{"_id":"2d8ab39323bc69de24d21172847fd6a9","slug":"rape-victim-have-poison-public-protested","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुराचार पीड़िता ने ये क्या कर डाला... ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुराचार पीड़िता ने ये क्या कर डाला...
कैथल
Updated Mon, 02 Jun 2014 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल/पाई। दुराचार के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध पीड़ित विवाहिता ने रविवार को जहर निगल लिया। उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां विवाहिता उपचार चल रहा है।
उधर, इससे पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट गांव तितरम वासियों ने थाना तितरम के सामने ही तितरम चौक पर जाम लगा दिया। इस कारण हिसार-चंडीगढ, कैथल-जींद और कैथल-पानीपत मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया। इस दौरान जब भीड़ ने तितरम थाने को घेरने का प्रयास किया तो पुलिस ने लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। जिससे एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया हो गया है, जिसे कैथल के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
मौके पर पहुंचे डीएसपी गुरमेल सिंह लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास का प्रयास किया, लेकिन देर रात आठ बजे तक नहीं माने। इसके बाद में जब पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया तो लोग तितरम चौक से तो हट गए, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कैथल जींद-मार्ग पर डटे हुए थे। पुलिस अधिकारी जाम खुलवाने के प्रयासों में जुटे हुए थे।
विज्ञापन
पुलिस पर लगाया पांच लाख रिश्वत लेने का आरोप
उधर, अस्पताल में उपचाराधीन विवाहिता ने कहा कि वह परिजनों के साथ पिछले दस दिनों से न्याय के लिए भटक रही है। लेकिन उसके एवं परिवार की सुनवाई नहीं हो रही। उल्टा पुलिस कर्मचारी उन्हें ही धमका रहे हैं। थाने में तैनात पुलिस अधिकारी दूसरे पक्ष से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेकर उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। एसएचओ सहित एक महिला पुलिस अधिकारी को बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। न्याय न मिलता देख उसने जहर खा लिया है। उसकी एक ही मांग है आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
थाने को घरने जा रहे लोगों पर लाठीचार्ज
जाम के दौरान जब लोगों ने पुलिस थाने का घेराव का प्रयास किया। तो पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए लोगों को खदेड़ दिया। जिसमें गांव वासी कर्म सिंह के सिर में चोटें आई हैं। उसे तहसीलदार की गाड़ी में सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल में दाखिल कर्म सिंह ने बताया कि वह गांव वासियों को थाने की ओर जाने से रोक रहा था। इसी बीच एक पुलिस ने उस पर हमला कर दिया। जिसमें उसके सिर में चोट आई है।
कोट
पुलिस का प्रयास है कि शांति व्यवस्था बनी रहे। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा।
कुलदीप सिंह यादव, एसपी।
कोट
लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया है। लाठीचार्ज के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
सुरेंद्र भौरिया, डीएसपी हेडक्वार्टर।
ये है मामला
विदित रहे कि 13 मई को गांव की विवाहिता ने गांव सौंगल वासी अपने पति तरसेम, तरसेम के ताऊ शीशपाल, अपनी सास के साथ-साथ पंजाब के चंदु बसारा निवासी कर्मू और बिल्लू पर दहेज उत्पीड़न और झाड़फूंक के नाम पर दुराचार किए जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर शनिवार को आरोपी पति तरसेम को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।
---------------------------------------------------------------
पांच घंटे मनाते रहे डीएसपी, पर अड़े गांव वासी
कैथल/पाई। दुराचार के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर जाम लगा रहे गांव तितरम वासियों को समझाने पहुंचे डीएसपी क्राइम गुरमेल सिंह देर शाम आठ बजे तक समझाते रहे, लेकिन लोग नहीं माने। तितरम चौक पर जाम लगने से कैथल-जींद, हिसार-चंडीगढ, कैथल-जींद और कैथल-पानीपत मार्ग पूरी तरह से बाधित रहा।
