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Kaithal News: ऑनलाइन भुगतान शुरू होते ही अस्पताल में आईं दिक्कतें, कर्मचारी काउंटरों पर छिपाते रहे क्यूआर कोड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 01:55 AM IST
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Problems arose at the hospital as soon as online payments were introduced; staff kept the QR codes hidden at the counters.
रजिस्ट्रेशन काउंटर के बाहर चस्पा किए गए क्यूआर कोड। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। मरीजों को नकद भुगतान से राहत देने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा तो शुरू कर दी गई, लेकिन पहले ही दिन व्यवस्था में खामियां सामने आने लगीं। फीस काउंटर पर क्यूआर कोड होने के बावजूद उसे नीचे छिपाकर रखा गया था। कर्मचारियों का कहना था कि क्यूआर कोड सक्रिय नहीं हुआ है, जबकि कार्यकारी पीएमओ डॉ. दिनेश कंसल के अनुसार ऑनलाइन भुगतान शुरू हो चुका है। रजिस्ट्रेशन काउंटर के बाहर भी क्यूआर कोड चस्पा था, लेकिन वहां ऑनलाइन भुगतान नहीं लिया जा रहा था। ऐसे में नई सुविधा का लाभ लेने पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कर्मचारियों के अनुसार, ऑनलाइन भुगतान का रिकॉर्ड रखने के लिए हर ट्रांजेक्शन की जानकारी रजिस्टर में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे काम का बोझ बढ़ गया है। एक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पूरा करने में दो से पांच मिनट लग सकते हैं, जबकि नकद भुगतान में कम समय लगता है। अस्पताल में पहले से ही मरीजों की भीड़ रहती है। ऐसे में भुगतान प्रक्रिया लंबी होने से काउंटरों पर इंतजार बढ़ने की आशंका है।
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कंप्यूटर में नहीं है ऑनलाइन भुगतान का विकल्प
अस्पताल के रजिस्ट्रेशन, फीस और इमरजेंसी में फीस व एमएलसी काउंटरों पर लगे कंप्यूटरों में ऑनलाइन भुगतान का विकल्प उपलब्ध नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि यह सुविधा कंप्यूटर में जोड़ दी जाए तो भुगतान का रिकॉर्ड अपने आप दर्ज हो सकेगा। फिलहाल उन्हें मरीज का आईडी नंबर, पंजीकरण नंबर और भुगतान का विवरण रजिस्टर में लिखना पड़ेगा।
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हर महीने 2.50 से 3 लाख रुपये जमा
अस्पताल में ओपीडी पंजीकरण, कुछ लैब जांच और एमएलसी के लिए भुगतान लिया जाता है। इन मदों से हर महीने करीब 2.50 से 3 लाख रुपये जमा होते हैं। वहीं, ऑनलाइन भुगतान शुरू होने के बावजूद ऑनलाइन पंजीकरण और अपॉइंटमेंट की सुविधा के लिए मरीजों को अभी इंतजार करना होगा।


परेशानी दूर करने के लिए उठाएंगे जरूरी कदम : डॉ. कंसल

कार्यकारी पीएमओ डॉ. दिनेश कंसल ने बताया कि ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया लागू कर दी गई है। किसी काउंटर पर दिक्कत आ रही है तो उसकी जांच कर जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि मरीजों और कर्मचारियों को परेशानी न हो।
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