{"_id":"58e3ecd34f1c1b00705b50ab","slug":"raining-farmers-wheat-crop-clouds-kaithal","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिनभर छाए रहे बादल, अटकी रहीं किसानों की सांसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिनभर छाए रहे बादल, अटकी रहीं किसानों की सांसें
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Wed, 05 Apr 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
खुले आसमान के नीचे पड़ा है पीला सोना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंगलवार सुबह से ही छाए बादलों के कारण किसानों की सांसें अटकीं रहीं। इस समय जिले में 1 लाख 55 हजार हेक्टेयर से भी ज्यादा एरिया में पीला सोना खुले आसमान के नीचे पड़ा है। गेहूं की यह फसल पूरी तरह से पक कर तैयार है। मौसम ना बदलने की स्थिति में कई जगह कंबाइन से कटाई भी शुरू हो जाती। कुछेक किसान तो मंडी में अपनी गेहूं लेकर भी आ चुके हैं। लेकिन मंगलवार सुबह मौसम के बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिक बुधवार और वीरवार को भी खराब मौसम रहने की जानकारी दे रहे हैं। यदि जोरदार बारिश होती है तो गेहूं में भारी नुकसान होगा।
मंगलवार सुबह मौसम में परिवर्तन के साथ ही आसमान में बादल छा गए। जो दिन भर छाए रहे। कई बार हलकी बूंदाबांदी भी हुई। पूरा दिन किसानों की सांसें अटकीं रहीं। किसान रामनिवास, राजकुमार, सतनारायण ने कहा कि इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह से पक कर तैयार है। यदि बारिश हो जाती है तो भारी नुकसान होगा। वहीं ओलावृष्टि इस समय फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर देगी। उनकी छह माह की कमाई पर संकट के बादल छाए गए हैं। वे बस दुआ कर रहे हैं कि बारिश ना हो।
कृषि वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर का कहना है कि 4 से 6 अप्रैल तक मौसम परिवर्तन का अनुमान है। इस दौरान हरियाणा के उत्तरी क्षेत्र में हलकी बरसात हो सकती है। इस सीजन में ओलावृष्टि की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। निश्चित तौर पर यदि ओलावृष्टि या तेज बारिश हो जाती है तो गेहूं की फसल में नुकसान होगा।
विज्ञापन
चीका में भी हुई बूंदाबांदी
मंगलवार को दिनभर बादलों के छाए रहने के साथ चीका में भी हल्की बारिश हुई। इस बूंदाबादी ने किसानों के माथे पर लकीरें ला दी है। किसान शमशेर सिंह पुनिया, कप्तान सिंह, गुरनाम सिंह ने बताया कि खेतों में गेहूं की फसल पक कर पूरी तरह से तैयार है। ऐसे में यदि बारिश होती है तो किसानों का भारी नुकसान हो सकता है।
किसानों की बढ़ेगी परेशानी
मंगलवार सुबह अचानक से हुई मौसम तबदीली व बूंदाबांदी ने किसानों की सांसे रोक कर रख दी है। वैसे तो पिछले कई दिन से मौसम में काफी उठापटक हो रही थी लेकिन मंगलवार सुबह अचानक से हुई बूंदाबांदी के चलते किसानों के मस्तक पर सिलवटें साफ दिखाई दे रही है। किसान रामफल, कृष्ण, नवीन, भूरा, सुरेंद्र मोहन, विनोद, राधेश्याम ने बताया कि गेहूं की फसलों की कटाई का कार्य शुरू हो चुका है। दो तीन दिन के अंदर ही कंबाइन से भी गेहूं की कटाई आरंभ होने वाली है। ऐसे में मौसम का मिजाज किसानों के लिए परेशानी से कम नहीं है।
विज्ञापन
मंगलवार सुबह मौसम में परिवर्तन के साथ ही आसमान में बादल छा गए। जो दिन भर छाए रहे। कई बार हलकी बूंदाबांदी भी हुई। पूरा दिन किसानों की सांसें अटकीं रहीं। किसान रामनिवास, राजकुमार, सतनारायण ने कहा कि इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह से पक कर तैयार है। यदि बारिश हो जाती है तो भारी नुकसान होगा। वहीं ओलावृष्टि इस समय फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर देगी। उनकी छह माह की कमाई पर संकट के बादल छाए गए हैं। वे बस दुआ कर रहे हैं कि बारिश ना हो।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर का कहना है कि 4 से 6 अप्रैल तक मौसम परिवर्तन का अनुमान है। इस दौरान हरियाणा के उत्तरी क्षेत्र में हलकी बरसात हो सकती है। इस सीजन में ओलावृष्टि की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। निश्चित तौर पर यदि ओलावृष्टि या तेज बारिश हो जाती है तो गेहूं की फसल में नुकसान होगा।
विज्ञापन
चीका में भी हुई बूंदाबांदी
मंगलवार को दिनभर बादलों के छाए रहने के साथ चीका में भी हल्की बारिश हुई। इस बूंदाबादी ने किसानों के माथे पर लकीरें ला दी है। किसान शमशेर सिंह पुनिया, कप्तान सिंह, गुरनाम सिंह ने बताया कि खेतों में गेहूं की फसल पक कर पूरी तरह से तैयार है। ऐसे में यदि बारिश होती है तो किसानों का भारी नुकसान हो सकता है।
किसानों की बढ़ेगी परेशानी
मंगलवार सुबह अचानक से हुई मौसम तबदीली व बूंदाबांदी ने किसानों की सांसे रोक कर रख दी है। वैसे तो पिछले कई दिन से मौसम में काफी उठापटक हो रही थी लेकिन मंगलवार सुबह अचानक से हुई बूंदाबांदी के चलते किसानों के मस्तक पर सिलवटें साफ दिखाई दे रही है। किसान रामफल, कृष्ण, नवीन, भूरा, सुरेंद्र मोहन, विनोद, राधेश्याम ने बताया कि गेहूं की फसलों की कटाई का कार्य शुरू हो चुका है। दो तीन दिन के अंदर ही कंबाइन से भी गेहूं की कटाई आरंभ होने वाली है। ऐसे में मौसम का मिजाज किसानों के लिए परेशानी से कम नहीं है।