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Kaithal News: कोहरे में बिना फॉग लाइटों के रोडवेज बसें
Thu, 07 Dec 2023 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 07 Dec 2023 01:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दिसंबर महीना शुरू होने के बाद ठंड में इजाफा होने लगा है। साथ ही सुबह और शाम धुंध और कोहरा भी छाने लगा है। इसके बावजूद कैथल डिपो में अब तक फॉग लाइटों का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। ऐसे में रोडवेज बसों के हादसों का भय रहता है। वहीं, अब तक बसों में रिफ्लेक्टर लगाने का कार्य भी शुरू नहीं हो पाया है।
गौरतलब है कि इस समय कैथल डिपो में नई आई बसों में फॉग लाइट का प्रबंध किया गया है, लेकिन अभी तक पहले ही चल रही बीएस तीन और चार की तकनीक वाली बसों में फॉग लाइट का प्रबंध नहीं किया गया है। इस समय कैथल डिपो में 189 बसें हैं। इनमें से करीब 90 बसें बीएस छह तकनीक की हैं जबकि अन्य बसों बीएस तीन और चार तकनीक की हैं।
अब धुंध व कोहरे के दौरान बसों चालकों के लिए सड़कों पर सफर करना परेशानी भरा हो जाता है। अभी तक रोडवेज कार्यशाला की तरफ से बसों को फॉग लाइटें नहीं लगाई गई है। यात्री सुनील, रवि और रणदीप ने बताया कि रोडवेज बस में फॉग लाइट नहीं है, इस कारण रोडवेज बसों में सफर करते समय हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। ठंड व धुंध के मौसम को देखते हुए फॉग लाइटों का प्रबंध किया जाना चाहिए। सुबह के समय कॉलेज के विद्यार्थियों के अधिक होने के चलते बसों में भीड़ का आलम अधिक रहता है। इसलिए सड़क दुघर्टनाएं होने की आशंका अधिक रहती है। संबंधित विभाग को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
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धुंध के दौरान सड़क से गुजर रही बस दूर से ही दिखाई दे इसके लिए रिफ्लेक्टर लगाने जरूरी है, लेकिन रोडवेज की बसों में यह बहुत कम दिखाई दे रहा है। ऐसे में यदि कोई तेज गति से वाहन बस से टकराता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। इस मौसम में बिना फॉग लाइट वाले वाहन को देखना संभव नहीं हो पाता है, जिससे सामने से आ रहा वाहन चालक गाड़ी नहीं देख पाता है और दुर्घटना हो जाती है। बताया कि बसों के पीछे व साइड में रेडियम टेप या तो लगे ही नहीं हैं और अधिकतर बसों में टेप काफी गंदे हो चुके हैं, जिससे इन पर लाइट पडऩे पर भी चमक नहीं बन पाती है। इससे वाहन चालक वाहन का अंदाजा नहीं लगा पाता और दुर्घटना हो जाती है।
कुछ ही बसों में लाइट लगानी है बाकी : गर्ग
रोडवेज के महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि डिपो में इस समय 189 बसें हैं। इनमें से अधिकतर बसों में फॉग लाइट व रेडियम टेप लगाई जा चुकी हैं। जबकि कुछ बसों में लाइटों की जरूरत नहीं है। बची हुई बसों में लाइट लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
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कैथल। दिसंबर महीना शुरू होने के बाद ठंड में इजाफा होने लगा है। साथ ही सुबह और शाम धुंध और कोहरा भी छाने लगा है। इसके बावजूद कैथल डिपो में अब तक फॉग लाइटों का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। ऐसे में रोडवेज बसों के हादसों का भय रहता है। वहीं, अब तक बसों में रिफ्लेक्टर लगाने का कार्य भी शुरू नहीं हो पाया है।
गौरतलब है कि इस समय कैथल डिपो में नई आई बसों में फॉग लाइट का प्रबंध किया गया है, लेकिन अभी तक पहले ही चल रही बीएस तीन और चार की तकनीक वाली बसों में फॉग लाइट का प्रबंध नहीं किया गया है। इस समय कैथल डिपो में 189 बसें हैं। इनमें से करीब 90 बसें बीएस छह तकनीक की हैं जबकि अन्य बसों बीएस तीन और चार तकनीक की हैं।
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अब धुंध व कोहरे के दौरान बसों चालकों के लिए सड़कों पर सफर करना परेशानी भरा हो जाता है। अभी तक रोडवेज कार्यशाला की तरफ से बसों को फॉग लाइटें नहीं लगाई गई है। यात्री सुनील, रवि और रणदीप ने बताया कि रोडवेज बस में फॉग लाइट नहीं है, इस कारण रोडवेज बसों में सफर करते समय हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। ठंड व धुंध के मौसम को देखते हुए फॉग लाइटों का प्रबंध किया जाना चाहिए। सुबह के समय कॉलेज के विद्यार्थियों के अधिक होने के चलते बसों में भीड़ का आलम अधिक रहता है। इसलिए सड़क दुघर्टनाएं होने की आशंका अधिक रहती है। संबंधित विभाग को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
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धुंध के दौरान सड़क से गुजर रही बस दूर से ही दिखाई दे इसके लिए रिफ्लेक्टर लगाने जरूरी है, लेकिन रोडवेज की बसों में यह बहुत कम दिखाई दे रहा है। ऐसे में यदि कोई तेज गति से वाहन बस से टकराता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। इस मौसम में बिना फॉग लाइट वाले वाहन को देखना संभव नहीं हो पाता है, जिससे सामने से आ रहा वाहन चालक गाड़ी नहीं देख पाता है और दुर्घटना हो जाती है। बताया कि बसों के पीछे व साइड में रेडियम टेप या तो लगे ही नहीं हैं और अधिकतर बसों में टेप काफी गंदे हो चुके हैं, जिससे इन पर लाइट पडऩे पर भी चमक नहीं बन पाती है। इससे वाहन चालक वाहन का अंदाजा नहीं लगा पाता और दुर्घटना हो जाती है।
कुछ ही बसों में लाइट लगानी है बाकी : गर्ग
रोडवेज के महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि डिपो में इस समय 189 बसें हैं। इनमें से अधिकतर बसों में फॉग लाइट व रेडियम टेप लगाई जा चुकी हैं। जबकि कुछ बसों में लाइटों की जरूरत नहीं है। बची हुई बसों में लाइट लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।