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Kaithal News: राम कथा सिखाती है जीने की कला ः आचार्य
Thu, 03 Apr 2025 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 03 Apr 2025 01:14 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। पूंडरीक तीर्थ पर श्रीराम मंदिर प्रांगण में राम नवमी के उपलक्ष्य में जन कल्याणार्थ हेतु श्रीराम कथा का आयोजन किया गया है। इसमें संतोष महाराज राम कथा सुना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को राम कथा जीने की कला सिखाती है।
उन्होंने भारतीय इतिहास में सबसे देदीप्यमान आदर्श चरित्र भगवान राम का ही है। यह युगों से हिंदू जाति का पथ-प्रदर्शक रहा है और इसी से यहां के निवासी अपने कर्तव्य-पालन की शिक्षा पाते रहे हैं। सच पूछा जाए तो पिछली अनेक शताब्दियों से विदेशियों की सभ्यता तथा संस्कृति के आक्रमण से हिंदू संस्कृति की रक्षा का श्रेय भगवान राम की पुण्य गाथा को ही है।
संतोष महाराज ने भगवान राम के चरित्र की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि उन्होंने आजीवन अपने हानि-लाभ, सुख-दुःख की परवाह न करके एकमात्र कर्तव्य पालन को ही अपना लक्ष्य रखा और उसके लिए कैसा भी कठिन से कठिन प्रसंग सम्मुख क्यों न आ जाए, वे पीछे नहीं हटे।
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पूंडरी। पूंडरीक तीर्थ पर श्रीराम मंदिर प्रांगण में राम नवमी के उपलक्ष्य में जन कल्याणार्थ हेतु श्रीराम कथा का आयोजन किया गया है। इसमें संतोष महाराज राम कथा सुना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को राम कथा जीने की कला सिखाती है।
उन्होंने भारतीय इतिहास में सबसे देदीप्यमान आदर्श चरित्र भगवान राम का ही है। यह युगों से हिंदू जाति का पथ-प्रदर्शक रहा है और इसी से यहां के निवासी अपने कर्तव्य-पालन की शिक्षा पाते रहे हैं। सच पूछा जाए तो पिछली अनेक शताब्दियों से विदेशियों की सभ्यता तथा संस्कृति के आक्रमण से हिंदू संस्कृति की रक्षा का श्रेय भगवान राम की पुण्य गाथा को ही है।
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संतोष महाराज ने भगवान राम के चरित्र की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि उन्होंने आजीवन अपने हानि-लाभ, सुख-दुःख की परवाह न करके एकमात्र कर्तव्य पालन को ही अपना लक्ष्य रखा और उसके लिए कैसा भी कठिन से कठिन प्रसंग सम्मुख क्यों न आ जाए, वे पीछे नहीं हटे।
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