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हरियाणा में रेड एंट्री को लेकर विरोध तेज: किसान बोले- 22 अक्तूबर को जताएंगे विरोध, कैथल में दो किसान गिरफ्तार

Sun, 20 Oct 2024 03:16 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला/कैथल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला/कैथल (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sun, 20 Oct 2024 03:16 PM IST
सार

भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने कहा कि पराली का कोई समाधान न होने के कारण किसान पराली जलाने पर मजबूर है। किसान के खेत से समय पर फसल अवशेष प्रबंधन नहीं किया जा रहा, इस वजह से उनकी आलू, सरसों की फसल लेट हो रही है।

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Protests intensify in Haryana over red entry, protest on October 22, two farmers arrested in Kaithal
किसान - फोटो : संवाद

विस्तार

अंबाला सिटी में शंभू सीमा पर रोहतक से पहुंचे किसान नेता अशोक बलहारा ने सरकार को चेताया। उन्होंने मंडियों में खरीद न होने व सरकार के जारी फरमान को लेकर 22 अक्तूबर को प्रदर्शन की बात भी कही। उन्होंने कहा कि शंभू सीमा पर मोर्चा को 13 फरवरी से लेकर अब तक 250 दिन पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह ने पहली कलम से किसान विरोधी फैसला लिया है कि जिस किसान ने पराली जलाई, उनको मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रेड एंट्री किया जाएगा।

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वह दो वर्ष तक एमएसपी पर अपनी फसल नहीं बेच पाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चुनाव में वायदा कर रहे थे कि उन्होंने 24 फसलों पर एमएसपी दी है। दूसरी तरफ किसान को एमएसपी से महरूम रखने की प्लानिंग की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग कि मंडियों से धान की खरीद जल्द की जाए और नमी ज्यादा होने का बहाना न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर किसान को रेड एंट्री के फरमान को लेकर 22 अक्तूबर को किसान प्रदर्शन करेंगे।
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भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने कहा कि पराली का कोई समाधान न होने के कारण किसान पराली जलाने पर मजबूर है। किसान के खेत से समय पर फसल अवशेष प्रबंधन नहीं किया जा रहा, इस वजह से उनकी आलू, सरसों की फसल लेट हो रही है। उन एरिया में ज्यादा दिक्कत आ रही है, जहां किसान को चेन वाली कंबाइन से फसल कटवानी पड़ रही है। वहां फसल अवशेष प्रबंधन भी नहीं हो पा रहा, क्योंकि वहां खेत गीले पड़े हैं। सरकार ऐसे फरमान जारी कर किसानों पर दवाब बनाना चाहती है। इसको लेकर किसान 22 अक्तूबर को प्रदर्शन कर सरकार के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।

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ढांड थाना क्षेत्र के दो किसान गिरफ्तार

पराली जलाने पर सख्त कैथल का जिला प्रशासन सख्त हो गया है। इसके तहत प्रशासन के आदेशों पर पुलिस ने रविवार को ढांड थाना क्षेत्र के दो किसानों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि अब तक जिले में 11 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें गुहला में चार और पूंडरी में छह किसानों पर केस दर्ज किए गए। वहीं, प्रशासन ने अन्य किसानों की भी जल्द गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि रविवार को जिला सचिवालय में बढ़ रहे वायु प्रदूषण के स्तर व पराली जलाने की घटनाओं को लेकर डीसी व अन्य अधिकारियों की मुख्य सचिव ने वीडियों कांफ्रेस के माध्यम से बैठक ली थी। बैठक में पराली जलाने के मामले में किसानों को सीधा गिरफ्तारी के आदेश दिए। वहीं, शनिवार रात तक जिले में पराली जलाने के अब तक 123 मामले आए हैं।  अब तक कृषि विभाग के कुल 13 कर्मियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। इसमें अब तक जिले में दो लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी किसानों पर लगाया गया है। 

कैथल के कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. बाबूराम ने बताया कि जिले में अब तक पराली जलाने के 123 मामले सामने आ चुके है। इनमें से 63 किसानों पर जुर्माना लगा कर दो लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। पराली जलाने वाले 11 किसानों के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 11 एफआईआर दर्ज करवाई गई हैं। वहीं, डीएसपी वीरभान ने बताया कि सरकार के आदेश अनुसार उन्होंने संबंधित थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि जिन किसानों के पर पराली जलाने के मामले दर्ज हुए हैं, उनकी जल्द गिरफ्तारी की जाए।

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