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कचरे से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट लटका
अमर उजाला कैथ्ाल
Updated Tue, 15 Apr 2014 12:49 AM IST
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कैथल। नगर परिषद ने शहर से एकत्रित होने वाले कचरे से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट लगाने की एक योजना तैयार की थीं, जो फिलहाल ठंडे बस्ते में हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पूना में यह प्रोजेक्ट सफल नहीं होने के कारण यहां भी लटक भी सकता है। इसका मुख्य कारण प्रोजेक्ट के संबंध में उपयोग की जानी वाली तकनीक है। इस तकनीक की सफलता पर ही प्रश्न चिन्ह लगने के कारण ही स्थानीय निकाय विभाग ज्यादा रिस्क लेने के मूड में नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में शहर में कचरा प्रबंधन की समस्या का समाधान में थोड़ी मुश्किल होगी।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद की ओर से शहर में कचरे से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट लगाने को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए परिषद ने 5 एकड़ भूमि निशुल्क देने का प्रस्ताव रखा था। इस भूमि पर पूना में कचरे से बिजली पर आधारित प्रोजेक्ट लगा चुकी कंपनी को करीब 2 करोड़ रुपये की लागत का बिजली उत्पादन प्लांट लगाना है। इसके लिए पूना की एक कंपनी को टेंडर भी अलॉट कर दिया गया था। जिसके तहत शहर भर से कचरे को उठाकर कंपनी को कचरा मुहैया करवाया जाना था। ताकि प्रोजेक्ट से बिजली बनाकर शहर में आपूर्ति की जा सके। प्लानिंग के अनुसार इस प्रोजेक्ट से शहर की बिजली की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
विभागीय अधिकारियों ने उठाए सवाल
स्थानीय निकाय विभाग के सूत्रों के अनुसार विभाग के आला अधिकारियों को शहर से कचरा उठाकर परिषद की ओर से कंपनी को कचरा उपलब्ध करवाने की योजना जमी नहीं। अधिकारियों का कहना है कि कचरे को एकत्रित करने का जिम्मा भी संबंधित कंपनी ही संभाले। ताकि परिषद का कचरा एकत्रित करने का खर्च भी बच सके। दूसरा कारण पूना में लगा यह प्रोजेक्ट वहां अभी तक सफल नहीं हो पाया है। ऐसे में कैथल में लगाए जाने वाले प्रोजैक्ट की सफलता भी संदेह के घेरे में है। आला अधिकारी इस बात को सुनिश्चित कर लेना चाहते हैं कि यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से सफल हो। ताकि नुकसान न उठाना पड़े। इन दोनों बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए फिल्हाल आगामी आदेशों तक यह प्रोजेक्ट लटक गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कचरा प्रबंधन के लिए स्थानीय निकाय विभाग दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसके चलते यह प्रोजेक्ट रद्द भी हो सकता है।
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इस संबंध में सफाई आंदोलन से जुड़े पुनीत चौधरी एडवोकेट का कहना है कि कचरा प्रबंधन को लेकर कोई ठोस योजना नहीं हैं। जिस कारण इस कार्य पर करोड़ों रुपये खर्च होने हैं। लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वर्जन
उच्च अधिकारियों ने बिजली पर आधारित प्रोजेक्ट की सफलता पर और अधिक अध्ययन करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों के निर्देशानुसार ही प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल पांच एकड़ भूमि की चारदीवारी करवा दी गई है। कचरा प्रबंधन के दूसरे उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
ठाकुर लाल शर्मा, कार्यकारी अभियंता ,नगर परिषद।
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जानकारी के अनुसार नगर परिषद की ओर से शहर में कचरे से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट लगाने को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए परिषद ने 5 एकड़ भूमि निशुल्क देने का प्रस्ताव रखा था। इस भूमि पर पूना में कचरे से बिजली पर आधारित प्रोजेक्ट लगा चुकी कंपनी को करीब 2 करोड़ रुपये की लागत का बिजली उत्पादन प्लांट लगाना है। इसके लिए पूना की एक कंपनी को टेंडर भी अलॉट कर दिया गया था। जिसके तहत शहर भर से कचरे को उठाकर कंपनी को कचरा मुहैया करवाया जाना था। ताकि प्रोजेक्ट से बिजली बनाकर शहर में आपूर्ति की जा सके। प्लानिंग के अनुसार इस प्रोजेक्ट से शहर की बिजली की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
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विभागीय अधिकारियों ने उठाए सवाल
स्थानीय निकाय विभाग के सूत्रों के अनुसार विभाग के आला अधिकारियों को शहर से कचरा उठाकर परिषद की ओर से कंपनी को कचरा उपलब्ध करवाने की योजना जमी नहीं। अधिकारियों का कहना है कि कचरे को एकत्रित करने का जिम्मा भी संबंधित कंपनी ही संभाले। ताकि परिषद का कचरा एकत्रित करने का खर्च भी बच सके। दूसरा कारण पूना में लगा यह प्रोजेक्ट वहां अभी तक सफल नहीं हो पाया है। ऐसे में कैथल में लगाए जाने वाले प्रोजैक्ट की सफलता भी संदेह के घेरे में है। आला अधिकारी इस बात को सुनिश्चित कर लेना चाहते हैं कि यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से सफल हो। ताकि नुकसान न उठाना पड़े। इन दोनों बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए फिल्हाल आगामी आदेशों तक यह प्रोजेक्ट लटक गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कचरा प्रबंधन के लिए स्थानीय निकाय विभाग दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसके चलते यह प्रोजेक्ट रद्द भी हो सकता है।
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इस संबंध में सफाई आंदोलन से जुड़े पुनीत चौधरी एडवोकेट का कहना है कि कचरा प्रबंधन को लेकर कोई ठोस योजना नहीं हैं। जिस कारण इस कार्य पर करोड़ों रुपये खर्च होने हैं। लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वर्जन
उच्च अधिकारियों ने बिजली पर आधारित प्रोजेक्ट की सफलता पर और अधिक अध्ययन करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों के निर्देशानुसार ही प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल पांच एकड़ भूमि की चारदीवारी करवा दी गई है। कचरा प्रबंधन के दूसरे उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
ठाकुर लाल शर्मा, कार्यकारी अभियंता ,नगर परिषद।