देर शाम आठ बजे पुलिस द्वारा लोगों को खदेड़ दिया गया। लेकिन लोगों ने कैथल-जींद मार्ग पर गांव तितरम में नवोदय विद्यालय के सामने लोगाें ने पेड़ डाल कर जाम लगाया हुआ था। वहीं, तितरम चौक पर जाम खुलने से नरवाना, हिसार की ओर जाने वाला मार्ग खुल गया तथा पानीपत-सफीदों जाने वाला मार्ग भी खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली। जींद जाने वाले मार्ग पर वाहनों को आसपास के गांवों से निकाला गया।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी-मामले को बढ़ता देख डीएसपी गुरमेल के अलावा डीएसपी रविंद्र तोमर, डीएसपी सुरेंद्र भौरिया, एसएचओ सिटी, एसएचओ सदर, एसएचओ सिविल लाईन, एसएचओ कलायत सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे।
पीड़ित लड़की के पिता ने बताया कि उसकी बेटी का विवाह सात जुलाई 2011 को तरसेम चंद के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराली उनकी लड़की को दहेज के लिए तंग करने लग गए। उन्होंने बताया कि उनकी लड़की के पास एक डेढ़ साल की एक पुत्री भी है। उन्होंने बताया कि 13 मई को ससुरालियों ने उनकी बेटी से मारपीट की और दुष्कर्म भी किया। इतना ही नहीं उनकी पुत्री को भूतप्रेत का झांसा देकर अपने रिश्तेदारों के पास पंजाब में भी भेज दिया गया। जहां पर बसारा गांव के करमू के टोनी ने भी उनकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया।
वह किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर गांव में आई। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के साथ 26 मई को पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने व गिरफ्तार करने की मांग की थी। इसके बाद हुई कार्रवाई के बावजूद पुलिस द्वारा आरोपियों से सास बाली, देवर कपिल, करमू व टोनी को 30 मई को छोड़ दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोंगल गांव का सरपंच शीशपाल भी इसमें मिला हुआ है और वह प्रभावशाली व्यक्ति है। अपने प्रभाव के बल पर वह आरोपियों को बचा रहा है। उन्होंने उसके खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग की है। जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी गुरमेल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने जाम नहीं खोला। समाचार लिखे जाने तक जाम जारी था।
कैथल से कई जिलों के मार्ग अवरूध
जाम के कारण हिसार चंडीगढ़ मार्ग, कैथल-जींद, कैथल-पानीपत सहित कई अन्य शहरों का आवागमन प्रभावित हुआ। अधिकतर वाहन चालक-आस-पास के गांवों से वाहन लेकर जाते हुए दिखाई दिए। लेकिन कई बड़े वाहन जाम में फंसे नजर आए।
निष्पक्ष कार्रवाई होगी: पुलिस अधीक्षक
इस बारे में पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव ने कहा कि मामले की जांच पड़ताल गहराई से चल रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा। चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हो। ग्रामीणों द्वारा रिश्वत लेकर छोड़े जाने की जांच पड़ताल भी की जाएगी। जाम स्थल पर उन्होंने अपने पुलिस उपाधीक्षक गुरमेल सिंह को भेजा हुआ है, जो ग्रामीणों से मिलकर सारी स्थिति जांच कर आएंगे।
ग्रामीणों की मांग पर पूरा ध्यान: गुरमेल सिंह
इस बारे में मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक गुरमेल सिंह ने बताया कि लोगों की शिकायत के अनुसार मामले की जांच की जाएगी। एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और बाकी को भी जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दूसरा पक्ष एसपी से मिला, निष्पक्ष जांच की मांग
दूसरी ओर गांव सौंगल के सरपंच जगत राम, पंच रामपाल, रामनिवास, मेमन राम, साधू राम, पंजाब सिंह, रामचंद्र, ओमप्रकाश पूर्व पंच, रमेश, पाला रराम, तेजवीर, छज्जू, दीवाना, दलेल सहित अन्य ने एसपी से मिलकर इस मामले की निष्पक्षता से जांच की मांग की है। एसपी को दिए ज्ञापन में इन लोगों ने कहा कि पुलिस इस मामले में बिना किसी भेदभाव के जांच करें। गांव वासी शीशपाल पंचायतों में जाने के कारण शिकायतकर्ता परिवार के निशाने पर है। वह निर्दोष है तथा न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण एफआईआर दर्ज करना निराधार है। एसपी ने इन लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
