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घर पहुंचा राहुल का शव किया गया अंतिम संस्कार
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कैथल। मलिक नगर निवासी राहुल का शव बृहस्पतिवार रात पुर्तगाल से घर पहुंचा। परिजनों ने शुक्रवार को गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। वह करीब तीन महीने पहले रोजगार के सिलसिले में पुर्तगाल गया था।
परिजनों के मुताबिक, वहां पर समुद्र के बीच पर नहाते समय उसकी डूबने से मौत हो गई। जानकारी मिलने पर उसका शव वहां से देश में लाने के लिए घर वालों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। डीसी प्रदीप दहिया ने मानवीय संवेदना में एंबुलेंस की मदद दी। तब परिजन दिल्ली से उसका शव यहां लेकर आ सके। राहुल के चचेरे भाई सन्नी ने बताया कि राहुल का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। डीसी ने रेडक्रॉस से दिल्ली तक एंबुलेंस की सुविधा स्वीकृत की थी। राहुल का शव घर पहुंचते ही वहां कोहराम मच गया।
राहुल के पिता की आठ साल पहले मौत हो चुकी थी। घर पर मां सुरेश कुमारी और राहुल की दो बहनें हैं। जब रोजगार के सिलसिले में राहुल पुर्तगाल गया था तब परिजनों को दिन फिरने की उम्मीद जगी थी लेकिन सारे सपने ध्वस्त हो गए।
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परिजनों के मुताबिक, वहां पर समुद्र के बीच पर नहाते समय उसकी डूबने से मौत हो गई। जानकारी मिलने पर उसका शव वहां से देश में लाने के लिए घर वालों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। डीसी प्रदीप दहिया ने मानवीय संवेदना में एंबुलेंस की मदद दी। तब परिजन दिल्ली से उसका शव यहां लेकर आ सके। राहुल के चचेरे भाई सन्नी ने बताया कि राहुल का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। डीसी ने रेडक्रॉस से दिल्ली तक एंबुलेंस की सुविधा स्वीकृत की थी। राहुल का शव घर पहुंचते ही वहां कोहराम मच गया।
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राहुल के पिता की आठ साल पहले मौत हो चुकी थी। घर पर मां सुरेश कुमारी और राहुल की दो बहनें हैं। जब रोजगार के सिलसिले में राहुल पुर्तगाल गया था तब परिजनों को दिन फिरने की उम्मीद जगी थी लेकिन सारे सपने ध्वस्त हो गए।
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