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1509 किस्म के धान का स्टॉक सील
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Tue, 08 Dec 2015 11:56 PM IST
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जिले की राइस मिलों में दो दिन से धान के स्टॉक की जांच चल रही है। मंगलवार को कई मिलों में 1509 के स्टॉक को सील कर दिया गया। इससे मिलर्स में रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्टॉक को सील करने के कारण यदि सरकार को चावल देने में देरी होती है तो इसके लिए सरकार खुद जिम्मेदार होगी। मिलर्स एसोसिएशन का कहना है कि यदि सरकार ने ज्यादा परेशान किया तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
सरकार के आदेशानुसार सोमवार से जिले में 112 राइस मिलों में स्टॉक की जांच शुरू की गई। जिले में 15 टीमों द्वारा यह जांच की जा रही है। पहले दिन स्टॉक की मैपिंग की गई। मंगलवार को मिलों में अधिकारियों ने अलग-अलग स्टॉक की जांच की जिसमें 1509 व मोटे धान की मात्रा के बारे में पता लगाया गया। जांच के साथ ही जिन मिलों में 1509 का धान मिला, उसे सील कर दिया गया। हालांकि सरकार के आगामी आदेशों के बारे में अभी कुछ पता नहीं है लेकिन स्टॉक को सील करने से मिलर्स में रोष है।
चावल के भुगतान में होगी देरी
मिलर्स का कहना है कि सरकार के आदेशानुसार सीजन में धान खरीदने के बाद नवंबर में 20 प्रतिशत, दिसंबर में 20 प्रतिशत, जनवरी व फरवरी में 25 प्रतिशत और 31 मार्च तक सारा चावल को सरकार के पास जमा करवाना होता है लेकिन जो कार्रवाई सरकार द्वारा की जा रही है, इससे मिलिंग का काम प्रभावित हो रहा है।
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तीन दिन से बंद पड़ी मिल्स
मिलर्स ने बताया कि सरकार द्वारा की जा रही जांच के कारण तीन दिन से राइस मिलें बंद पड़ी हैं। जबकि सरकार द्वारा चावल देने में देरी होने पर होल्डिंग चार्ज सहित कई तरह से जुर्माना लगाया जाता है। मिलर्स बुधवार को बैठक कर इस संबंध में फैसला लेंगे जिसमें सरकार को मांगपत्र दिया जाएगा कि यदि चावल के भुगतान में देरी होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
दिन भर चली जांच
मिलों में 15 टीमों के अधिकारियों ने दिन भर रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच की। अधिकारियों ने मिलों में सरकार द्वारा दिए गए धान की जानकारी हासिल की। साथ ही मार्केट कमेटी द्वारा दिए गए रिकॉर्ड का मिलान भी किया।
तो मिल्स बंद कर देंगे : खुरानिया
राइस मिलर्स व एसोसिएशन के जिला प्रधान मांगेराम खुरानिया ने कहा कि सरकार के पत्र के अनुसार मिलर्स ने 1509 व पीआर ग्रुप के धान को ग्रेड ए धान के तौर पर स्टॉक किया हुआ है। सरकार द्वारा की जा रही फिजिकल वेरिफिकेशन से उन्हें परेशानी नहीं है लेकिन जिस तरह से 1509 के स्टॉक को सील किया जा रहा है, उससे मिलिंग कार्य प्रभावित होगा तथा सरकार को चावल देने में परेशानी आएगी। सरकार के साथ एक एग्रीमेंट के आधार पर मिलर्स ने यह धान लिया था। सरकार के पत्र के अनुसार ही ए ग्रेड धान का स्टॉक किया है। बावजूद इसके सरकार मिलर्स को परेशान करती है तो मिलों को बंद कर दिया जाएगा।
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सरकार के आदेशानुसार सोमवार से जिले में 112 राइस मिलों में स्टॉक की जांच शुरू की गई। जिले में 15 टीमों द्वारा यह जांच की जा रही है। पहले दिन स्टॉक की मैपिंग की गई। मंगलवार को मिलों में अधिकारियों ने अलग-अलग स्टॉक की जांच की जिसमें 1509 व मोटे धान की मात्रा के बारे में पता लगाया गया। जांच के साथ ही जिन मिलों में 1509 का धान मिला, उसे सील कर दिया गया। हालांकि सरकार के आगामी आदेशों के बारे में अभी कुछ पता नहीं है लेकिन स्टॉक को सील करने से मिलर्स में रोष है।
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चावल के भुगतान में होगी देरी
मिलर्स का कहना है कि सरकार के आदेशानुसार सीजन में धान खरीदने के बाद नवंबर में 20 प्रतिशत, दिसंबर में 20 प्रतिशत, जनवरी व फरवरी में 25 प्रतिशत और 31 मार्च तक सारा चावल को सरकार के पास जमा करवाना होता है लेकिन जो कार्रवाई सरकार द्वारा की जा रही है, इससे मिलिंग का काम प्रभावित हो रहा है।
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तीन दिन से बंद पड़ी मिल्स
मिलर्स ने बताया कि सरकार द्वारा की जा रही जांच के कारण तीन दिन से राइस मिलें बंद पड़ी हैं। जबकि सरकार द्वारा चावल देने में देरी होने पर होल्डिंग चार्ज सहित कई तरह से जुर्माना लगाया जाता है। मिलर्स बुधवार को बैठक कर इस संबंध में फैसला लेंगे जिसमें सरकार को मांगपत्र दिया जाएगा कि यदि चावल के भुगतान में देरी होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
दिन भर चली जांच
मिलों में 15 टीमों के अधिकारियों ने दिन भर रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच की। अधिकारियों ने मिलों में सरकार द्वारा दिए गए धान की जानकारी हासिल की। साथ ही मार्केट कमेटी द्वारा दिए गए रिकॉर्ड का मिलान भी किया।
तो मिल्स बंद कर देंगे : खुरानिया
राइस मिलर्स व एसोसिएशन के जिला प्रधान मांगेराम खुरानिया ने कहा कि सरकार के पत्र के अनुसार मिलर्स ने 1509 व पीआर ग्रुप के धान को ग्रेड ए धान के तौर पर स्टॉक किया हुआ है। सरकार द्वारा की जा रही फिजिकल वेरिफिकेशन से उन्हें परेशानी नहीं है लेकिन जिस तरह से 1509 के स्टॉक को सील किया जा रहा है, उससे मिलिंग कार्य प्रभावित होगा तथा सरकार को चावल देने में परेशानी आएगी। सरकार के साथ एक एग्रीमेंट के आधार पर मिलर्स ने यह धान लिया था। सरकार के पत्र के अनुसार ही ए ग्रेड धान का स्टॉक किया है। बावजूद इसके सरकार मिलर्स को परेशान करती है तो मिलों को बंद कर दिया जाएगा।