उधर, इससे पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट गांव तितरम वासियों ने थाना तितरम के सामने ही तितरम चौक पर जाम लगा दिया। इस कारण हिसार-चंडीगढ, कैथल-जींद और कैथल-पानीपत मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया। इस दौरान जब भीड़ ने तितरम थाने को घेरने का प्रयास किया तो पुलिस ने लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। जिससे एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया हो गया है, जिसे कैथल के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे डीएसपी गुरमेल सिंह लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास का प्रयास किया, लेकिन देर रात आठ बजे तक नहीं माने। इसके बाद में जब पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया तो लोग तितरम चौक से तो हट गए, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कैथल जींद-मार्ग पर डटे हुए थे। पुलिस अधिकारी जाम खुलवाने के प्रयासों में जुटे हुए थे।
विज्ञापन
पुलिस पर लगाया पांच लाख रिश्वत लेने का आरोप
उधर, अस्पताल में उपचाराधीन विवाहिता ने कहा कि वह परिजनों के साथ पिछले दस दिनों से न्याय के लिए भटक रही है। लेकिन उसके एवं परिवार की सुनवाई नहीं हो रही। उल्टा पुलिस कर्मचारी उन्हें ही धमका रहे हैं। थाने में तैनात पुलिस अधिकारी दूसरे पक्ष से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेकर उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। एसएचओ सहित एक महिला पुलिस अधिकारी को बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। न्याय न मिलता देख उसने जहर खा लिया है। उसकी एक ही मांग है आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
थाने को घरने जा रहे लोगों पर लाठीचार्ज
जाम के दौरान जब लोगों ने पुलिस थाने का घेराव का प्रयास किया। तो पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए लोगों को खदेड़ दिया। जिसमें गांव वासी कर्म सिंह के सिर में चोटें आई हैं। उसे तहसीलदार की गाड़ी में सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल में दाखिल कर्म सिंह ने बताया कि वह गांव वासियों को थाने की ओर जाने से रोक रहा था। इसी बीच एक पुलिस ने उस पर हमला कर दिया। जिसमें उसके सिर में चोट आई है।
कोट
पुलिस का प्रयास है कि शांति व्यवस्था बनी रहे। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा।
कुलदीप सिंह यादव, एसपी।
कोट
लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया है। लाठीचार्ज के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
सुरेंद्र भौरिया, डीएसपी हेडक्वार्टर।
ये है मामला
विदित रहे कि 13 मई को गांव की विवाहिता ने गांव सौंगल वासी अपने पति तरसेम, तरसेम के ताऊ शीशपाल, अपनी सास के साथ-साथ पंजाब के चंदु बसारा निवासी कर्मू और बिल्लू पर दहेज उत्पीड़न और झाड़फूंक के नाम पर दुराचार किए जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर शनिवार को आरोपी पति तरसेम को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।
---------------------------------------------------------------
पांच घंटे मनाते रहे डीएसपी, पर अड़े गांव वासी
कैथल/पाई। दुराचार के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर जाम लगा रहे गांव तितरम वासियों को समझाने पहुंचे डीएसपी क्राइम गुरमेल सिंह देर शाम आठ बजे तक समझाते रहे, लेकिन लोग नहीं माने। तितरम चौक पर जाम लगने से कैथल-जींद, हिसार-चंडीगढ, कैथल-जींद और कैथल-पानीपत मार्ग पूरी तरह से बाधित रहा।
