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ऑनलाइन धान खरीद का भुगतान नहीं होने से आढ़ती और किसान परेशान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Oct 2019 01:03 AM IST
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rise pement
rise pement - फोटो : Kaithal
शहर की पुरानी अनाज मंडी में आढ़तियों को एजेंसियों द्वारा ऑनलाइन खरीदी गई धान की पेमेंट नहीं मिली है। जिसका प्रभाव मंडी में किसानों और आढ़तियों के बीच होने वाले लेनदेन पर पड़ रहा है। आढ़तियों के माध्यम से फसल की बोली करवाने वाले किसानों को कीमत नहीं मिलने से परेशानी उठानी ही पड़ रही है, साथ में आढ़ती भी एक दूसरे से पैसे लेकर किसानों को उनकी फसल का भुगतान किसी तरह कर रहे हैं।
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अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन श्याम बहादुर खुरानियां, प्रधान तरसेम गर्ग, आढ़ती श्रवण कुमार, अशोक कुमार, देवेंद्र सिंगला, चंद्रभान, सुमन लाल सिंगला व विनोद ने बताया कि कहने को तो ऑनलाइन खरीदी गई फसल की पेमेंट 72 घंटे के अंदर की जानी होती है, लेकिन कई-कई दिन बीत जाने के बाद भी पेमेंट नहीं मिल रही। आज भी मंडी के आढ़तियों की करीब 10 करोड़ रुपये पेमेंट बकाया पड़ी है।
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खरीद के लिए पहुंची तीन एजेंसियां, भुगतान एक से भी नहीं : आढ़तियों ने बताया कि मंडी में धान की खरीद के लिए डीएफएससी, वेयरहाउस व हेफेड तीन एजेंसियां पहुंच रही हैं। ऑनलाइन खरीद के बाद अभी तक एजेंसियों ने पेमेंट नहीं दी है। किसान आढ़तियों से पैसे मांग रहे हैं, आढ़तियों को पैसे नहीं मिल रहे। ऐसे में उनके साथ जुड़े किसान भी दूसरी मंडियों में फसल बेचने के लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को भी शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। सोमवार को मंडी के आढ़तियों ने पेमेंट की परेशानी के संबंध में डीसी को भी अवगत करवाया। जिस पर डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने उन्हें जल्द पेमेंट करवाने का आश्वासन दिया।
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29 सितंबर को खरीदी गई फसल की अभी तक नहीं मिली पेमेंट: चेयरमैन श्याम बहादुर खुरानियां ने बताया कि धान की फसल की जो खरीद 29 सितंबर को की गई थी उसकी पेमेंट भी अभी तक बकाया पड़ी है। पेमेंट तीन दिन में होना तो दूर की बात, दो सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी उनके खातों में नहीं आई है। त्योहारों का सीजन है। ऐसे में फसल लेकर मंडी में पहुंचने वाले किसान फसल बेचने के बाद आढ़तियों से पैसे की उम्मीद जता रहे हैं।
किसान बोले-पैसे नहीं मिले तो फीके रहेेगा त्योहार: किसान चंदन सिंह, गुरदेव, कृष्ण व दिलबाग ने कहा कि जल्द ही गेहूं व अन्य फसलों की बुआई का काम शुरू हो जाएगा। अगर ऐसे में उन्हें जल्द फसल की कीमत नहीं मिलती है तो फसल बुआई के साथ त्योहार भी फीके रहेंगे। वहीं मंडी में फसल बिकने का इंतजार कर रहे किसान चांदन सैनी ने कहा कि कल दोपहर से वह फसल लेकर मंडी में बैठा है। फसल की बिक्री भी समय पर नहीं हो रही।

बकाया का जल्द होगा भुगतान : जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार धान की खरीद थोड़ी देरी से शुरू हुई, जिस कारण पेमेंट को लेकर आढ़तियों को थोड़ा इंतजार करना पड़ा। उन्होंने बताया कि जिले की विभिन्न मंडियों में पांच अक्टूबर तक की 126 करोड़ रुपये की पेमेंट भिजवाई जा चुकी है। जिन आढ़तियों का बकाया रहता है। उसका भी जल्द से जल्द भुगतान किया जाएगा। पेमेंट से संबंधित कार्य को दो से तीन दिन में निपटाने का उनका प्रयास रहेगा।
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