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बरसात ने धोई किसानों की मेहनत और अरमान
कैथल
Updated Thu, 17 Apr 2014 11:55 PM IST
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कैथल। जिले भर में वीरवार सुबह हुई बरसात के कारण मंडियों एवं खेतों में पड़ा पीला सोना भीग गया। अनाज मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं एवं बोरियां भीग गईं। जिसमें काफी मात्रा में गेहूं के खराब होने की आशंका है। बरसात के कारण मंडियों में आवक भी प्रभावित हुई है।
वहीं उठान संबंधी समस्या का वीरवार को भी समाधान नहीं हो पाया। कैथल की नई एवं पुरानी अनाज मंडी में खुले में हजारों क्विंटल धान पड़ा हुआ है। सुबह अचानक हुए मौसम में परिवर्तन के बाद किसानों की सांसे अटक गई। कुछेक किसान तो अपनी फसल पर तिरपाल डालकर बचाने में सफल हो गए। लेकिन अधिकतर गेहूं एवं गेहूं की बारियां भीग गईं। जिस कारण किसानों, आढ़तियों एवं खरीद एजेंसियों का नुकसान हुआ है। दोपहर तक किसान एवं मजदूर भीगे हुए गेहूं को सूखाते हुए नजर आए। मंडियों में कई जगह पानी खड़ा हुआ था। जिस कारण अनाज मंडियों में आवक भी प्रभावित हुई है।
स्लिप न मिलने से परेशानी
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश कुमार मित्तल ने कहा कि एक ओर तो मौसम के चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खरीद एजेंसी के अधिकारी गोदाम में पहुंचने वाले गेहूं के वजन की कंप्यूटराइज्ड पर्ची उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं।
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यदि गेहूं कम है तो गेटपास के पीछे पेंसिल से लिखकर सूचना दी जा रही है। जोकि गलत है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उन्हें कंप्यूटराइज्ड स्लिप मुहैया करवाई जाए। ताकि बाद में परेशानी का सामना न करना पड़े। मंडी से उठान संबंधी समस्या के लिए अधिकारियों से बातचीत चल रही है। उम्मीद है शीघ्र समस्या का समाधान हो पाएगा।
गुहला में तेज हवा और बरसात
गुहला-चीका। अचानक तेज हवाओं के साथ हुई बरसात से किसानों की मेहनत पर पानी ने पानी फेर दिया है। गेहूं खराब होने से उनके सामने आर्थिक संकट भी आ सकता है। मंडी में किसानों ने कहा कि सुबह दिन साफ था अपने गेहूं की फसल को मंडियों में बेचने के लिए लाए थे, लेकिन 10 बजते ही अचानक बादलों की काली घटा छा गई तो कुछ ही देर बाद हुई तेज बरसात ने किसानों की हजारों क्विंटल गेहूं को अपनी चपेट में ले लिया।
किसान प्रताप सिंह, मग्गर सिंह, सोहन सिंह, करतार सिंह, बलजिंद्र सिंह, अमरीक सिंह, मेजर सिंह मुखत्यार सिंह, चतर सिंह, मोहन सिंह, राजपाल राणा, विषपाल राणा ने कहा कि मंडी में बरसात से निकासी व्यवस्था प्रभावित होने के कारण किसानों का ज्यादा नुकसान हुआ है। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष पाला राम गौड़ ने कहा है कि सरकार किसानों को फसली बीमा योजना का लाभ दे ताकि किसान आर्थिक तौर से उबर सके।
एजेंसियां नहीं दिखा रही खरीद में रुचि
