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Kaithal News: मनोचिकित्सक डॉ. विनय कर रहे जागरूक
Tue, 03 Dec 2024 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 03 Dec 2024 02:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत डॉ. विनय गुप्ता भी नशे के खिलाफ लोगों के लिए एक नजीर बने हैं। वह अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग में बतौर मूल्यांकन एवं निगरानी अधिकारी कार्यरत हैं।
उनकी नियुक्ति वर्ष 2018 में हुई थी। तब से लेकर अब तक वे डॉ. गर्ग नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम के तहत पूरे प्रदेश में दो हजार से अधिक शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों सहित अन्य युवाओं को जागरूक कर चुके हैं। यही नहीं, डॉ. गुप्ता जिला नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों को भी नशे के खिलाफ जागरूक कर चुके हैं।
इतना ही नहीं डॉ. विनय पिछले छह साल में 537 लोगों को नशे की लत से बाहर निकाल चुके हैं। इस मामले में डॉ. गुप्ता ने कहा कि वे केवल आमजन सहित या जो नशे की लत में होते हैं, उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से केवल नशे के दुष्प्रभाव बताने का ही कार्य करते हैं। इसमें ही काफी युवा जागरूक होते हैं।
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बोले, सिगरेट पीने से लेकर मोबाइल की लत भी है बड़ा नशा ः डॉ. विनय ने बताया कि अक्सर लोग बीड़ी, सिगरेट को नशा का माध्यम नहीं मानते हैं, लेकिन बीड़ी, सिगरेट पीने से लेकर मोबाइल की लत लगना भी बड़ा नशा है। उन्होंने बताया कि वे जागरूकता कार्यक्रम में बताते हैं कि नशा कैसे एक जिंदगी को बर्बाद कर देता है।
उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में उनके पास ऐसे युवक भी आते हैं, जिनकी आयु महज 10 से 12 साल की होती है। ऐसे करीब आधा दर्जन केस हैं, जिन्हें वे नशा छुड़वाने के उद्देश्य से प्रति सप्ताह में जागरूक कर रहे हैं। डॉ. विनय ने बताया कि उन्हें नशे के कारण होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी जाती है।
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत डॉ. विनय गुप्ता भी नशे के खिलाफ लोगों के लिए एक नजीर बने हैं। वह अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग में बतौर मूल्यांकन एवं निगरानी अधिकारी कार्यरत हैं।
उनकी नियुक्ति वर्ष 2018 में हुई थी। तब से लेकर अब तक वे डॉ. गर्ग नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम के तहत पूरे प्रदेश में दो हजार से अधिक शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों सहित अन्य युवाओं को जागरूक कर चुके हैं। यही नहीं, डॉ. गुप्ता जिला नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों को भी नशे के खिलाफ जागरूक कर चुके हैं।
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इतना ही नहीं डॉ. विनय पिछले छह साल में 537 लोगों को नशे की लत से बाहर निकाल चुके हैं। इस मामले में डॉ. गुप्ता ने कहा कि वे केवल आमजन सहित या जो नशे की लत में होते हैं, उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से केवल नशे के दुष्प्रभाव बताने का ही कार्य करते हैं। इसमें ही काफी युवा जागरूक होते हैं।
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बोले, सिगरेट पीने से लेकर मोबाइल की लत भी है बड़ा नशा ः डॉ. विनय ने बताया कि अक्सर लोग बीड़ी, सिगरेट को नशा का माध्यम नहीं मानते हैं, लेकिन बीड़ी, सिगरेट पीने से लेकर मोबाइल की लत लगना भी बड़ा नशा है। उन्होंने बताया कि वे जागरूकता कार्यक्रम में बताते हैं कि नशा कैसे एक जिंदगी को बर्बाद कर देता है।
उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में उनके पास ऐसे युवक भी आते हैं, जिनकी आयु महज 10 से 12 साल की होती है। ऐसे करीब आधा दर्जन केस हैं, जिन्हें वे नशा छुड़वाने के उद्देश्य से प्रति सप्ताह में जागरूक कर रहे हैं। डॉ. विनय ने बताया कि उन्हें नशे के कारण होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी जाती है।