवीण कुमार, संदीप कुमार और अनिल कुमार ने की, जबकि संचालन सचिव बलवान कुंडू, पवन कुमार और सुनील कुमार ने किया।
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15 दिन में बैठक का दिया था आश्वासन
मोर्चे के वरिष्ठ नेताओं करिसन किछाना, महावीर संधु, अभिषेक शर्मा, जसवीर सिंह और सुशील कुमार ने कहा कि 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास के घेराव के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया था। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों पर 15 दिन के भीतर बैठक बुलाने का आश्वासन दिया था लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद बैठक बुलाने संबंधी कोई पत्र जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में रोष है।
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ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाने और लिपिकों की तर्ज पर तीन वेतन वृद्धि देने, जोखिम वाली ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने और चालकों का पे-ग्रेड बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा स्टैंड इंचार्ज का पद सृजित कर पदोन्नति देने, 2016 में भर्ती चालकों को पक्का करने और 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने की मांग भी उठाई।
मोर्चे ने एचकेआरएन के माध्यम से लगे परिचालकों सहित सभी कर्मचारियों को पक्का करने, घाटे का सौदा साबित हो रही इलेक्ट्रिक बसों की ठेका व्यवस्था समाप्त करने, कर्मचारियों को पहले की तरह अर्जित अवकाश का लाभ देने, कार्यालय सहायकों के पद बढ़ाने और लिपिकों की पदोन्नति करने की मांग भी रखी।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी हड़ताल जैसे बड़े आंदोलन के जरिये आम जनता को परेशानी नहीं देना चाहते लेकिन सरकार उनकी मांगों पर वार्ता के लिए कदम नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों का समाधान नहीं किया तो 5 और 6 सितंबर को प्रदेशभर के सभी डिपो में मजबूरी में राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी।
प्रदर्शन में अमित शर्मा, जय भगवान, रामनिवास किठाना, मनोज कुमार, वीरेंद्र, विनोद कुमार, कपिल शर्मा, कमल, मनोज मटोर, राजेंद्र, सतीश कुमार, सुरेश कुमार, संदीप कुमार, अरुण कुमार और अमरेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

नारेबाजी करते हुए कर्मचारी। विज्ञप्ति