पाई। वीरवार को सुबह हुई वर्षा से किसानों व आढ़तियों को जिला प्रशासन की चलती लापरवाही व कुदरत की मार से व्यापक नुकसान हुआ है। उठान न होने के कारण अनाज मंडी पाई, करोड़ा, सेरधा, जाखौली तथा किठाना आदि क्षेत्रों की मंडियों में कई करोड़ों का गेहूं राम भरोसे खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है और यदि बरसात अधिक होती है तो इससे सरकार को जिला प्रशासन की चलती लापरवाही के कारण करोड़ों रुपये का चूना लग सकता है। पाई अनाज मंडी के प्रधान दयानंद पूर्व प्रधान दिलबाग ढुल, कृष्ण, सेरधा मंडी के प्रधान ऋषिपाल गुप्ता ने बताया कि अब की बार खरीद एजेंसियां आढ़तियों को किसानों की गेहूं की फसल खरीदने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रही। जिस कारण से आढ़तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खुले आसमान के नीचे पड़ा गेहूं
ढंाढ। सुबह जमकर हुई बरसात के साथ तेज आंधी व हवाओं से अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ा किसानों का हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया। बरसात से बचने के लिए किसान फसलों को तरपाल व खाली कट्टों से ढांपने में जी-जान से जुटे हुए थे। उधर, खेतों में पूरी तरह से कटाई के लिए तैयार फसलों पर भी बरसात व हवाओं की मार पूरी तरह से पड़ी है। बरसात व हवाओं के कारण फसलें खेतों में नीचे गिर गई है। जिस कारण किसानों का भारी नुकसान हुआ है। जिस कारण अब गेहूं की कटाई का कार्य भी रुक गया है।
पूंडरी में सुबह हुई रुक-रुक कर बारिश
पूंडरी। सुबह दो बार हुई तेज बारिश से मंडी में पड़ा हजारों क्विंटल गेहूं गीला हो गया। पूंडरी अनाज मंडी में पानी की निकासी न होना भी गीले गेहूं को सुखाने में बाधा है। हालांकि मार्केट कमेटी की ओर से खड़े पानी को निकालने के लिए मशीन लगाकर लीपा-पोती की जा रही है। लेकिन पानी निकासी का ठोस इंतजाम न होने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। सुबह साढ़े सात बजे और सुबह ग्यारह बजे दो बार हुई तेज बारिश से किसानों का पीला सोना भीग गया।
उधर धीमे उठान के कारण भी गेहूं भीगा है।
मंडी में तीन एजेंसियां गेहूं की खरीद कर रही है और अभी तक तीनों एजेंसियों ने क्रमवार डीएफएससी ने 89690 क्विंटल, हैफेड ने 82780 व एफसीआई ने 83850 क्विंटल गेहूं की खरीद कर ली है। लेकिन यदि खरीदे गए माल के उठान की बात करें तो यह न के बराबर हुआ है। जिसके कारण मंडी में हर तरफ कट्टों के अंबार लगे हुए हैं। मंडी में खरीदे गए माल का उठान न होने के कारण किसानों को अपनी गेहूं मंडियों से बाहर डालनी पड़ रही है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी ने कहा कि अनाज मंडी में किसानों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का जिम्मा मार्केट कमेटी का है, जिसे गेहूं और धान के सीजन के दौरान लगभग नौ करोड़ रुपये की मार्केट फीस जाती है। लेकिन पूंडरी मंडी में पानी के निकासी तक का बंदोबस्त नहीं है।
तेज तूफान व बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की चिंताएं
राजौंद। वीरवार सुबह आए तेज तूफान व बूंदाबांदी से आम जन मानस के साथ साथ किसानों, वाहन चालकों व दुकानदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तेज आंधी से जहां सड़कों पर बड़े बड़े वृक्षों के गिर जाने से यातायात प्रभावित हुआ, वहीं दुकानों के सामने लगे छप्पर भी आंधी की चपेट में आकर दूर दूर तक बिखर गए। तेज आंधी व बूंदाबांदी से खेतों में गेहूं की कटाई का कार्य भी प्रभावित हुए बिना नही रह सका। बूंदाबांदी व तेज आंधी के चलते मंडी बाजार व यातायात सब कुछ ठहर सा गया। कई मार्गों पर वृक्ष गिर जाने से घंटों तक यातायात रुका रहा। वही खेतों में गेहूं कटाई के लिए गए किसान व मजदूर भी खाली बैठे दिखाई दिए।
