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Kaithal News: बारिश से सड़कें लबालब, चिंतित किसान
Tue, 21 Mar 2023 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 21 Mar 2023 12:25 AM IST
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कैथल। सोमवार दोपहर बाद हुई बेमौसम बारिश से सड़कें लबालब हो गईं। पानी लांघकर राहगीर नजर आए। पानी गिरने के बाद हवा चलने से ठंड फिर लौट आई। उधर, बारिश ने किसानों की लहलहाती गेहूं की फसल को जमीन पर बिछा दिया है। कृषि विभाग के अधिकारी करीब एक हजार एकड़ में नुकसान की आशंका जता रहे हैं। सब्जियों को भी क्षति पहुंची है। लगभग 10 एमएम पानी बरसा है।
जिले में दोपहर से पहले गांव भागल में बारिश के साथ तेज ओले पड़े। जिस कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। घरों में भी सफेद चादर बिछ गई। ओलावृष्टि की यह सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हुई ही थी कि दोपहर बाद करीब दो बजे कैथल व आस-पास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश शुरू हो गई। जो देर रात तक जारी रही। बारिश के चलते शहर की सभी सड़कें भी जलमग्न हो गईं है। वहीं ठंडी हवाओं ने एक बार फिर से लोगों को ठंडक का एहसास करवाया। बरसात थमने के बाद लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। वहीं बरसात के बाद अधिकतम तापमान में लगभग 06 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई हैं।
किसान रामफल, साहिल चहल नरड़, केशा राम, पिन्नी चहल, महाबीर, जमना राम ने कहा कि बेमौसमी बरसात व तेज हवाओं व ओलावृष्टि के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों की सारी फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे गेहूं का दाना काला पड़ जाएगा और उत्पादन कम होगा। इस बार किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। वहीं जिन किसानों की सरसों की कटाई रहती है उनको भी नुकसान है। बरसात व तेज हवाओं के चलते सरसों की फलियों से दाने निकलकर जमीन में गिर जाएंगे। जो किसानों के किसी भी काम के नहीं रहेंगे। पानी निकासी के दावे हवा हवाई-बरसात के चलते शहर में सभी सडक़ों पर पानी जमा हो गया है। बरसात रुकने के बाद ही कई घंटे बाद सड़कों से पानी उतरा।
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शहर में प्रशासन के पानी निकासी के दावे भी हवा हवाई नजर आए। राहगीरों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। लगभग डेढ़ घंटे तक जमकर मूसलाधार बरसात हुई। इसके बाद देर शाम तक बूंदाबांदी जारी रही। कामकाज से घर लौटने वाले लोगों को भी बरसात के चलते मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं ठंड के कारण सर्दी व जुकाम की समस्या बढ़ गई। बाल रोग विशेषज्ञ डा. अनिल अग्रवाल ने कहा कि बच्चों को इस मौसम में बचा कर रखें। उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं।
कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने कहा कि फसलों में जहां पर भी पानी जमा हुआ है उसे किसान उतार दें। जिले में बरसात से कितना नुकसान हुआ इसका जायजा लिया जाएगा। लगभग एक हजार एकड़ गेहूं की फसल प्रभावित होने की संभावनाएं हैँ। सही जानकारी जमीनी स्तर पर जानकारी लेने पर ही पता चलेगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के नायब सदर कानूनगो जितेंद्र कुमार ने बताया कि बरसात की पैमाई सुबह आठ बजे उनके पास पहुंचती है।
उधर, चीका शहरी क्षेत्र के सिनेमा रोड, अनाज मंडी, पार्क रोड, अग्रसेन मार्केट व शहर की छोटी मंडी में हुए जलभराव से दुकानदारों व ग्राहकों को दिक्कतें पेश आई। दुकानदार राजेंद्र कुमार, हेमराज, रोकी, जयभगवान, जयनारायण ने बताया कि बरसाती पानी की निकासी के लिए नपा द्वारा कोई प्रबंध नहीं किया जाता, जिसके चलते थोड़ी सी बरसात में ही बाजारों में पानी जमा हो जाता है।
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जिले में दोपहर से पहले गांव भागल में बारिश के साथ तेज ओले पड़े। जिस कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। घरों में भी सफेद चादर बिछ गई। ओलावृष्टि की यह सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हुई ही थी कि दोपहर बाद करीब दो बजे कैथल व आस-पास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश शुरू हो गई। जो देर रात तक जारी रही। बारिश के चलते शहर की सभी सड़कें भी जलमग्न हो गईं है। वहीं ठंडी हवाओं ने एक बार फिर से लोगों को ठंडक का एहसास करवाया। बरसात थमने के बाद लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। वहीं बरसात के बाद अधिकतम तापमान में लगभग 06 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई हैं।
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किसान रामफल, साहिल चहल नरड़, केशा राम, पिन्नी चहल, महाबीर, जमना राम ने कहा कि बेमौसमी बरसात व तेज हवाओं व ओलावृष्टि के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों की सारी फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे गेहूं का दाना काला पड़ जाएगा और उत्पादन कम होगा। इस बार किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। वहीं जिन किसानों की सरसों की कटाई रहती है उनको भी नुकसान है। बरसात व तेज हवाओं के चलते सरसों की फलियों से दाने निकलकर जमीन में गिर जाएंगे। जो किसानों के किसी भी काम के नहीं रहेंगे। पानी निकासी के दावे हवा हवाई-बरसात के चलते शहर में सभी सडक़ों पर पानी जमा हो गया है। बरसात रुकने के बाद ही कई घंटे बाद सड़कों से पानी उतरा।
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शहर में प्रशासन के पानी निकासी के दावे भी हवा हवाई नजर आए। राहगीरों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। लगभग डेढ़ घंटे तक जमकर मूसलाधार बरसात हुई। इसके बाद देर शाम तक बूंदाबांदी जारी रही। कामकाज से घर लौटने वाले लोगों को भी बरसात के चलते मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं ठंड के कारण सर्दी व जुकाम की समस्या बढ़ गई। बाल रोग विशेषज्ञ डा. अनिल अग्रवाल ने कहा कि बच्चों को इस मौसम में बचा कर रखें। उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं।
कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने कहा कि फसलों में जहां पर भी पानी जमा हुआ है उसे किसान उतार दें। जिले में बरसात से कितना नुकसान हुआ इसका जायजा लिया जाएगा। लगभग एक हजार एकड़ गेहूं की फसल प्रभावित होने की संभावनाएं हैँ। सही जानकारी जमीनी स्तर पर जानकारी लेने पर ही पता चलेगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के नायब सदर कानूनगो जितेंद्र कुमार ने बताया कि बरसात की पैमाई सुबह आठ बजे उनके पास पहुंचती है।
उधर, चीका शहरी क्षेत्र के सिनेमा रोड, अनाज मंडी, पार्क रोड, अग्रसेन मार्केट व शहर की छोटी मंडी में हुए जलभराव से दुकानदारों व ग्राहकों को दिक्कतें पेश आई। दुकानदार राजेंद्र कुमार, हेमराज, रोकी, जयभगवान, जयनारायण ने बताया कि बरसाती पानी की निकासी के लिए नपा द्वारा कोई प्रबंध नहीं किया जाता, जिसके चलते थोड़ी सी बरसात में ही बाजारों में पानी जमा हो जाता है।