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महिला राज्यमंत्री कमेलश ढांडा के आवास के बाहर से आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को खदेड़ा
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protest
- फोटो : Kaithal
राज्यमंत्री कमेलश ढांडा के आवास पर शनिवार सांय आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के साथ पुलिस की धक्कामुक्की के बाद आक्रोशित वर्कर्स ने मंगलवार को दोबारा प्रदर्शन करने का एलान किया है। वर्कर्स को खदेड़ने का आदेश देने वाले एसडीएम कैथल संजय कुमार के खिलाफ आक्रोशित महिलाओं ने जमकर भड़ास निकालीं। फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा ने ऐलान किया है कि बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ऐसे आदेश देने वाले एसडीएम के खिलाफ महिला आयोग को शिकायत की जाएगी। वहीं मामले में एसडीएम ने कहा कि बिना अनुमति के प्रदर्शन करने की किसी को इजाजत नहीं हैं।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स शनिवार दोपहर से ही राज्यमंत्री के आवास के बाहर धरना दे रही थीं। राज्य महासचिव शकुंतला व फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा उषा नेतृत्व कर रही थीं। करीब पांच बजे एसडीएम संजय कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार सुदेश रानी व पुलिस बल मौके पर मौजूद था। करीब पांच बजे अचानक आवास के बाहर धरना दे रही वर्कर्स को महिला पुलिस कर्मियों ने वहां से हटाना शुरू कर दिया। करीब पंद्रह से बीस मिनट तक दोनों पक्षों में जमकर धक्कामुक्की व खींचतान हुईं। महिला पुलिस कर्मियों के पीछे पुरुष पुलिस कर्मी भी पूरी तरह से खदेड़ने की कार्रवाई में शामिल रहे। इस दौरान महिला कर्मियों के कानों की बालियां, जुराबें व अन्य सामान भी बिखर गया। बाद में सर्व कर्मचारी संघ के नेता सतबीर गोयत व अन्य भी मौके पर पहुंच गए। तमाम प्रयासों के बावजूद प्रदर्शनकारी महिलाओं को पुलिस चंद कदमों तक ही खदेड़ पाईं । बाद में आक्रोशित वर्कर्स ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर मंगलवार को मंत्री के आवास का घेराव करने का ऐलान कर अपना धरना समाप्त कर दिया।
राष्ट्रीय अध्यक्षा आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर फेडरेशन उषा ने कहा कि जिस एसडीएम ने धक्कामुक्की के आदेश दिए हैं, उसकी निंदा करते हैं। हरियाणा के महिला आयोग से मांग करते हैं कि ऐसे अधिकारी जिसने औरतों के साथ बदतमीजी से बात की, महिलाओं को खदेड़ने को कहा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस का कोई कुसूर नहीं है। पुलिस कर्मचारी आदेशों की पालना कर रहे थे। एसडीएम संजय कुमार पर केस दर्ज करने की धमकी भी देने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस धक्कामुक्की में औरतों के कपड़े फटे हैं। पैरों से जुराब, कान की टूम गुम हो गई। राज्य महासचिव शकुंतला ने कहा कि वर्कर्स केवल मंत्री के आश्वासन अनुसार डायरेक्टर से बैठक करवाने की मांग कर रही हैं। लेकिन जो यह धक्कामुक्की की गई है, उसके विरोध में मंगलवार को पूरे जिले की वर्कर्स मंत्री आवास का घेराव करेंगी।
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उधर, एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि धरना प्रदर्शन का सभी को अधिकार है। लेकिन बिना अनुमति व जहां चाहे वहां धरना नहीं दिया जा सकता। तहसीलदार मैडम ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट थीं। प्रदर्शनकारियों को मंत्री के आवास के बाहर हटाने का प्रयास किया गया है। महिला आयोग से शिकायत के सवाल पर उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता सभी का अधिकार है, जहां चाहें शिकायत करें।
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आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स शनिवार दोपहर से ही राज्यमंत्री के आवास के बाहर धरना दे रही थीं। राज्य महासचिव शकुंतला व फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा उषा नेतृत्व कर रही थीं। करीब पांच बजे एसडीएम संजय कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार सुदेश रानी व पुलिस बल मौके पर मौजूद था। करीब पांच बजे अचानक आवास के बाहर धरना दे रही वर्कर्स को महिला पुलिस कर्मियों ने वहां से हटाना शुरू कर दिया। करीब पंद्रह से बीस मिनट तक दोनों पक्षों में जमकर धक्कामुक्की व खींचतान हुईं। महिला पुलिस कर्मियों के पीछे पुरुष पुलिस कर्मी भी पूरी तरह से खदेड़ने की कार्रवाई में शामिल रहे। इस दौरान महिला कर्मियों के कानों की बालियां, जुराबें व अन्य सामान भी बिखर गया। बाद में सर्व कर्मचारी संघ के नेता सतबीर गोयत व अन्य भी मौके पर पहुंच गए। तमाम प्रयासों के बावजूद प्रदर्शनकारी महिलाओं को पुलिस चंद कदमों तक ही खदेड़ पाईं । बाद में आक्रोशित वर्कर्स ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर मंगलवार को मंत्री के आवास का घेराव करने का ऐलान कर अपना धरना समाप्त कर दिया।
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राष्ट्रीय अध्यक्षा आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर फेडरेशन उषा ने कहा कि जिस एसडीएम ने धक्कामुक्की के आदेश दिए हैं, उसकी निंदा करते हैं। हरियाणा के महिला आयोग से मांग करते हैं कि ऐसे अधिकारी जिसने औरतों के साथ बदतमीजी से बात की, महिलाओं को खदेड़ने को कहा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस का कोई कुसूर नहीं है। पुलिस कर्मचारी आदेशों की पालना कर रहे थे। एसडीएम संजय कुमार पर केस दर्ज करने की धमकी भी देने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस धक्कामुक्की में औरतों के कपड़े फटे हैं। पैरों से जुराब, कान की टूम गुम हो गई। राज्य महासचिव शकुंतला ने कहा कि वर्कर्स केवल मंत्री के आश्वासन अनुसार डायरेक्टर से बैठक करवाने की मांग कर रही हैं। लेकिन जो यह धक्कामुक्की की गई है, उसके विरोध में मंगलवार को पूरे जिले की वर्कर्स मंत्री आवास का घेराव करेंगी।
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उधर, एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि धरना प्रदर्शन का सभी को अधिकार है। लेकिन बिना अनुमति व जहां चाहे वहां धरना नहीं दिया जा सकता। तहसीलदार मैडम ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट थीं। प्रदर्शनकारियों को मंत्री के आवास के बाहर हटाने का प्रयास किया गया है। महिला आयोग से शिकायत के सवाल पर उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता सभी का अधिकार है, जहां चाहें शिकायत करें।

protest- फोटो : Kaithal