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एनआरएलएम जिला प्रबंधक सहित सात कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने और एफआईआर की सिफारिश
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नसीब सैनी
कैथल। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के जिला प्रोजेक्ट मैनेजर डीपीएम रजत भास्कर, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर बीपीएम रामफल शर्मा सहित पांच अन्य पदाधिकारियों व कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर एफआईआर दर्ज करवाने की सिफारिश की गई है। यह सिफारिश एडीसी सतबीर कुंडू की जांच रिपोर्ट पर डीसी प्रदीप दहिया द्वारा की गई है। जिसके लिए मिशन मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। अब आगामी कार्रवाई मिशन मुख्यालय द्वारा की जानी है। इस संबंध में महिलाओं ने पिछले सप्ताह प्रदर्शन कर एडीसी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई करने की मांग की थी। इस कार्रवाई से जिले में मिशन के क्रियान्वयन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
विदित रहे कि सैर गांव से प्रवेश देवी, नगमा सहित कई महिलाओं ने लगभग दस माह पहले उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को शिकायत दी थी। जिसमें इन महिलाओं ने मिशन के जिला व ब्लॉक के अधिकारियों पर कई तरह से मनमानी करने व महिलाओं को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। शिकायत के बाद एडीसी सतबीर कुंडू ने कई माह तक चली लंबी जांच में तथ्यों की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। एडीसी ने अपनी जांच में स्पष्ट तौर पर जिला प्रबंधक रजत भास्कर, बीपीएम रामफल शर्मा सहित कई कर्मचारियों को महिलाओं के संगठन चलाने में मनमानी करने, बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर उन्हें प्रताड़ित करने, कृषि यंत्र खरीदने में महिलाओं की सुनवाई न करने सहित कई तरह की गड़बड़ियों का दोषी करार दिया था।
महिलाओं ने एक करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी का भी आरोप लगाया था। जिसमें कई बिंदुओं पर एडीसी ने अधिकारियों को दोषी करार दिया था। मार्च माह में एडीसी ने अपनी रिपोर्ट डीसी को भेज दी थी। इसके बाद से महिलाएं इस रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग कर रही थीं। इस कार्रवाई की मांग के लिए महिलाओं ने पिछले सप्ताह प्रदर्शन कर डीसी से कार्रवाई की मांग की थी। डीसी ने महिलाओं को एक सप्ताह में कार्रवाई का आश्वासन दिया था। डीसी प्रदीप दहिया ने अपने आश्वासन के अनुसार एक सप्ताह से भी पहले ही इस मामले में कार्रवाई की सिफारिश कर दी है।
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इनके खिलाफ की कार्रवाई की सिफारिश
डीसी ने मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरियाणा को लिखे पत्र में एडीसी की जांच में दोषी करार दिए गए डीपीएम रजत भास्कर, बीपीएम रामफल शर्मा, संगठन की प्रधान रेनू, खजांची सुनीता, डीईओ नीरज, डीईओ सुनैना, डीईओ राकेश शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता प्रवेश कुमारी ने कहा कि डीसी प्रदीप दहिया ने मिशन से जुड़ीं ग्रामीण क्षेत्र की गरीब महिलाओं को रक्षाबंधन का तोहफा दिया है। उनकी अब मिशन के अधिकारियों से मांग है कि दोषी करार दिए गए कर्मचारियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए। ताकि गरीब महिलाओं का आगे से कोई शोषण न कर सके। वह इस मामले में कार्रवाई की मांग के कारण एक साल से मायके तक नहीं जा सकी है। यही हाल अन्य महिलाओं का है। जो साल भर से न्याय के इंतजार में हैं।
एडीसी की रिपोर्ट में सब कुछ साफ-साफ लिखा है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर दोषी करार दिए गए कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश विभाग मुख्यालय को की है। आगे की कार्रवाई विभाग द्वारा की जानी है।
प्रदीप दहिया, डीसी, कैथल
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कैथल। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के जिला प्रोजेक्ट मैनेजर डीपीएम रजत भास्कर, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर बीपीएम रामफल शर्मा सहित पांच अन्य पदाधिकारियों व कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर एफआईआर दर्ज करवाने की सिफारिश की गई है। यह सिफारिश एडीसी सतबीर कुंडू की जांच रिपोर्ट पर डीसी प्रदीप दहिया द्वारा की गई है। जिसके लिए मिशन मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। अब आगामी कार्रवाई मिशन मुख्यालय द्वारा की जानी है। इस संबंध में महिलाओं ने पिछले सप्ताह प्रदर्शन कर एडीसी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई करने की मांग की थी। इस कार्रवाई से जिले में मिशन के क्रियान्वयन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
विदित रहे कि सैर गांव से प्रवेश देवी, नगमा सहित कई महिलाओं ने लगभग दस माह पहले उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को शिकायत दी थी। जिसमें इन महिलाओं ने मिशन के जिला व ब्लॉक के अधिकारियों पर कई तरह से मनमानी करने व महिलाओं को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। शिकायत के बाद एडीसी सतबीर कुंडू ने कई माह तक चली लंबी जांच में तथ्यों की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। एडीसी ने अपनी जांच में स्पष्ट तौर पर जिला प्रबंधक रजत भास्कर, बीपीएम रामफल शर्मा सहित कई कर्मचारियों को महिलाओं के संगठन चलाने में मनमानी करने, बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर उन्हें प्रताड़ित करने, कृषि यंत्र खरीदने में महिलाओं की सुनवाई न करने सहित कई तरह की गड़बड़ियों का दोषी करार दिया था।
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महिलाओं ने एक करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी का भी आरोप लगाया था। जिसमें कई बिंदुओं पर एडीसी ने अधिकारियों को दोषी करार दिया था। मार्च माह में एडीसी ने अपनी रिपोर्ट डीसी को भेज दी थी। इसके बाद से महिलाएं इस रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग कर रही थीं। इस कार्रवाई की मांग के लिए महिलाओं ने पिछले सप्ताह प्रदर्शन कर डीसी से कार्रवाई की मांग की थी। डीसी ने महिलाओं को एक सप्ताह में कार्रवाई का आश्वासन दिया था। डीसी प्रदीप दहिया ने अपने आश्वासन के अनुसार एक सप्ताह से भी पहले ही इस मामले में कार्रवाई की सिफारिश कर दी है।
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इनके खिलाफ की कार्रवाई की सिफारिश
डीसी ने मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरियाणा को लिखे पत्र में एडीसी की जांच में दोषी करार दिए गए डीपीएम रजत भास्कर, बीपीएम रामफल शर्मा, संगठन की प्रधान रेनू, खजांची सुनीता, डीईओ नीरज, डीईओ सुनैना, डीईओ राकेश शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता प्रवेश कुमारी ने कहा कि डीसी प्रदीप दहिया ने मिशन से जुड़ीं ग्रामीण क्षेत्र की गरीब महिलाओं को रक्षाबंधन का तोहफा दिया है। उनकी अब मिशन के अधिकारियों से मांग है कि दोषी करार दिए गए कर्मचारियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए। ताकि गरीब महिलाओं का आगे से कोई शोषण न कर सके। वह इस मामले में कार्रवाई की मांग के कारण एक साल से मायके तक नहीं जा सकी है। यही हाल अन्य महिलाओं का है। जो साल भर से न्याय के इंतजार में हैं।
एडीसी की रिपोर्ट में सब कुछ साफ-साफ लिखा है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर दोषी करार दिए गए कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश विभाग मुख्यालय को की है। आगे की कार्रवाई विभाग द्वारा की जानी है।
प्रदीप दहिया, डीसी, कैथल