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Kaithal News: प्राइमरी स्कूलों को अब रचनात्मक तरीके से दी जाएगी शिक्षा
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कुलदीप प्रजापति
कैथल। जिले के प्राइमरी स्कूलों में तैनात शिक्षक अब विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए लकड़ी से बने उपकरणों, कार्ड, चार्ट आदि से शिक्षा को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही अ से क्या होता है विद्यार्थियों, अ से अनार, वाह आपने बिल्कुल सही जवाब दिया, अनार का नियमित सेवन करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। चित्र में यह देख रहे हो विद्यार्थियों, इसे नल कहते हैं। नल हम सभी के घर में लगा है, जिसमें से पानी आता है। इस तरह से विद्यार्थी अब प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ेंगे।
नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020 ) के तहत विद्यार्थियों को खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा। इसको लेकर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थी रटने की बजाय रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से खेल खेल में अक्षरों का ज्ञान सीखेंगे। प्राथमिक शिक्षा को आसान बनाने के उद्देश्य से विभाग की तरफ से पहले शिक्षकों को एफएलएन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण देने के बाद नए सत्र में नए तरीके से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत शिक्षकों को पढ़ाने का नया तरीका सिखाया जा रहा है। अब शिक्षक विद्यार्थियों को खास अंदाज से पढ़ाएंगे। इसके लिए शिक्षक अध्यापन सामग्री भी तैयार कर रहे हैं।
शिक्षक तैयार कर रहे टीचिंग लर्निंग-प्रशिक्षण के दौरान मास्टर प्रशिक्षकों द्वारा गत्तों, पत्तों, माचिस की तिल्ली सहित अन्य चीजों से शिक्षकों से टीचिंग लर्निंग सामग्री तैयार कराई जा रही हैं। अपनी कक्षाओं में शिक्षक इन शिक्षण सामग्री का उपयोग करके विद्यार्थियों को आसानी से अक्षरों का ज्ञान करवा पाएंगे। इसके अलावा पाठ्यक्रम समावेशी गतिविधियां भी शिक्षकों को सिखाई जा रही हैं। संवाद
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लंबे समय तक याद रहेगा
शिक्षा विभाग की ओर से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों में समझ को विकसित करने उद्देश्य से शिक्षकों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिक्षकों को बताया जा रहा है कि वह विद्यार्थियों को अक्षर ज्ञान कैसे कराएं, जिसे वह रटे नहीं बल्कि समझें और लंबे समय तक उसको याद रखें।
1800 शिक्षक लेंगे एफएलएन की ट्रेनिंग
एफएलएन कोऑर्डिनेटर सुनील दत्त ने कहा कि उपकरणों, कार्ड, चार्ट की सहायता से विद्यार्थियों को कैसे पढ़ाया जाए? इसके संबंध में जिले के 1800 प्राथमिक शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब तक 600 शिक्षक प्रशिक्षण ले चुके हैं। यह प्रशिक्षण छह दिन का होता है, जिसमें से तीन दिन हिंदी व तीन दिन में अंग्रेजी में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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कैथल। जिले के प्राइमरी स्कूलों में तैनात शिक्षक अब विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए लकड़ी से बने उपकरणों, कार्ड, चार्ट आदि से शिक्षा को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही अ से क्या होता है विद्यार्थियों, अ से अनार, वाह आपने बिल्कुल सही जवाब दिया, अनार का नियमित सेवन करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। चित्र में यह देख रहे हो विद्यार्थियों, इसे नल कहते हैं। नल हम सभी के घर में लगा है, जिसमें से पानी आता है। इस तरह से विद्यार्थी अब प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ेंगे।
नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020 ) के तहत विद्यार्थियों को खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा। इसको लेकर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थी रटने की बजाय रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से खेल खेल में अक्षरों का ज्ञान सीखेंगे। प्राथमिक शिक्षा को आसान बनाने के उद्देश्य से विभाग की तरफ से पहले शिक्षकों को एफएलएन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण देने के बाद नए सत्र में नए तरीके से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत शिक्षकों को पढ़ाने का नया तरीका सिखाया जा रहा है। अब शिक्षक विद्यार्थियों को खास अंदाज से पढ़ाएंगे। इसके लिए शिक्षक अध्यापन सामग्री भी तैयार कर रहे हैं।
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शिक्षक तैयार कर रहे टीचिंग लर्निंग-प्रशिक्षण के दौरान मास्टर प्रशिक्षकों द्वारा गत्तों, पत्तों, माचिस की तिल्ली सहित अन्य चीजों से शिक्षकों से टीचिंग लर्निंग सामग्री तैयार कराई जा रही हैं। अपनी कक्षाओं में शिक्षक इन शिक्षण सामग्री का उपयोग करके विद्यार्थियों को आसानी से अक्षरों का ज्ञान करवा पाएंगे। इसके अलावा पाठ्यक्रम समावेशी गतिविधियां भी शिक्षकों को सिखाई जा रही हैं। संवाद
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लंबे समय तक याद रहेगा
शिक्षा विभाग की ओर से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों में समझ को विकसित करने उद्देश्य से शिक्षकों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिक्षकों को बताया जा रहा है कि वह विद्यार्थियों को अक्षर ज्ञान कैसे कराएं, जिसे वह रटे नहीं बल्कि समझें और लंबे समय तक उसको याद रखें।
1800 शिक्षक लेंगे एफएलएन की ट्रेनिंग
एफएलएन कोऑर्डिनेटर सुनील दत्त ने कहा कि उपकरणों, कार्ड, चार्ट की सहायता से विद्यार्थियों को कैसे पढ़ाया जाए? इसके संबंध में जिले के 1800 प्राथमिक शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब तक 600 शिक्षक प्रशिक्षण ले चुके हैं। यह प्रशिक्षण छह दिन का होता है, जिसमें से तीन दिन हिंदी व तीन दिन में अंग्रेजी में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।