देर शाम आठ बजे पुलिस द्वारा लोगों को खदेड़ दिया गया। लेकिन लोगों ने कैथल-जींद मार्ग पर गांव तितरम में नवोदय विद्यालय के सामने लोगाें ने पेड़ डाल कर जाम लगाया हुआ था। वहीं, तितरम चौक पर जाम खुलने से नरवाना, हिसार की ओर जाने वाला मार्ग खुल गया तथा पानीपत-सफीदों जाने वाला मार्ग भी खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली। जींद जाने वाले मार्ग पर वाहनों को आसपास के गांवों से निकाला गया।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी-मामले को बढ़ता देख डीएसपी गुरमेल के अलावा डीएसपी रविंद्र तोमर, डीएसपी सुरेंद्र भौरिया, एसएचओ सिटी, एसएचओ सदर, एसएचओ सिविल लाईन, एसएचओ कलायत सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे।
पीड़ित लड़की के पिता ने बताया कि उसकी बेटी का विवाह सात जुलाई 2011 को तरसेम चंद के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराली उनकी लड़की को दहेज के लिए तंग करने लग गए। उन्होंने बताया कि उनकी लड़की के पास एक डेढ़ साल की एक पुत्री भी है। उन्होंने बताया कि 13 मई को ससुरालियों ने उनकी बेटी से मारपीट की और दुष्कर्म भी किया। इतना ही नहीं उनकी पुत्री को भूतप्रेत का झांसा देकर अपने रिश्तेदारों के पास पंजाब में भी भेज दिया गया। जहां पर बसारा गांव के करमू के टोनी ने भी उनकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया।
वह किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर गांव में आई। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के साथ 26 मई को पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने व गिरफ्तार करने की मांग की थी। इसके बाद हुई कार्रवाई के बावजूद पुलिस द्वारा आरोपियों से सास बाली, देवर कपिल, करमू व टोनी को 30 मई को छोड़ दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोंगल गांव का सरपंच शीशपाल भी इसमें मिला हुआ है और वह प्रभावशाली व्यक्ति है। अपने प्रभाव के बल पर वह आरोपियों को बचा रहा है। उन्होंने उसके खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग की है। जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी गुरमेल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने जाम नहीं खोला। समाचार लिखे जाने तक जाम जारी था।
कैथल से कई जिलों के मार्ग अवरूध
जाम के कारण हिसार चंडीगढ़ मार्ग, कैथल-जींद, कैथल-पानीपत सहित कई अन्य शहरों का आवागमन प्रभावित हुआ। अधिकतर वाहन चालक-आस-पास के गांवों से वाहन लेकर जाते हुए दिखाई दिए। लेकिन कई बड़े वाहन जाम में फंसे नजर आए।
निष्पक्ष कार्रवाई होगी: पुलिस अधीक्षक
इस बारे में पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव ने कहा कि मामले की जांच पड़ताल गहराई से चल रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा। चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हो। ग्रामीणों द्वारा रिश्वत लेकर छोड़े जाने की जांच पड़ताल भी की जाएगी। जाम स्थल पर उन्होंने अपने पुलिस उपाधीक्षक गुरमेल सिंह को भेजा हुआ है, जो ग्रामीणों से मिलकर सारी स्थिति जांच कर आएंगे।
ग्रामीणों की मांग पर पूरा ध्यान: गुरमेल सिंह
इस बारे में मौके पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक गुरमेल सिंह ने बताया कि लोगों की शिकायत के अनुसार मामले की जांच की जाएगी। एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और बाकी को भी जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दूसरा पक्ष एसपी से मिला, निष्पक्ष जांच की मांग
दूसरी ओर गांव सौंगल के सरपंच जगत राम, पंच रामपाल, रामनिवास, मेमन राम, साधू राम, पंजाब सिंह, रामचंद्र, ओमप्रकाश पूर्व पंच, रमेश, पाला रराम, तेजवीर, छज्जू, दीवाना, दलेल सहित अन्य ने एसपी से मिलकर इस मामले की निष्पक्षता से जांच की मांग की है। एसपी को दिए ज्ञापन में इन लोगों ने कहा कि पुलिस इस मामले में बिना किसी भेदभाव के जांच करें। गांव वासी शीशपाल पंचायतों में जाने के कारण शिकायतकर्ता परिवार के निशाने पर है। वह निर्दोष है तथा न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण एफआईआर दर्ज करना निराधार है। एसपी ने इन लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।