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पीआर धान की खरीद नहीं किए जाने से किसानों ने की नारेबाजी
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एक सप्ताह से धान की खरीद न किए जाने से परेशान किसानों ने शनिवार को अनाजमंडी में रोष जताया। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की। वहीं हैफेड कर्मचारियों और प्रबंधन पर परेशान करने का आरोप लगाया।
अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे किसान संतराम, राजेश कुमार, श्याम सिंह, राहुल, विजय कुमार, नीरज, रामफल, शिव कुमार, राजेंद्र, महावीर, पवन कुमार, कुलदीप, हरदीप, नफे सिंह, प्रीतम, सोमबीर नैन ने बताया कि वे 6 दिन से कलायत अनाज मंडी में अपनी पीआर धान लेकर आए हुए हैं। अनाज मंडी में हैफेड की ओर से एक दिन छोड़कर एक दिन खरीद की जा रही है। वहीं कई आढ़तियों से भेदभाव किया जा रहा है। धान में जानबूझकर नमी दिखाकर सस्ते भाव में बाजार में बिकने के लिए छोड़ा जा रहा है। जबकि उससे भी ज्यादा नमी वाली धान को मंडी के दूसरे आढ़तियों से खरीदा जा रहा है। किसानों ने कहा कि उनकी धान की खरीद न होने पर उन्हें अनाज मंडी में कई दिनों तक अपनी फसल की निगरानी करनी पड़ रही है। उन्होंने प्रबंधक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
हैफेड मैनेजर सुखदीप सिंह ने कहा कि किसानों द्वारा खरीद न किए जाने के लगाए गए आरोप निराधार हैं। कलायत अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे कुछ किसान धान की सही से सफाई नहीं की गई है जिसके कारण धान में फूंस व चावल के टुकड़ों के सरकारी खरीद नियमों से अधिक होने के कारण धान की खरीद नहीं की गई। उन्होंने बताया कि सरकारी नियमों के अनुसार कलायत अनाज मंडी में बिजली के पंखों से फसलों की सफाई नहीं करवाई जाती। कुछ किसानों की धान में फूस की व चावल के टुकड़ों के अधिक होने के कारण धान की खरीद नहीं हो पाई है।
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अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे किसान संतराम, राजेश कुमार, श्याम सिंह, राहुल, विजय कुमार, नीरज, रामफल, शिव कुमार, राजेंद्र, महावीर, पवन कुमार, कुलदीप, हरदीप, नफे सिंह, प्रीतम, सोमबीर नैन ने बताया कि वे 6 दिन से कलायत अनाज मंडी में अपनी पीआर धान लेकर आए हुए हैं। अनाज मंडी में हैफेड की ओर से एक दिन छोड़कर एक दिन खरीद की जा रही है। वहीं कई आढ़तियों से भेदभाव किया जा रहा है। धान में जानबूझकर नमी दिखाकर सस्ते भाव में बाजार में बिकने के लिए छोड़ा जा रहा है। जबकि उससे भी ज्यादा नमी वाली धान को मंडी के दूसरे आढ़तियों से खरीदा जा रहा है। किसानों ने कहा कि उनकी धान की खरीद न होने पर उन्हें अनाज मंडी में कई दिनों तक अपनी फसल की निगरानी करनी पड़ रही है। उन्होंने प्रबंधक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
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हैफेड मैनेजर सुखदीप सिंह ने कहा कि किसानों द्वारा खरीद न किए जाने के लगाए गए आरोप निराधार हैं। कलायत अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे कुछ किसान धान की सही से सफाई नहीं की गई है जिसके कारण धान में फूंस व चावल के टुकड़ों के सरकारी खरीद नियमों से अधिक होने के कारण धान की खरीद नहीं की गई। उन्होंने बताया कि सरकारी नियमों के अनुसार कलायत अनाज मंडी में बिजली के पंखों से फसलों की सफाई नहीं करवाई जाती। कुछ किसानों की धान में फूस की व चावल के टुकड़ों के अधिक होने के कारण धान की खरीद नहीं हो पाई है।
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