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वहीं उठान संबंधी समस्या का वीरवार को भी समाधान नहीं हो पाया। कैथल की नई एवं पुरानी अनाज मंडी में खुले में हजारों क्विंटल धान पड़ा हुआ है। सुबह अचानक हुए मौसम में परिवर्तन के बाद किसानों की सांसे अटक गई। कुछेक किसान तो अपनी फसल पर तिरपाल डालकर बचाने में सफल हो गए। लेकिन अधिकतर गेहूं एवं गेहूं की बारियां भीग गईं। जिस कारण किसानों, आढ़तियों एवं खरीद एजेंसियों का नुकसान हुआ है। दोपहर तक किसान एवं मजदूर भीगे हुए गेहूं को सूखाते हुए नजर आए। मंडियों में कई जगह पानी खड़ा हुआ था। जिस कारण अनाज मंडियों में आवक भी प्रभावित हुई है।
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स्लिप न मिलने से परेशानी
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश कुमार मित्तल ने कहा कि एक ओर तो मौसम के चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खरीद एजेंसी के अधिकारी गोदाम में पहुंचने वाले गेहूं के वजन की कंप्यूटराइज्ड पर्ची उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं।
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यदि गेहूं कम है तो गेटपास के पीछे पेंसिल से लिखकर सूचना दी जा रही है। जोकि गलत है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उन्हें कंप्यूटराइज्ड स्लिप मुहैया करवाई जाए। ताकि बाद में परेशानी का सामना न करना पड़े। मंडी से उठान संबंधी समस्या के लिए अधिकारियों से बातचीत चल रही है। उम्मीद है शीघ्र समस्या का समाधान हो पाएगा।
गुहला में तेज हवा और बरसात
गुहला-चीका। अचानक तेज हवाओं के साथ हुई बरसात से किसानों की मेहनत पर पानी ने पानी फेर दिया है। गेहूं खराब होने से उनके सामने आर्थिक संकट भी आ सकता है। मंडी में किसानों ने कहा कि सुबह दिन साफ था अपने गेहूं की फसल को मंडियों में बेचने के लिए लाए थे, लेकिन 10 बजते ही अचानक बादलों की काली घटा छा गई तो कुछ ही देर बाद हुई तेज बरसात ने किसानों की हजारों क्विंटल गेहूं को अपनी चपेट में ले लिया।
किसान प्रताप सिंह, मग्गर सिंह, सोहन सिंह, करतार सिंह, बलजिंद्र सिंह, अमरीक सिंह, मेजर सिंह मुखत्यार सिंह, चतर सिंह, मोहन सिंह, राजपाल राणा, विषपाल राणा ने कहा कि मंडी में बरसात से निकासी व्यवस्था प्रभावित होने के कारण किसानों का ज्यादा नुकसान हुआ है। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष पाला राम गौड़ ने कहा है कि सरकार किसानों को फसली बीमा योजना का लाभ दे ताकि किसान आर्थिक तौर से उबर सके।
एजेंसियां नहीं दिखा रही खरीद में रुचि
पाई। वीरवार को सुबह हुई वर्षा से किसानों व आढ़तियों को जिला प्रशासन की चलती लापरवाही व कुदरत की मार से व्यापक नुकसान हुआ है। उठान न होने के कारण अनाज मंडी पाई, करोड़ा, सेरधा, जाखौली तथा किठाना आदि क्षेत्रों की मंडियों में कई करोड़ों का गेहूं राम भरोसे खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है और यदि बरसात अधिक होती है तो इससे सरकार को जिला प्रशासन की चलती लापरवाही के कारण करोड़ों रुपये का चूना लग सकता है। पाई अनाज मंडी के प्रधान दयानंद पूर्व प्रधान दिलबाग ढुल, कृष्ण, सेरधा मंडी के प्रधान ऋषिपाल गुप्ता ने बताया कि अब की बार खरीद एजेंसियां आढ़तियों को किसानों की गेहूं की फसल खरीदने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रही। जिस कारण से आढ़तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खुले आसमान के नीचे पड़ा गेहूं
ढंाढ। सुबह जमकर हुई बरसात के साथ तेज आंधी व हवाओं से अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ा किसानों का हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया। बरसात से बचने के लिए किसान फसलों को तरपाल व खाली कट्टों से ढांपने में जी-जान से जुटे हुए थे। उधर, खेतों में पूरी तरह से कटाई के लिए तैयार फसलों पर भी बरसात व हवाओं की मार पूरी तरह से पड़ी है। बरसात व हवाओं के कारण फसलें खेतों में नीचे गिर गई है। जिस कारण किसानों का भारी नुकसान हुआ है। जिस कारण अब गेहूं की कटाई का कार्य भी रुक गया है।
पूंडरी में सुबह हुई रुक-रुक कर बारिश
पूंडरी। सुबह दो बार हुई तेज बारिश से मंडी में पड़ा हजारों क्विंटल गेहूं गीला हो गया। पूंडरी अनाज मंडी में पानी की निकासी न होना भी गीले गेहूं को सुखाने में बाधा है। हालांकि मार्केट कमेटी की ओर से खड़े पानी को निकालने के लिए मशीन लगाकर लीपा-पोती की जा रही है। लेकिन पानी निकासी का ठोस इंतजाम न होने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। सुबह साढ़े सात बजे और सुबह ग्यारह बजे दो बार हुई तेज बारिश से किसानों का पीला सोना भीग गया।
उधर धीमे उठान के कारण भी गेहूं भीगा है।
मंडी में तीन एजेंसियां गेहूं की खरीद कर रही है और अभी तक तीनों एजेंसियों ने क्रमवार डीएफएससी ने 89690 क्विंटल, हैफेड ने 82780 व एफसीआई ने 83850 क्विंटल गेहूं की खरीद कर ली है। लेकिन यदि खरीदे गए माल के उठान की बात करें तो यह न के बराबर हुआ है। जिसके कारण मंडी में हर तरफ कट्टों के अंबार लगे हुए हैं। मंडी में खरीदे गए माल का उठान न होने के कारण किसानों को अपनी गेहूं मंडियों से बाहर डालनी पड़ रही है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी ने कहा कि अनाज मंडी में किसानों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का जिम्मा मार्केट कमेटी का है, जिसे गेहूं और धान के सीजन के दौरान लगभग नौ करोड़ रुपये की मार्केट फीस जाती है। लेकिन पूंडरी मंडी में पानी के निकासी तक का बंदोबस्त नहीं है।
तेज तूफान व बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की चिंताएं
राजौंद। वीरवार सुबह आए तेज तूफान व बूंदाबांदी से आम जन मानस के साथ साथ किसानों, वाहन चालकों व दुकानदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तेज आंधी से जहां सड़कों पर बड़े बड़े वृक्षों के गिर जाने से यातायात प्रभावित हुआ, वहीं दुकानों के सामने लगे छप्पर भी आंधी की चपेट में आकर दूर दूर तक बिखर गए। तेज आंधी व बूंदाबांदी से खेतों में गेहूं की कटाई का कार्य भी प्रभावित हुए बिना नही रह सका। बूंदाबांदी व तेज आंधी के चलते मंडी बाजार व यातायात सब कुछ ठहर सा गया। कई मार्गों पर वृक्ष गिर जाने से घंटों तक यातायात रुका रहा। वही खेतों में गेहूं कटाई के लिए गए किसान व मजदूर भी खाली बैठे दिखाई दिए।